मनमोहन ने उत्तराखंड को 1000 करोड़ देने का किया ऐलान बिग बॉस: सिख भावनाओं के अपमान मामले में फैसला नहीं मोदी तानाशाह हैं और राजनाथ चालाक: सुधीन्द्र कुलकर्णी ममता ने माकपा पर हत्या की साजिश का आरोप लगाया दिल्ली सरकार को अफजल की फांसी की सूचना थी: केंद्र गंगा को राष्ट्रीय धरोहर घोषित किये जाने की मांग उठी नीतीश ने हासिल किया विश्वास मत, कांग्रेस ने दिया साथ
नीतीश ने हासिल किया विश्वास मत, कांग्रेस ने दिया साथ
राजा भैया का होगा पॉलीग्राफ परीक्षण, अदालत की इजाजत राजा भैया का होगा पॉलीग्राफ परीक्षण, अदालत की इजाजत
यूपी में पिछले पांच साल में रहा जंगलराज: राज्यपाल
विशेष संवाददाता लखनऊ
First Published:28-05-12 10:45 PM
उत्तर प्रदेश के राज्यपाल बी.एल. जोशी ने सूबे के पिछले पांच वर्षो के शासनकाल को भ्रष्टतम और जंगल राज करार देते हुए कहा कि इस दौरान प्रदेश की जनता को पत्थर, मूर्ति और स्मारक के सिवा कुछ भी नहीं मिला।
देश के इतिहास में सबसे बड़े भ्रष्टाचार, निदरेष लोगों के उत्पीड़न और जंगल राज का प्रदेश गवाह बना है। इस दौरान राजनैतिक अधोपतन के चलते पूरे राज्य को शर्मसार कर देने वाली अनेक घटनाएं हुईं। अब नई सरकार की पहली प्राथमिकता कानून और व्यवस्था को चुस्त दुरुस्त करके प्रदेश के विकास की गाड़ी को पटरी पर लाना है। उन्होंने कहा कि जनता मूर्ति और पार्क नहीं बल्कि विकास चाहती है।
विधानमंडल बजट सत्र के पहले दिन सोमवार को राज्यपाल ने दोनों सदनों की संयुक्त बैठक में मुख्यमंत्री मायावती का नाम लिए बिना कहा कि पिछले पांच साल में विकास का कोई एजेंडा नहीं था। सरकार की दिलचस्पी स्मारक, पार्क और मूर्ति बनाने में थी। जनता की गाढ़ी कमाई के पैसे इसी में खर्च किए गए।
पिछले पांच साल में जनता अपने दुख दर्द भी ऊपर नहीं पहुंचा सकती थी। राज्य सरकार के असहयोगात्मक रवैए से जनता स्तब्ध थी। अब मुख्यमंत्री के ‘जनता दर्शन’ कार्यक्रम से जनता सीधे अपनी बात ऊपर तक पहुंचा सकती है। ऐसी व्यवस्था की जा रही है जिससे जनता को छोटे-छोटे कार्यो के लिए चक्कर न लगाना पड़े।
राज्यपाल ने समाजवादी पार्टी की सरकार के एजेण्डे और भावी कार्यक्रमों का उल्लेख करते हुए किसानों, नौजवानों, छात्र-छात्रओं, अल्पसंख्यकों, दलितों एवं पिछड़ों के लिए चलाई जा रही और प्रस्तावित योजनाओं की भी जानकारी दी। जनता को बिजली, पानी और सडक़ जैसी सुविधाएं चाहिए। जनता की समस्याओं का निराकरण किया जाएगा।
सरकार की पहली प्राथमिकता कानून व्यवस्था चुस्त दुरुस्त करके राज्य में अमन-चैन कायम करना है। इसके लिए कई ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। अपराध नियंत्रण के साथ अपराधों के पंजीकरण पर भी जोर दिया जा रहा है। महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराध पर प्रभावी नियंत्रण के निर्देश दिए गए हैं। सिपाहियों को उनके गृह जिलों के आस पास तैनाती की जा रही है।
उन्होंने बुंदेलखण्ड और पूर्वाचल जैसे पिछड़े इलाकों में चल रही या प्रस्तावित अवस्थापना विकास सुविधाओं की भी जानकारी दी। सरकार ने किसानों के उत्थान के लिए कई महत्वपूर्ण योजनाएं बनाने का संकल्प लिया है। सपा के चुनावी घोषणा पत्र के सभी वायदों को पूरा किया जा रहा है। सत्रह पिछड़ी जातियों को अनुसूचित जातियों की सूची में शामिल कर उन्हें अनुसूचित जातियों को मिलने वाली सभी सुविधाएं मुहैया कराने की योजना है।
राज्यपाल ने कहा कि पिछली सरकार ने वर्तमान गेहूं खरीद की तैयारी नहीं की थी जिससे बोरों की कमी हुई और खरीद पर उसका प्रभाव पड़ा। सरकार ने अब प्रभावी कदम उठाए हैं और गेहूं की खरीद पिछले साल की अपेक्षा 25 प्रतिशत ज्यादा है।
बुन्देलखण्ड पैकेज का पिछले पांच वषरे में कार्यान्वयन नहीं किया गया। सिंचाई क्षमता नहीं बढ़ाई गई। बिजली आपूर्ति शहरी क्षेत्रों में 22 घंटे करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है तथा ग्रामीण क्षेत्रों में 20 घंटे बिजली आपूर्ति करने की कोशिश की जाएगी।
युवाओं को लैपटाप और टैबलेट देने की घोषणा के साथ ही राज्यपाल ने कहा कि छात्रों की समस्याओं के निदान के लिए छात्रसंघो का चुनाव कराया जाएगा। राज्य की बारहवीं पंचवर्षीय योजना में दस प्रतिशत विकास की दर प्राप्त करने तथा प्राथमिकताओं को मूर्तरूप देने के लिए सभी उपाय किए जाएंगे। प्रदेश सरकार औद्योगिक विकास को गति देने के लिए नयी औद्योगिक नीति बनाएगी।
00

अन्य खबरें
टिप्पणियाँ
स्थानीय ख़बरें
एन सी आर
पंजाब
उत्तराखंड
उत्तर प्रदेश
बिहार
झारखंड
लाइवहिन्दुस्तान पर अन्य ख़बरें
आज का मौसम राशिफल



ई-मेल
