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बर्फ से बने होटल में रहोगे क्या..
हिन्दुस्तान रीमिक्स
First Published:01-01-13 04:08 PM
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एस्किमो लोगों द्वारा बर्फ से बनाए जाने वाले घर ‘इग्लू’ के बारे में तो सुना ही होगा। लेकिन क्या कभी बर्फ से बने होटल के बारे में सुना है? आज हम तुम्हें एक ऐसे ही होटल के बारे में बता रहे हैं, जो हर साल बर्फ से बनाया जाता है। स्वीडन में बनने वाले इस होटल में ठहरने वालों की सुख-सुविधा के खास इंतजाम किए जाते हैं।

स्वीडन में हर साल बर्फ से होटल बनाया जाता है। पहली बार यह 1980 में बना और जक्कासवर्जी की पहचान बन गया। यह क्षेत्र आर्कटिक सर्कल से लगभग 160 कि.मी. दूर उत्तर की तरफ पड़ता है। इस जगह से शहरी जीवन की चकाचौंध से कोई नाता नहीं है। यह ग्रामीण इलाका है और यहां के निवासियों का रहन-सहन भी वैसा ही है। हर साल यहां के स्थानीय निवासी और शिल्पकार अक्तूबर के महीने से ही एक नया बर्फ का होटल बनाना शुरू कर देते हैं। सर्दियों के दस्तक देते ही तापमान में गिरावट शुरू हो जाती है और साथ ही बर्फबारी भी। इस होटल को इतने शानदार तरीके से आकार दिया जाता है, जो कल्पना से परे है।

निर्माण के लिए बर्फ की जरूरत पूरी होती है टोर्व नदी से। इसके साथ ही जरूरत होती है बुलडोजर और जैक हैमर की। इस काम में अंतरराष्ट्रीय कलाकारों की मदद ली जाती है और हर साल एक नए रंग-रूप के साथ होटल तैयार हो जाता है। तकरीबन 53,700 फीट क्षेत्र में फैले इस होटल के निर्माण में 4,000 टन ताजी बर्फ इस्तेमाल की जाती है। इसमें मेहमानों के ठहरने के लिए करीब 60 कमरों की व्यवस्था होती है। वैसे होटल में इतनी जगह होती है कि 100 लोग एक साथ आराम से ठहर सकें। इसके अलावा चैपल, नामकरण व अन्य आयोजकों हेतु आसानी से जगह उपलब्ध हो जाती है।

स्वीडन के इस इग्लूनुमा होटल में अतिथियों की भीड़ मध्य दिसंबर से लगनी शुरू हो जाती है। यह सिलसिला मार्च तक चलता रहता है। न केवल दीवारें, बल्कि सारा फर्नीचर, यहां तक कि भीतर रखा सारा साजो-सामान भी बर्फ से बना होता है। पलंग बर्फ की मोटी सिल्लियों से बने होते हैं। बर्फ की कुर्सियों पर बैठ कर कॉफी पीने का मजा ही कुछ और है। बर्फ से बनी कलाकृतियां बरबस ही लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचती हैं।

इसमें कोई शक नहीं कि यहां का तापमान गलनांक (मेल्टिंग प्वाइंट) से भी कम होता है। यानी ऐसी ठंड, जो शरीर की क्रियाओं को निष्क्रिय कर दे। ऐसे में होटल, अतिथियों के लिए खास इंतजाम करता है। वहां पहुंचते ही मेहमानों को नाइलोन के बने विशेष प्रकार के सूट दिए जाते हैं, जिन्हें तुम अक्सर अंतरिक्ष यात्रियों को पहने हुए देखते होंगे। वैसे इस बर्फीली दुनिया की लाइफलाइन है रेन्डियर, जो यहां की खास सवारी है और इसकी खाल ठंड को काफी हद तक दूर करती है। बिस्तर में ओढ़ने-बिछाने के लिए इस पशु की खाल का प्रयोग होता है। बाथरूम में अल्ट्राहीटिंग की व्यवस्था होती है और एक अलग से केबिन उन लोगों के लिए होता है, जो यहां ठहरना तो पसंद करते हैं, लेकिन ठंड सहना नहीं। इतना ही नहीं, मेहमानों के लिए खास बारभी बनाया गया है, जिसमें बर्फ के बने गिलास में कॉकटेल परोसी जाती है।

 
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