गुरुवार, 02 जुलाई, 2015 | 10:51 | IST
 |  Site Image Loading Image Loading
Image Loading    ललित मोदी ने बीजेपी नेता सुधांशु मित्तल पर लगाए हवाला कारोबारी से संबंधों के आरोप मोदी के विजय रथ को रोकना कांग्रेस के लिए असंभव: हंसराज भारद्वाज  किरण रिजिजु के लिए तीन यात्रियों को एयर इंडिया की फ्लाइट से उतारा ये सिफारिशें मानी गईं तो डबल हो जाएगी सांसदों की सैलेरी, पेंशन में होगी 75% बढ़ोत्तरी RSS की सलाह, भूमि बिल पर सहयोगी दलों से बातचीत करे सरकार  भैंस और मुर्गियों के बाद अब यूपी पुलिस को है 'चुड़ैल' की तलाश यूपी: नौकरी का झांसा देकर छात्रा के साथ किया रेप, बनाया वीडियो ललित मोदी मामला: इन नए खुलासों से कांग्रेस और बीजेपी दोनों परेशान अब मोबाइल फोन से डायल हो सकेगा लैंडलाइन नंबर गोद से गिरी बच्ची, बचाने के लिए मां भी चलती ट्रेन से कूदी
पदोन्नति में आरक्षण का विरोध बढ़ा
लखनऊ, एजेंसी First Published:16-12-12 01:20 PMLast Updated:16-12-12 02:47 PM
Image Loading

पदोन्नति में आरक्षण का विरोध कर रहे उत्तर प्रदेश के 18 लाख कर्मचारियों की हड़ताल को राष्ट्रव्यापी बनाने की योजना रविवार को तैयार की जाएगी। इस मुद्दे पर राज्य में शनिवार को तीसरे दिन भी हड़ताल जारी रही।

विरोध प्रदर्शनों में सचिवालय के कर्मचारी भी शामिल हो गए हैं। इसके पहले पिछले दो दिनों से लखनऊ के लोक निर्माण विभाग, सिंचाई विभाग, बिजली विभाग और अन्य प्रमुख कार्यालयों में कामकाज नहीं हो पा रहा था।

उत्तर प्रदेश के सभी प्रमुख जिलों में विधेयक के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किए जा रहे हैं। इस बिल के कारण कर्मचारियों में भी आपसी मतभेद हैं। प्रदेश के लखनऊ, वाराणसी, इलाहाबाद, मेरठ, कानपुर आदि शहरों में तीसरे दिन भी विरोध प्रदर्शन किए गए।

सर्वजन हिताय संरक्षण समिति के अध्यक्ष शैलेन्द्र दुबे ने कहा कि उत्तराखण्ड के कर्मचारी कल से हड़ताल पर चले गए जबकि राजस्थान के कर्मचारी कल से कार्य बहिष्कार करेंगे। उन्होंने कहा कि आन्दोलन को राष्ट्रव्यापी बनाने के लिए आज शाम यहां बैठक की जाएगी जिसमें दूसरे राज्यों के कर्मचारी नेताओं से भी सम्पर्क साधने पर निर्णय लिया जाएगा।

उन्होंने कहा कि विधेयक जनविरोधी है अगर सरकार ने इसे वापस नहीं लिया तो आने वाले लोकसभा चुनाव में कांग्रेस का सफाया तय है। उन्होंने इस विधेयक को अव्यवहारिक और जनविरोधी बताया।

उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर सरकार ने इसे वापस न लिया तो आर-पार की लडाई होगी। इस बिल का समर्थन करने वाली आरक्षण बचाओ समिति का कहना है कि आंदोलनों से कामकाज पर कोई असर नहीं पड़ा है। इस समिति से जुड़े लोगों ने शुक्रवार को चार घंटे अधिक काम किया।

दूसरी ओर पदोन्नति में आरक्षण का समर्थन कर रहे कर्मचारी नेता अवधेश वर्मा ने कहा कि उनके समर्थकों ने चार घंटे अतिरिक्त काम कर हड़ताल को निष्प्रभावी कर दिया है।

 

 
 
 
 
जरूर पढ़ें
क्रिकेट
क्रिकेट स्कोरबोर्ड