गुरुवार, 02 जुलाई, 2015 | 06:23 | IST
 |  Site Image Loading Image Loading
Image Loading    अब मोबाइल फोन से डायल हो सकेगा लैंडलाइन नंबर गोद से गिरी बच्ची, बचाने के लिए मां भी चलती ट्रेन से कूदी बलात्कार मामलों में कोई समझौता नहीं, औरत का शरीर उसके लिए मंदिर के समान होता है: सुप्रीम कोर्ट अब यूपी पुलिस 'चुड़ैल' को ढूंढेगी, जानिए क्या है पूरा मामला  खुलासा: एक रुपया तैयार करने का खर्च एक रुपये 14 पैसे दार्जिलिंग: भूस्‍खलन के कारण 38 लोगों की मौत, पीएम ने जताया शोक, 2-2 लाख रुपये मुआवजे का ऐलान यूनान ने किया डिफॉल्ट, नहीं चुकाया अंतरराष्ट्रीय मुद्राकोष का कर्ज विकी‍पीडिया पर नेहरू को मुस्लिम बताये जाने पर भड़की कांग्रेस, पूछा अब क्या कार्रवाई करेगी मोदी सरकार PHOTO: जब मंत्रीजी ने पकड़ी लेडी डॉक्टर की कॉलर और बोले... ललित मोदी के ट्वीट पर बवाल, भाजपा नहीं करेगी वरुण गांधी का बचाव
अमेरिकी अदालत करेगी बादल के खिलाफ सुनवाई
वाशिंगटन, एजेंसी First Published:05-01-13 01:31 PM
Image Loading

अमेरिका के एक संघीय न्यायाधीश ने पंजाब के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल के खिलाफ मानवाधिकार उल्लंघन के एक मामले की सुनवाई के लिए 29 जनवरी की तारीख तय की है।

विस्कॉन्सिन के न्यायाधीश रूडोल्फ टी. रैंडा ने सिखों के अधिकार के लिए लड़ने वाली संस्था, 'सिख्स फॉर जस्टिस' (एसएफजे) की एक याचिका पर यह सुनवाई तय की है। याचिका में न्यायालय से आग्रह किया गया है कि भारत में बादल के लोगों द्वारा वादियों के परिवारों को कथित तौर पर दी जा रही धमकियों और उनके साथ किए जा रहे र्दुव्‍यवहार से हिफाजत सुनिश्चित कराई जाए।

बादल ने अपने वकीलों के माध्यम से इस आधार पर इस मामले को खारिज करने का आग्रह किया कि उन्हें सम्मन दिया नहीं गया है। इसके पहले विदेश विभाग की राजनयिक सुरक्षा सेवा के दो विशेष एजेंटों ने शपथयुक्त बयान में कहा था कि बादल नौ अगस्त को ओक क्रीक हाईस्कूल में उपस्थित नहीं थे, जैसा कि वादियों ने दावा किया है।

एसएफजे ने बताया कि सुनवाई के दौरान वादी बादल के उस दावे को चुनौती देंगे, जिसमें उन्होंने कहा है कि वह नौ अगस्त को ओक क्रीक हाई स्कूल में न होकर मिलवौकी के बोल्टर सुपरस्टोर में थे। इस दिन स्कूल में विस्कॉन्सिन गुरुद्वारा गोली कांड में मारे गए सिख पीडिम्तों की याद में कार्यक्रम आयोजित किया गया था।

बादल के दावों को झूठा साबित करने के लिए वादी न्यायालय में सबूत और चश्मदीद गवाह भी पेश करेंगे। एसएफजे के कानूनी सलाहकार गुरपटवंत सिंह पन्नू ने रैंडा के आदेश को ''पंजाब में सिखों के खिलाफ लगातार मानवाधिकार हनन के मामलों में लिप्त पुलिस बल को संरक्षण देने और उसका नेतृत्व करने के लिए बादल के खिलाफ क्षतिपूर्ति और दंड की मांग की दिशा में एक बड़ा कदम'' बताया।

वादियों में एसएफजे, सिमरनजीत सिंह मान की अनुवाई वाला शिरोमणि अकाली दल (अमृतसर) और बादल सरकार में कथित यातनाएं सहने वाले कई अन्य लोग शामिल हैं।

 

 
 
 
 
जरूर पढ़ें
क्रिकेट
क्रिकेट स्कोरबोर्ड