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भारतीय नौसेना में करियर की संभावनाएं
शैलेन्द्र नेगी First Published:08-01-2013 01:54:09 PMLast Updated:00-00-0000 12:00:00 AM
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अगर आप जवान हैं और चुनौतियां आपको पसंद हैं या कठिन काम करने में आपको आनंद की अनुभूति होती है तो भारतीय नौसेना आप जैसे नौजवानों की प्रतीक्षा में है। एक नेवी ऑफिसर के तौर पर आप में इन खूबियों का होना तो आवश्यक है ही, इसके अलावा और कौन-सी योग्यताएं आप में होनी चाहिए, इस बारे में विस्तार से बता रहे हैं शैलेन्द्र नेगी

नौसेना पानी के रास्ते आने वाली हर मुसीबत से देश को महफूज रखती है। ज्वार-भाटा हो या सुनामी या अन्य देशों की समुद्री हलचल, समुद्र में होने वाली हर गतिविधि पर नौसेना की कड़ी नजर रहती है। देश के दुश्मन हमारे अमन-चैन को नुकसान पहुंचाने के लिए किसी भी रास्ते से आक्रमण कर सकते हैं, इसलिए समुद्री सीमाओं पर पैनी निगाह रखना आवश्यक है और यही काम करती है भारतीय नौसेना।

कैसा करियर
भारतीय नौसेना एक ऐसा करियर है, जिससे जुड़ कर आप देश सेवा के साथ-साथ अपना भविष्य भी अच्छा बना सकते हैं। बस, थोड़ी सी हिम्मत और देशभक्ति का जज्बा तथा कुछ कर गुजरने की चाहत आपको भारतीय नौसेना का हिस्सा बनाने के लिए काफी है। नौसेना की पहली प्राथमिकता समुद्री क्षेत्र में देश की सुरक्षा है। नेवी में रोमांच है, चैलेंज है, सेवा का मौका है, प्रतिष्ठा है और इन सबसे बढ़ कर यहां मल्टीडाइमेंशनल और डाइनेमिक जॉब प्रोफाइल है। इसके अलावा इंडियन मैरीटाइम फोर्सेज देश के लिए एक महत्वपूर्ण डिप्लोमैटिक हथियार भी हैं। ये देश के राजनीतिक उद्देश्यों और विदेश नीति को पूरा करने में भी अहम योगदान निभाती हैं। इनके काम में देश की औद्योगिक ताकत का प्रदर्शन, मदद मुहैया कराने के जरिए भरोसा पैदा करना और प्रवासियों के साथ रिश्तों को प्रगाढ़ बनाना शामिल है। नेवल एकेदमी से स्नातकों को अब विदेशों में इस तरह के डिप्लोमैटिक काम में हिस्सा लेने के लिए भेजा जाता है। यहां संबंधित पदों और जिम्मेदारियों की जानकारी दी जा रही है।

एग्जिक्यूटिव ऑफिसर
इस ब्रांच के तहत आने वाले ऑफिसर ही समुद्र में जाने वाले जहाजों, पनडुब्बियों को कमांड करते हैं। एग्जिक्यूटिव ऑफिसर्स को गनरी, लॉजिस्टिक्स, डाइविंग एंटी-सबमरीन वारफेयर, नेवीगेशन, कम्युनिकेशन और हाइड्रोग्राफी जैसे प्रशिक्षण दिए जाते हैं। कोई भी ऑफिसर हवाई या सबमरीन आर्म की ट्रेनिंग में से किसी एक को चुन सकता है।

इंजीनियरिंग ब्रांच
इसमें आधुनिक तकनीक से लैस पानी में चलने वाली पनडुब्बियों और जहाजों के बारे में तकनीकी प्रशिक्षण दिया जाता है। इन सारे सिस्टम्स के सुचारु तरीके से काम करने के लिए इंजीनियर ऑफिसर जिम्मेदार होते हैं। इन्हें नेवल डॉकयार्ड के तटों और स्वदेशी प्रोडक्शन यूनिट में भी काम करने का अवसर मिलता है। इंडियन नेवी भारत में प्रशिक्षित नेवल आर्किटेक्ट्स को सर्वाधिक नौकरी देने वाला संस्थान है। नेवल अर्किटेक्ट को नौसेना के जहाजों के डिजाइन, कंस्ट्रक्शन क्वालिटी कंट्रोल और रिपेयर से जुड़ काम करना होता है।

सबमरीन ऑफिसर
सबमरीन में मौजूद ऑफिसर्स की एक बड़ी जिम्मेदारी यह होती है कि वह शांतिकाल में भी खुद को युद्घ के लिए प्रशिक्षित करें। सबमरीन ऑफिसर के लिए कठोर ट्रेनिंग करनी होगी। यदि आप इसे सफलतापूर्वक पूरा कर लेते हैं, तब आप डॉल्फिन बैज लगाने और नेवी के अत्यंत विशिष्ट सबमरीन आर्म के सदस्य बनने के हकदार हो जाते हैं।

एजुकेशन ब्रांच
ये लोग ओशियनोग्राफी और मीटियोरोलॉजी में भी विशेषज्ञ होते हैं। प्रशिक्षण में एजुकेशन ऑफिसर्स की बड़ी भूमिका होती है। ये लोग नेवी और सामान्य एजुकेशन से संबंधित सभी शाखाओं के तकनीकी विषयों के थ्योरिटिकल संदर्भों सहित साइंटिफिक और मेथॉडिकल दिशा-निर्देशों के लिए जिम्मेदार होते हैं।

नेवल आर्मामेंट इंस्पेक्शन
ये स्पेशलिस्ट ऑफिसर विभिन्न एजेंसियों से नेवी को सप्लाई किए जाने वाले हथियारों और युद्घ सामग्री की जांच करते हैं। इन पर नेवल आर्मामेंट की क्वालिटी, सेफ्टी और विश्वसनीयता देखने के साथ ही इन्हें सुरक्षित रखने की जिम्मेदारी भी होती है। ये रिसर्च और डेवलपमेंट का भी काम देखते हैं।

एविएशन ऑफिसर
नेवी को ऐसे पायलट और ऑब्जर्वर्स की जरूरत होती है, जो समुद्री युद्घ के समय एयरबर्न टेक्निकल कोऑर्डिनेटर के रूप में काम कर सकें। नेवी के ज्यादातर पायलट शिपबोर्न हेलिकॉप्टर और समुद्री युद्ध के समय तटों पर उतारे जाने वाले जंगी विमानों को उड़ते हैं।

नेवल एयरक्राफ्ट दुश्मनों के तट पर खड़े जहाजों, पनडुब्बियों को ढूंढ़ते हैं और उन पर हमला करते हैं, साथ ही तटों पर होने वाले युद्घों में हिस्सा लेते हैं।

इलेक्टिकल ब्रांच
समुद्र में तैरता युद्घपोत एक छोटे शहर जैसा होता है। इसमें अपना पावर जनरेशन और डिस्ट्रिब्यूशन सिस्टम होता है। इसके अलावा इसमें अंडरवॉटर वेपन्स, राडार, कॉम्प्लेक्स मिसाइल सिस्टम और रेडियो कम्युनिकेशन उपकरण भी होते हैं। इनमें से अधिकांश कम्प्यूटर से चलने वाले उपकरण हैं। किसी भी जंगी जहाज के प्रभावी तरीके से युद्घ में हिस्सा लेने के लिए जरूरी है कि इसके सारे उपकरण पूरी क्षमता से काम करें, लिहाजा यह जिम्मेदारी इलेक्टिकल ऑफिसर्स की होती है।

हाइड्रोग्राफिक ऑफिसर
यह अत्यंत महत्वपूर्ण सब स्पेशलाइजेशन इंडियन नेवी और दुनिया की अन्य नेवियों द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले चार्ट के लिए जरूरी सूचना एकत्र करने के लिए जिम्मेदार होता है।

प्रोवोस्ट ऑफिसर और लॉ ऑफिसर
प्रोवोस्ट ऑफिसर का एक अलग समूह नेवी की नीतियों, नियंत्रण, सुरक्षा और निगरानी संबंधी जरूरतों को पूरा करता है। इसी तरह नेवी की कानूनी जरूरतों को पूरा करने के लिए लॉ ऑफिसरों का अलग समूह होता है।

नेवी ऑफिसर को सुविधाएं
इंडियन नेवी न केवल आपकी पूरी ट्रेनिंग और एजुकेशन का खर्च उठाती है, बल्कि आपको हर तरह से पॉलिश भी करती है। 

इसके अलावा आपको यहां कई मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं, जिनमें सस्ती दरों पर आवास, मुफ्त मेडिकल सुविधा, मुफ्त यात्रा, ग्रुप हाउसिंग स्कीम और आपके बच्चों के लिए स्कूल जैसी सुविधाएं शामिल हैं।

चयन प्रक्रिया
इंडियन नेवी की चयन प्रक्रिया उम्मीदवारों में साहस और टफनेस की कड़ी परीक्षा लेती है।  नेवी में परमानेंट कमीशन ऑफिसर बनने के लिए यूपीएससी परीक्षा आयोजित करता है। बारहवीं के बाद एनडीए या इंडियन नेवल एकेडमी कैडेट एंट्री और ग्रेजुएशन के बाद सीडीएसई के लिए यूपीएससी द्वारा लिखित टैस्ट और इंटरव्यू करवाया जाता है। उम्मीदवारों का चयन तीन चरणों के बाद होता है। पहला लिखित परीक्षा, दूसरा साक्षात्कार और तीसरा शारीरिक क्षमता। इसके अलावा दूसरा रास्ता सर्विस सलेक्शन बोर्ड (एसएसबी) से होकर गुजरता है। इसके द्वारा सेना में परमानेंट और शॉर्ट सर्विस कमीशन के लिए चुना जाता है। खास बात यह है कि इसके लिए किसी तरह की लिखित परीक्षा नहीं है। यहां चयन का आधार मेरिट को रखा गया है। इसके लिए रक्षा मंत्रालय के इंटीग्रेटेड हेडक्वार्टर्स के तय मानदंडों के आधार पर आवेदन लिए जाते हैं और चयन मेरिट के आधार पर किया जाता है। एसएससी से चयनित अफसरों का कार्यकाल 10 सालों का होता है, जिसे 14 सालों तक बढ़ाया जा सकता है। इन्हें सिर्फ चुनिंदा सेवाओं- लॉ, लॉजिस्टिक्स, एटीसी, ऑब्जर्वर, नेवल आर्किटेक्चर और एजुकेशन में ही शामिल किया जाता है।

स्किल्स
इंडियन नेवी में जाने के लिए शारीरिक और मानसिक तौर पर फिट रहना आवश्यक है। साथ ही खेल, तैराकी और अन्य सामाजिक गतिविधियों में भी हिस्सा लेना आवश्यक है। आपको किसी भी माहौल और वातावरण में ढलने की आदत होनी चाहिए, क्योंकि समुद्र की विषम परिस्थितियों में आपको यही बचा सकता है।

महिलाओं के लिए रास्ता
महिलाओं के लिए एसएससी द्वारा नेवल आर्किटेक्ट, लॉजिस्टिक्स, एटीसी, एविएशन (ऑब्जर्वर) और एजुकेशन जैसी शाखाओं में जगह है। आर्किटेक्ट, एजुकेशन और लॉ जैसी शाखाओं में परमानेंट कमीशन दिया जाएगा, लेकिन यह मेरिट पर निर्भर करेगा।

संपर्क करें
नेवल हेडक्वार्टर, सेना भवन, नई दिल्ली-110011
वेबसाइट: http://nausena-bharti.nic.in/

 
 
 
 
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