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मानसून के साथ बढ़ा मच्छरों का आतंक
गुड़गांव। वाचस्पति उपाध्याय
First Published:04-08-12 09:12 PM
स्वास्थ्य विभाग की तैयारियों पर मच्छरों का आतंक भारी पड़ने लगा है। मानसून आने के बाद पहले पखवाड़े में ही मलेरिया के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ी है। इस साल अभी तक मलेरिया के 103 मामले व डेंगू के तीन मामले सामने आ चुके हैं। जबकि साल 2011 में अगस्त के पहले हफ्ते तक मलेरिया के 94 मामले सामने आये थे।
पिछले साल मलेरिया के 530 व डेंगू के 156 मामले सामने आए थे। ज्यादातर मामले मानसून व उसके बाद तेजी से बढ़ते हैं। मलेरिया व डेंगू से निपटने के लिए 120 मल्टीपरपज हेल्थ वर्करों की भर्ती की बात की गई। लेकिन पिछले माह नियुक्त किये गये अस्थाई 35 हेल्थ वर्करों को ही सभी विभागों का कार्य देखना होता है। बीस लाख की आबादी वाले जिले के लिए हेल्थ वर्करों व हेल्थ सुपरवाईजरों की मौजूदा संख्या 100 ही है। शहर में नालियां, खुले सीवर व जलजमाव भी मलेरिया के लार्वा की वजह बन रहे हैं। इसके लिये भी पर्याप्त इंतजाम नहीं हुए हैं। केवल एक इंसेक्ट कलेक्टर-
इंसेक्ट कलेक्टर विभिन्न जगहों व घरों में जाकर मलेरिया और डेंगू के मच्छरों की पहचान करता है। इसकी सूचना के आधार पर ही विभाग फॉगिंग आदि की कार्रवाई करता है। गुड़गांव शहर के लिए केवल एक इंसेक्ट कलेक्टर है जो पिछले कई सालों से अकेले ही यह कार्य कर रहा है। जबकि नियमानुसार विभाग में सात इंसेक्ट कलेक्टर होने चाहिये। नियमों के अनुसार एक इंसेक्ट कलेक्टर को 10 स्थानों पर जाना होता है। लेकिन वर्तमान इंसेक्ट कलेक्टर काम को अतिरिक्त बोझ के कारण 35 से 40 जगहों पर जाना पड़ता है। जिला मलेरिया अधिकारी ने बताया कि विभाग ने इस पद पर छह नियुक्तियों के लिये प्रस्ताव भेजा है। अधिकारियों ने बताया- सिविल अस्पताल के सीएमओ प्रवीण गर्ग का कहना है कि हम उपलब्ध संसाधनों के साथ मलेरिया व डेंगू से निपटने व लोगों को जागरूक बनाने का पूरा प्रयास करेंगे। नगर निगम के सीएमओ वी के थापर का कहना है कि फॉगिंग के लिए आवश्यक मशीनरी सिविल अस्पताल प्रबंधन को मुहैया करा दी गई है। मोबाइल के जरिए संदेश भेजने की प्रक्रिया की भी जल्द पहल होगी। 103 मामले मलेरिया के आ चुके हैं सामने
94 मामले ही अगस्त के पहले हफ्ते तक आए थे पिछले साल
530 कुल मलेरिया के मामले आए थे पिछले साल
11 हजार लोगों को बीमार करने में एक मच्छर सक्षम
14 दिनों तक लेनी होती है मलेरिया की दवा
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