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सुबह के वक्त दिल्ली की सड़के है ज्यादा खतरनाक
अंकुर शर्मा, एजेंसी
First Published:14-06-12 09:57 PM
दिल्ली की सड़कें रात से ज्यादा सुबह जानलेवा बनती जा रहीं हैं। आंकड़े बताते हैं कि दिल्ली की सड़कों पर सुबह 4 बजे से 7 बजे तक सबसे ज्यादा लोगों ने दम तोड़ा है। पिछले साल के मुकाबले करीब 20 प्रतिशत ज्यादा लोगों ने इस दौरान अपनी जिंदगी खोई है। इसमें सबसे ज्यादा साइकिल सवार और बाइक सवार हैं।
सड़क दुर्घटनाओं में दिल्ली ट्रैफिक पुलिस को एक नया ट्रेंड देखने को मिल रहा है। दिल्ली रात में सड़क दुघटनाओं में भारी कमी आई है। जहां पिछले वर्ष 31 मई तक देर रात 106 लोगों ने अपनी जान गंवाई थी वहीं इस बार 97 लोगों ने अपनी जान गंवाई है। लेकिन सुबह जानलेवा हादसों का ग्राफ बढ़ने से दिल्ली पुलिस के सामने एक नई चुनौती आ गई है। रात में जहां दिल्ली ट्रैफिक पुलिस सड़कों पर नजर नहीं आती थीं वहीं सुबह के दौरान दिल्ली ट्रैफिक पुलिस कुछ जगह नजर आ जाती है। सबसे ज्यादा वृद्धि सुबह 6 बजे से 7 बजे के बीच हुई है। इस दौरान सड़क दुर्घटनाओं में करीब 40 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि इस समय हुए हादसों में सबसे ज्यादा साईकिल चालकों ने अपनी जान गंवाई है। इसकी सबसे बड़ी वजह यह है कि इस समय दिल्ली की सड़कों पर सबसे ज्यादा साईकिलें होती हैं। दिन में 1 बजे से 2 बजे तक भी करीब 20 प्रतिशत अधिक लोगों ने अपनी जान गंवाई है।इसके अलावा रात 1 बजे से 3 बजे तक भी जानलेवा हादसों में वृद्धि है। पुलिस अब अपने कुछ प्लानों में बदलाव की बात कर रही है।
दफ्तर आते और जाते समय कम हुए हादसे
दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के नए आंकड़े बताते हैं कि सुबह पीक आवर में हादसों में भारी कमी आई है। जहां पिछले वर्ष 8 बजे से 11 बजे तक कुल 196 लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी थी वहीं इस वर्ष यह आंकडा 147 तक पहुंच गया है।
साउथ दिल्ली सबसे सुरक्षित
दिल्ली पुलिस के अांकड़ो की माने तो सबसे ज्यादा सड़क हादसों और जानलेवा हादसों में कमी साउथ दिल्ली में आई है। दिल्ली के सबसे पॉश इलाका और सबसे ज्यादा गाड़ियां होने के बावजूद सबसे तेजी से इसी इलाके में सड़क हादसों में कमी आ रही है। पिछले वर्ष करीब 220 लोगों ने अपनी जान गंवाई थी वहीं इस वर्ष यह आंकड़ा 146 तक पहुंच गया है। यहां तक कि कुल सड़क दुर्घटनाओं में हुई कमी का आधे से ज्यादा प्रतिशत साउथ दिल्ली में हुई सड़क दुर्घटनाओं में आई कमी की वजह से हुआ है।
इस दौरान बढ़े सड़क हादसे
समय
2011 2012
सुबह 4 बजे से 5 बजे तक 16 18
सुबह 5 बजे से 6 बजे तक 27 29
सुबह 6 बजे से 7 बजे तक 16 22
दोपहर 1 बजे से 2 बजे तक 30 35
रात 1 बजे से 2 बजे तक 29 31
रात 2 बजे से 3 बजे तक 19 23 कम हुए सड़क हादसे
सुबह 8 बजे से 9 बजे 36 17
सुबह 10 बजे से 11 बजे 40 24
रात 7 बजे से 8 बजे 43 28
रात 1 बजे से 2 बजे तक 42 30
(सभी अंकड़े 31 मई तक)
सड़क दुर्घटनाओं में दिल्ली ट्रैफिक पुलिस को एक नया ट्रेंड देखने को मिल रहा है। दिल्ली रात में सड़क दुघटनाओं में भारी कमी आई है। जहां पिछले वर्ष 31 मई तक देर रात 106 लोगों ने अपनी जान गंवाई थी वहीं इस बार 97 लोगों ने अपनी जान गंवाई है। लेकिन सुबह जानलेवा हादसों का ग्राफ बढ़ने से दिल्ली पुलिस के सामने एक नई चुनौती आ गई है। रात में जहां दिल्ली ट्रैफिक पुलिस सड़कों पर नजर नहीं आती थीं वहीं सुबह के दौरान दिल्ली ट्रैफिक पुलिस कुछ जगह नजर आ जाती है। सबसे ज्यादा वृद्धि सुबह 6 बजे से 7 बजे के बीच हुई है। इस दौरान सड़क दुर्घटनाओं में करीब 40 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि इस समय हुए हादसों में सबसे ज्यादा साईकिल चालकों ने अपनी जान गंवाई है। इसकी सबसे बड़ी वजह यह है कि इस समय दिल्ली की सड़कों पर सबसे ज्यादा साईकिलें होती हैं। दिन में 1 बजे से 2 बजे तक भी करीब 20 प्रतिशत अधिक लोगों ने अपनी जान गंवाई है।इसके अलावा रात 1 बजे से 3 बजे तक भी जानलेवा हादसों में वृद्धि है। पुलिस अब अपने कुछ प्लानों में बदलाव की बात कर रही है।
दफ्तर आते और जाते समय कम हुए हादसे
दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के नए आंकड़े बताते हैं कि सुबह पीक आवर में हादसों में भारी कमी आई है। जहां पिछले वर्ष 8 बजे से 11 बजे तक कुल 196 लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी थी वहीं इस वर्ष यह आंकडा 147 तक पहुंच गया है।
साउथ दिल्ली सबसे सुरक्षित
दिल्ली पुलिस के अांकड़ो की माने तो सबसे ज्यादा सड़क हादसों और जानलेवा हादसों में कमी साउथ दिल्ली में आई है। दिल्ली के सबसे पॉश इलाका और सबसे ज्यादा गाड़ियां होने के बावजूद सबसे तेजी से इसी इलाके में सड़क हादसों में कमी आ रही है। पिछले वर्ष करीब 220 लोगों ने अपनी जान गंवाई थी वहीं इस वर्ष यह आंकड़ा 146 तक पहुंच गया है। यहां तक कि कुल सड़क दुर्घटनाओं में हुई कमी का आधे से ज्यादा प्रतिशत साउथ दिल्ली में हुई सड़क दुर्घटनाओं में आई कमी की वजह से हुआ है।
इस दौरान बढ़े सड़क हादसे
समय
2011 2012
सुबह 4 बजे से 5 बजे तक 16 18
सुबह 5 बजे से 6 बजे तक 27 29
सुबह 6 बजे से 7 बजे तक 16 22
दोपहर 1 बजे से 2 बजे तक 30 35
रात 1 बजे से 2 बजे तक 29 31
रात 2 बजे से 3 बजे तक 19 23 कम हुए सड़क हादसे
सुबह 8 बजे से 9 बजे 36 17
सुबह 10 बजे से 11 बजे 40 24
रात 7 बजे से 8 बजे 43 28
रात 1 बजे से 2 बजे तक 42 30
(सभी अंकड़े 31 मई तक)
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