शुक्रवार, 03 सितम्बर, 2010 | 14:23 | IST
  RSS | 
Site Image Loading
Image Loading
Image Loading
Image Loading    पाकिस्तानी क्रिकेटर के पास मिली स्टिंग की नकदी: रिपोर्ट पुलिसकर्मियों को छुडा़ने में पूरा समर्थन दे रहा है केन्द्र दिल्ली में डेंगू के प्रकोप पर आजाद ने की बैठक पीओके में चीन: भारत ने कराया अपनी चिंता से अवगत मारे गए बंधक पुलिसकर्मी की शिनाख्त ल्यूकास के रूप में पुलिसकर्मियों में ल्यूकास का शव मिला, इंस्पेक्टर का पता नहीं भ्रष्टाचार मामले में केतन देसाई के खिलाप पेशी वारंट जारी लंदन में पीटने से हुई थी भारतीय दुकानदार की मौत आर्थिक संकट से जूझ रहा है तालिबान: अमेरिकी जनरल दुबई में 13,000 लोगों ने अपनाया इस्लाम धर्म
  Image Loading अन्य फोटो
ऑफिस में बढ़ती ये नजदीकियां
पूनम जैन
First Published:08-02-10 11:11 PM
Last Updated:09-02-10 03:55 PM
 ई-मेल Image Loadingप्रिंट  टिप्पणियॉ:  Image Loadingपढे  Image Loadingलिखे (0)  अ+ अ-

दिनभर का एक तिहाई से अधिक समय कार्यस्थल पर बिताने के कारण ऑफिस सहकर्मियों के बीच भावनात्मक व सामाजिक संबंधों का बनना स्वाभाविक है। खासतौर पर युवाओं की बात करें तो ऑफिस के सहकर्मियों के बीच में प्यार और रोमांस की खबरें आम हो गई हैं।

कॉलेज और यूनिवर्सिटी के बाद ऑफिस ही ऐसा स्थान है जहां प्यार और रोमांस के संबंध सबसे अधिक बनते हैं। कहने में भले ही यह बात आम हो, लेकिन कार्यस्थल पर इस तरह के जुड़ाव अपने साथ कई ऐसे पहलू समेटे हैं, जिससे ऑफिस के वर्किंग कल्चर से लेकर ऐसे मामलों से जुड़े लोगों की कार्यकुशलता, साख और कैरियर ग्राफ पर भी असर पड़ सकता है। विभिन्न कार्यस्थलों में सहकर्मियों के रोमांस, डेटिंग और पति-पत्नी के एक ही ऑफिस में के काम किए जाने के संबंध में अलग-अलग एचआर पॉलिसी भी देखने को मिलती है। हालांकि ऑफिस रोमांस और सहकर्मियों के आपसी संबंधों पर किसी तरह का प्रतिबंध नहीं लगाया जा सकता, पर इसके साथ नियुक्तिकर्ता और कर्मचारी दोनों पक्ष के लिए ही कई बार बड़े गंभीर, सामाजिक, करियर और भावनात्मक जोखिम जुड़े होते हैं।

क्या कहते हैं एचआर विशेषज्ञ 
‘निश्चित तौर पर ऑफिस में रोमांस और सहकर्मियों के आपसी नजदीकी संबंधों का प्रभाव काफी व्यापक होता है।’ यह कहना है नोएडा की एक मल्टीनेशनल फर्म में प्रोजेक्ट मैनेजर का काम करने वाली आरती सिन्हा का। आरती कहती हैं, ‘रोमांस और प्यार के संबंध ऑफिस में एक छोटे गांव का दृश्य बना देते हैं, जहां ऑफिस गॉसिप और एक-दूसरे की छवि या साख को नुकसान पहुंचाने वाले लोगों के ग्रुप एक साथ सक्रिय हो जाते हैं। संस्थान के साथ-साथ कर्मचारियों की कार्यकुशलता पर भी इसका असर होता है।

इस संबंध में कई प्रश्न महत्वपूर्ण भूमिका रखते हैं। दोनों पार्टनर समान रूप से एक-दूसरे के प्रति गंभीर है अथवा नहीं? क्या एक ही कंपनी में एक्स पार्टनर के तौर पर काम करना व्यक्तिगत स्तर पर सहज होगा? ब्रेकअप की  स्थिति का सामना करने में आप सक्षम हैं या नहीं, अन्यथा नौकरी भी छोड़नी पड़ सकती हैं आदि।’

एक प्रतिष्ठित मीडिया हाउस के एचआर विभाग में काम करने वाली ट्रेनी मैनेजर आकांक्षा दुबे कहती हैं, ऑफिसकमियों के बीच आपसी रिश्ते कंपनी की आंतरिक नीतियों पर भी निर्भर करते हैं। वह कहती हैं कि हमारे संस्थान में नो ऑफिस रोमांस और डेटिंग पॉलिसी लागू की गई है। यदि ऐसा होता है तो दो में से किसी एक पार्टनर को जॉब छोड़नी होती है। नजदीकी रिश्तेदारों को भी यहां नहीं रखा जाता।

अब प्रश्न यह है कि संस्थान द्वारा ऐसी नीति किसलिए अपनाई जाती है? इस संबंध में अमित आल्वा, एचआर प्रबंधक कहते हैं, रिलेशन बॉन्डिंग होना एक तरह कार्य करने के वातावरण को प्रभावित करता है, कार्यस्थल पर गॉसिपिंग का माहौल बन जाता है। पारिवारिक व प्रेम के रिश्तों का असर प्रोफेशनल कार्यशैली पर पड़ता है, जिसके कारण एक-दूसरे पर पक्षपातपूर्ण तरीके से काम करने का आक्षेप लगने की संभावना बढ़ जाती है। 

पारिवारिक रिश्ते या नजदीकी संबंध होने के कारण एक-दूसरे के दोष व कमियां छुपाने की प्रवृति बढ़ जाती है। अमित कहते हैं कि व्यक्ति की प्राइवेसी को सुरक्षा देने वाले कई पहलु होते हैं। लेकिन प्राइवेट कंपनियों और एजेंसियों को इस संबंध में कई पहलुओं पर विचार करना पड़ता है। ज्यादातर मामलों में ब्रेकअप हो जाता है अथवा उनका अंत यौन शौषण और लिंग भेदभाव जैसे आरोपों के साथ होता है। इस बात को आगे बढ़ाते हुए आकांक्षा कहती हैं, ‘हालांकि यौन शोषण, आकर्षण, प्यार और रोमांस पूरी तरह अलग बाते हैं। लेकिन यह रेखा काफी महीन होती है। 

फायदा भी है, पर सावधानी जरूरी
कानपुर की एक आईटी कंपनी के एचआर विभाग में काम करने वाले सुनील मिश्र ऑफिस में नो रोमांस, नो डेटिंग पॉलसी को व्यावहारिक नहीं मानते। ‘इस संबंध में सबसे प्रमुख बात यही है कि किसी भी स्थिति में सहकर्मियों के आपसी संबंधों का कर्मचारियों की कार्यकुशलता और काम के वातावरण पर नकारात्मक असर नहीं होना चाहिए। हां, लेकिन इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता कि इस तरह के संबंधों में सतर्कता और पारदर्शिता होना बेहद जरूरी है।’

सुनील मिश्र कहते हैं कि उनके यहां कई शादीशुदा जोड़े हैं। कुछ का विभाग अलग है, तो कई एक विभाग में कार्यरत हैं। वह कहते हैं कि यदि पार्टनर वाकई एक-दूसरे के प्रति समर्पित हैं या शादी कर लेते हैं तो यह अच्छा ही है। पति-पत्नी दोनों के हित एक संस्थान से जुड़े होते हैं। पारिवारिक तनाव कम होने की दशा में उनकी अच्छी कार्यकुशलता का फायदा संस्थान को होता है। यदि वह एक ही प्रोफाइल में हैं और समान संस्थान में काम करते हैं तो कंपनी के आतंरिक नियमों की जानकारी दूसरे संस्थानों तक पहुंचने की आशंका भी नहीं रहती।’

विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसी स्थिति में दोनों के बीच समझदारी होनी बेहद जरूरी है ताकि आगे चलकर मनमुटाव की स्थिति उत्पन्न न हो। विदेशों में कई कंपनियों में लव कॉन्ट्रैक्ट जैसी पॉलिसी भी अपनाई जाती है, जिससे कंपनी पहले ही अपने हितों और विवादित मसलों पर सतर्कता बरतती है। वैसे दोनों को खुलकर अपने पर्सनल और बिजनेस रिश्ते पर बात कर लेनी चाहिए।

क्या करें, क्या नहीं
वॉल्टडॉट कॉम के एक सर्वे के अनुसार 28 प्रतिशत लोगों ने माना कि ऑफिस में सहकर्मी के साथ डेटिंग और रोमांस के संबंधों में उनका व्यवहार अनुचित था। वह व्यवहार इतना अधिक खतरनाक था कि इससे दोनों पक्षों के कॅरियर पर बुरा असर पड़ सकता था। यदि आपके जीवन में अपने ऑफिस सहकर्मी के साथ रोमांस, डेटिंग और प्रेमपूर्ण रिश्ते जन्म ले रहे हैं, तो इस संबंध में कुछ बातों का ध्यान अवश्य रखें, ताकि आपके कॅरियर पर कोई बुरा असर ना पड़े।

1. ऑफिस रोमांस और सहकर्मी के साथ डेटिंग में संलग्न होने से पूर्व कंपनी की पॉलिसी के बारे में जानकारी हासिल कर  लें, ताकि यह जान सकें कि ऐसी किसी स्थिति में आपको कितना नुकसान हो सकता है।

2. यदि ऑफिस में कोई सहकर्मी आपके पहले प्रपोजल को मना कर देता है, तो उसे ना ही समझें। दोबारा इस संबंध में बात न करें।

3. पर्सनल और बिजनेस रिलेशनशिप दोनों के बारे में दोनों पार्टनर पहले से ही एक स्पष्ट योजना बना लें। मसलन, ऑफिस में काम के दौरान किसी एक पार्टनर का वर्क प्रोफाइल बदल सकता है। किसी एक को उस जगह को छोड़कर किसी दूसरी जगह जाना पड़ सकता है। कोई एक किसी का सीनियर या जूनियर बन सकता है आदि।

4. डेटिंग, रोमांस या प्यार आपका निजी मसला है, इसे सार्वजनिक न बनाएं। सार्वजनिक व्यवहार में शालीनता बरतें। ऑफिस टाइम में एक-दूसरे को प्राइवेट ई-मेल आदि न भेजें। ना ही इस प्रकार के संदेश सार्वजनिक नेटवर्किग साइट्स जैसे ऑरकुट या फेसबुक आदि पर प्रेषित करें।

5. दोनों पार्टनर एक-दूसरे को पूरा स्पेस दें। निजी भावनाओं को कार्यस्थल और कार्यकुशलता पर हावी न होने दें। ऑफिस में सिर्फ वर्किग रिलेशन ही प्रस्तुत करें।

6. दोनों में से यदि एक व्यक्ति सीनियर है और दूसरा जूनियर। उदाहरण के लिए आप टीम के मैनेजर हैं और आपका डेटिंग पार्टनर टीम मेंबर। ऐसी स्थिति में अपने रिश्तों को बिल्कुल सार्वजनिक न बनाएं। जहां तक संभव हो ऐसी स्थिति से बचने का प्रयास करें ताकि भविष्य में आप पर वेतन बढ़ोतरी या काम की समीक्षा के बारे में रिपोर्ट बनाने पर पक्षपात का आरोप न लगे।

7. यदि ऐसी स्थिति उत्पन्न होती है कि आपकी बातें सार्वजनिक होती है, तो आप अपने इमीडिएट बॉस या एचआर के समक्ष पूरी स्थिति को रख सकते हैं। आप उन्हें इस बात से आश्वस्त करें कि हमेशा सभी चीजें प्रोफेशनल व्यवहार के अंतर्गत रहेंगी। आप दोनों कंपनी की पॉलिसी और निर्देशों का पूरी तरह पालन कर रहे हैं।

8. अंत में काम ज्यादा करें, रोमांस कम। यानी ऑफिस में अपना पूरा समय काम में और अन्य सहकर्मियों के साथ व्यतीत करें।

poonam.jain@livehindustan.com

 
 Image Loadingई-मेल Image Loadingप्रिंट  टिप्पणियॉ:  Image Loadingपढे  Image Loadingलिखे (0)  अ+ अ- share   स्टोरी का मूल्याकंन
 
आज का मौसम राशिफल
अपना शहर चुने  
sky
बादल
सूर्यादय
सूर्यास्त
नमी
  : 5:58 AM
  : 18:43 PM
  : 94%
अधिकतम
तापमान
31.1°
.
|
न्यूनतम
तापमान
25.8°