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संघवाद का उल्लंघन करता है NCTC: नीतीश
नई दिल्ली, एजेंसी
First Published:05-05-12 02:22 PM
राष्ट्रीय आतंकवाद रोधी केन्द्र के गठन का विरोध करते हुए बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शनिवार को कहा कि यह प्रस्ताव संघवाद के सिद्धांत का उल्लंघन करता है।
आपातकाल के दिनों की याद दिलाते हुए नीतीश ने कहा कि यदि केन्द्र सरकार की किसी खुफिया एजेंसी को इस तरह के अधिकार दिये गये तो पूरी संभावना है कि राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों के खिलाफ उसका दुरुपयोग हो।
एनसीटीसी पर मुख्यमंत्रियों की बैठक में उन्होंने कहा कि यह स्मरण करने के लिए इतिहास में ज्यादा पीछे जाने की जरूरत नहीं है कि प्रख्यात राजनेताओं को राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बताया गया था और 1975 से 1977 के बीच आपातकाल में उन्हें सीखचों के पीछे भेज दिया गया था।
नीतीश ने एनसीटीसी के अधिकारक्षेत्र को लेकर कई मुद्दे उठाये। उन्होंने कहा कि वह इस बात से खासे परेशान हैं कि संघवाद के सिद्धांत का उल्लंघन किया जा रहा है। एनसीटीसी के बारे में जो आदेश जारी किया गया है, उसमें भी कई कानूनी और प्रक्रियागत खामियां हैं।
उन्होंने कहा कि रोजमर्रा के शासन से जुडे मामलों में केन्द्र का ज्यादा हस्तक्षेप संविधान की भावना के खिलाफ है। राज्यों के पास कानून व्यवस्था और पुलिस कार्रवाई को नियंत्रित करने का महत्वपूर्ण क्षेत्र है लेकिन केन्द्र अब उस पर प्रहार कर रहा है।
नीतीश ने कहा कि उनकी राय में एनसीटीसी के गठन के लिए जारी आदेश को तुरंत वापस लिया जाना चाहिए।
आपातकाल के दिनों की याद दिलाते हुए नीतीश ने कहा कि यदि केन्द्र सरकार की किसी खुफिया एजेंसी को इस तरह के अधिकार दिये गये तो पूरी संभावना है कि राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों के खिलाफ उसका दुरुपयोग हो।
एनसीटीसी पर मुख्यमंत्रियों की बैठक में उन्होंने कहा कि यह स्मरण करने के लिए इतिहास में ज्यादा पीछे जाने की जरूरत नहीं है कि प्रख्यात राजनेताओं को राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बताया गया था और 1975 से 1977 के बीच आपातकाल में उन्हें सीखचों के पीछे भेज दिया गया था।
नीतीश ने एनसीटीसी के अधिकारक्षेत्र को लेकर कई मुद्दे उठाये। उन्होंने कहा कि वह इस बात से खासे परेशान हैं कि संघवाद के सिद्धांत का उल्लंघन किया जा रहा है। एनसीटीसी के बारे में जो आदेश जारी किया गया है, उसमें भी कई कानूनी और प्रक्रियागत खामियां हैं।
उन्होंने कहा कि रोजमर्रा के शासन से जुडे मामलों में केन्द्र का ज्यादा हस्तक्षेप संविधान की भावना के खिलाफ है। राज्यों के पास कानून व्यवस्था और पुलिस कार्रवाई को नियंत्रित करने का महत्वपूर्ण क्षेत्र है लेकिन केन्द्र अब उस पर प्रहार कर रहा है।
नीतीश ने कहा कि उनकी राय में एनसीटीसी के गठन के लिए जारी आदेश को तुरंत वापस लिया जाना चाहिए।
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