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बिहार से नेपाल में की जा रही है खाद की तस्करी
पटना, एजेंसी
First Published:11-09-12 11:04 AM
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इस वर्ष मानसून में कम वर्षा से बिहार के किसान अपने खेतों में लगी खरीफ की फसल की सिंचाई को लेकर परेशान हैं और प्रदेश के सीमावर्ती इलाकों से नेपाल को खाद की लगातार तस्करी ने उनकी समस्याएं और बढ़ा दी हैं। किसान अपने खेतों के लिए खाद की पर्याप्त उपलब्धता को लेकर चिंतित हैं।

पटना स्थित सीमा सशस्त्र बल (एसएसबी) मुख्यालय से प्राप्त जानकारी के मुताबिक नेपाल से सटे बिहार के सीमावर्ती इलाकों में इस वर्ष जनवरी से लेकर गत पांच सितंबर तक एसएसबी जवानों ने तस्करी कर सीमा पार ले जाए जा रहे खाद के 50 किलोग्राम वजन के 5373 बोरे यानी ढाई लाख किलोग्राम से अधिक यूरिया, डीएपी और पोटास खाद जब्त किए।

एसएसबी सूत्रों के अनुसार जब्त किए गए उर्वरकों में सबसे अधिक पूर्वी चंपारण जिले के सीमावर्ती इलाकों से 3269 बोरे, सीतामढ़ी जिले से 519 बोरे, सुपौल जिले से 497 बोरे, मधुबनी जिले से 492 बोरे, अररिया जिले से 316 बोरे और पश्चिमी चंपारण जिले से 280 बोरे खाद जब्त की गई।

खाद तस्करी के इन मामलों में एसएसबी के जवानों ने कुल 33 तस्करों को गिरफ्तार किया। इनमें सबसे अधिक 18 तस्कर पूर्वी चंपारण में गिरफतार किये गये।

नेपाल से सटे बिहार के सात जिलों पूर्वी चंपारण, पश्चिमी चंपारण, सीतामढ़ी, सुपौल, अररिया और किशनगंज की कुल 726 किलोमीटर लंबी खुली सीमा है।

बिहार में इस वर्ष सामान्य से 24 प्रतिशत बारिश की कमी के कारण यहां धान की रोपाई 90 प्रतिशत और मक्के की बुआई 93 प्रतिशत हो पाया है। सामान्य से कम वर्षा वाले जिलों में जमुई, शेखपुरा, लखीसराय, मुंगेर, भागलपुर, नवादा, गोपालगंज, मधुबनी, समस्तीपुर और बेगूसराय शामिल हैं और इन जिलों में धान और मक्के की बुवाई काफी कम हुई है।

कम बारिश के कारण फसल की सिंचाई को लेकर परेशान बिहार के किसान अब यूरिया की अनुपलब्धता के कारण इसे खुले बाजार से एक से डेढ़ सौ रुपये प्रति बोरा अधिक मूल्य देकर खरीदने को विवश हैं। कृषि विभाग से प्राप्त जानकारी के मुताबिक खाद आपूर्ति में अनियमिता बरते जाने की शिकायत मिलने और कालाबाजारी की सूचना मिलने पर विभाग द्वारा लगातार छापामारी और कार्रवाई जारी है।

खाद के मामले में गड़बड़ी और कालाबाजारी की शिकायत मिलने पर खरीफ मौसम 2012-13 के दौरान कृषि विभाग द्वारा पूरे प्रदेश में 230 स्थानों पर छापामारी की गयी, जिसमें 84 स्थानों पर अनियमितता पायी गयी।
विभागीय सूत्रों ने बताया कि 26 प्रतिष्ठानों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की गयी, 7 प्रतिष्ठानों की अनुज्ञप्ति रद्द की गयी, 69 प्रतिष्ठानों की अनुज्ञप्ति निलंबित की गयी तथा 51 प्रतिष्ठानों से स्पष्टीकरण लिया गया है।

खरीफ 2012 के लिए कुल 10 लाख मीट्रिक टन यूरिया की आवश्यकता के विपरीत अप्रैल से जून महीने तक केंद्र से बिहार को यूरिया की आपूर्ति आवश्यक्ता के अनुरूप रही, पर गत जुलाई से लेकर अगस्त माह तक सात लाख 90 हजार मीट्रिक टन यूरिया की आवश्यकता के विरुद्ध वास्तविक आपूर्ति मात्रा पांच लाख 94 हजार मैट्रिक टन रही, जिससे यहां यूरिया की किल्लत हो गयी।

गत 23 अगस्त को बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने केन्द्रीय रसायन एवं उर्वरक राज्यमंत्री श्रीकांत जेना को फोन कर राज्य में यूरिया की किल्लत से अवगत कराया। मुख्यमंत्री ने जेना से अनुरोध किया कि राज्य की आवश्यकता के अनुरुप यूरिया आपूर्ति के लिए वे अपने स्तर से तुरंत हस्तक्षेप कर पर्याप्त मात्रा में बिहार को यूरिया की आपूर्ति करवाएं ताकि किसानों को उनकी आवश्यकता के अनुरुप यूरिया उपलब्ध कराया जा सके।

 
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