शुक्रवार, 25 अप्रैल, 2014 | 13:36 | IST
  RSS |    Site Image Loading Image Loading
ब्रेकिंग
अपहरण की आशंका के बीच विमान बाली हवाईअड्डे पर उतरा: इंडोनेशिया वायुसेना
 
पहेली नहीं सहेली है तकनीक
बालेन्दु दाधीच
First Published:28-12-12 12:37 PM
 imageloadingई-मेल Image Loadingप्रिंट  टिप्पणियॉ: (0) अ+ अ-

क्या आप महंगे मोबाइल फोन का इस्तेमाल सिर्फ कॉल सुनने के लिए करती हैं? घर के कंप्यूटर पर वेब कैम लगा होने के बावजूद बच्चों यदि नहीं हैं तो उसे चलाकर रिश्तेदारों से बात करने के लिए मन-मसोस कर रह जाती हैं? यदि हां, तो जान लें कि आपको तकनीक को दूर से नहीं, थोड़ा नजदीक से समझने की जरूरत है। उसे सीखें और अपनी जिंदगी में जगह दें।

दृश्य एक:  बेटा विदेश से घर लौटा तो ढेर सारे गैजेट्स लेकर। औरों के साथ-साथ मां के लिए भी कई चीजें हैं। जैसे- एक आईपैड, एमपी3, एमपी4 पोर्टेबल मीडिया प्लेयर, धुआं आने पर शोर मचाने वाला अलार्म, खास तरह की इलेक्ट्रॉनिक घड़ी, पोर्टेबल बीपी मॉनिटर और इंडक्शन कुकर। मां थोड़ी हैरान, लेकिन बेटा बहुत खुश। यह सोचकर कि मां के लिए कितनी सुविधा हो जाएगी!

दृश्य दो: बेटा हर टेलीफोन कॉल के अंत में यह पूछना नहीं भूलता कि मां मेरे दिए सारे गैजेट्स को इस्तेमाल कर रही हो ना! मां मुस्कुराकर हां कह देती है, लेकिन मां को तो किसी को उठाकर देखने तक की फुरसत नहीं मिली।

छोटा सा किस्सा, लेकिन पारंपरिक भारतीय महिलाओं और तकनीक के बीच छत्तीस के आंकड़े को स्पष्ट करता हुआ। आखिर क्या वजह है कि भारतीय महिलाएं व युवतियां तकनीकी चीजों को देखकर अरुचि से भर जाती हैं! कोई अनजाना सा डर या संकोच है, जो उन्हें इनसे अलग कर देता है। हालांकि मन के किसी कोने में उन्हें भी एहसास होगा कि जब पूरी दुनिया गैजेट्स की दीवानी है तो इनमें उनके लिए भी कुछ न कुछ तो होगा। यदि ऐसा आपको भी लगता है तो इस वर्ष कोई अन्य संकल्प लेने की जगह अपने जीवन में तकनीक को जगह दें। उसके लिए थोड़ा वक्त निकालें, फिर देखें, ये तकनीक आपको कितना अपडेट बना देती हैं।

आई-पैड हो या पतिदेव का लैपटॉप या फिर बच्चों का कंप्यूटर ही क्यों न हो, खाली समय में आप उसके कितने इस्तेमाल कर सकती हैं! स्काइप जैसे सॉफ्टवेयर की मदद से दूसरे शहर में पढ़ रही बिटिया से मुफ्त में बात करें और वह भी उसकी शक्ल देखते हुए। समय की कोई सीमा नहीं। यू-टय़ूब का नाम तो सुना होगा। जरा ब्राउजर खोलिए और एक नजर वहां भी डालकर देखिए। हेयर ड्रेसिंग की नई शैलियों से लेकर मेकअप के नए टूल्स तक और ट्रेंडी परिधानों से लेकर घर की साज-सज्जा तक के दिलचस्प वीडियो दिखाई देंगे। और कुछ नहीं तो खाली वक्त में जगजीत सिंह की गजलें ही सुन लीजिए या फिर शकीरा का नया नंबर आजमाकर देखिए।

तकनीक से लाएं बड़ा बदलाव
पहले से तुलना करें तो निश्चित रूप से महिलाओं ने नई तकनीक से अपनी दूरी को काफी कम किया है। कारपोरेट दुनिया में ऊंचे पदों पर काम करने वाली महिलाएं तो तकनीक से दूरी बनाकर रख ही नहीं सकतीं। ऑफिस से बाहर होने या यात्रा पर होने पर महिलाओं के लिए  घर और बाहर दोनों के बीच संतुलन बनाने का काम करती है यह तकनीक। यही वजह है कि कंपनियां खासतौर पर महिलाओं की सुविधा को ध्यान में रखकर इस्तेमाल और सार-संभाल में सुविधाजनक गैजेट्स को पेश कर रही हैं।

इंटरनेट पर ही महिलाओं के लिए कितना कुछ है। तरला दलाल से लेकर संजीव कपूर  तक नई-नई रेसिपीज लेकर हाजिर हैं। पंद्रह मिनट दीजिए और आज ही डिनर में पतिदेव और बच्चों को ट्रेंडी डिश पेश कर सुखद आश्चर्य में डाल दीजिए। इंडक्शन कुकर नहीं है तो माइक्रोवेव आजमाकर देखिए। आज तो किचन भी ग्लैमरस हो गए हैं और चूल्हे भी। गंदगी का नामोनिशान नहीं और पानी या दूध के उबलने का इंतजार करने की जरूरत नहीं।

कितनी देर पकाना है, वह बताइए और बेटे की लाई आई-पैड में जोक्स वाली ई-बुक का मजा लेते-लेते खाना बना लीजिए।  इंडक्शन कुकर और माइक्रोवेव की खास रेसिपीज इंटरनेट पर ही ढूंढ़ लीजिए। और रसोई में पसीने-पसीने होने की बजाए कान में पोर्टेबल एमपी-3 प्लेयर के ईयरप्लग लगाएं। मधुर गाने सुनते हुए खाना बनाने का आनंद ही कुछ और है। क्या आपके दरवाजे पर कोई दस्तक दे रहा है? डोर वीडियो कैमरा सिस्टम पर देख लीजिए ना! किचन से बाहर निकले बिना ही बात भी कर लीजिए। किचन के चक्कर में पुरानी सहेलियों से संपर्क नहीं रहा। ओफ्फो! लगता है आप अभी तक फेसबुक से दूर हैं!

कई गैजेट महिलाओं के लिए खास तौर पर उपयोगी हैं। आप कार चलाती हैं, मगर रास्ते याद नहीं रहते तो जीपीएस नेवीगेटर हाजिर है। अपने गंतव्य का नाम बताइए और बेफिक्र हो जाइए। गैजेट रास्ते भर बताता रहेगा- अब बाएं मुड़िए, सौ मीटर बाद दाएं मुड़िए और फिर लाल बत्ती पर रुक जाइए। अब ड्राइविंग मुश्किल कहां रही? रात में पानी तीन से चार बजे आता है और बिटिया को छह बजे उठाना है, तो मल्टीपल अलार्म वाली इलेक्ट्रॉनिक अलार्म क्लॉक है ना! इलेक्ट्रॉनिक बीपी मॉनिटर, एक्यूचेक ब्लड ग्लूकोस मॉनिटर, इलेक्ट्रॉनिक थर्मामीटर और न जाने क्या-क्या हैल्थ गैजेट मिलने लगे हैं आजकल। घर से बाहर कदम रखे बिना भी खुद को फिट रखना अब आसान हो गया है। आजमाइए तो सही!

अपने आईपैड या स्मार्टफोन पर मनचाहे एप्लीकेशन्स डाउनलोड कर आप क्या कुछ नहीं कर सकतीं! एवरनोट आपकी इलेक्ट्रॉनिक डायरी बन जाएगा, जिसमें दूधवाले के हिसाब से लेकर रुपए-पैसे का ब्यौरा रख सकेंगी आप। कुकिंग के आइडियाज चाहिए तो डिनर स्पिनर डाउनलोड कर लें और चुस्त-दुरुस्त रहना चाहती हैं तो आइ-बडी को।

ई-कॉमर्स ने भी महिलाओं की जिंदगी को सुगम बनाया है। बाजार नहीं जा सकतीं तो घर की चीजें खरीदने के लिए फ्लिपकार्ट, किचन के सामान के लिए ईजीग्राहक, ईजीराशन या राशनमार्ट और पुराना सामान निकालने के लिए ओएलएक्स या क्विकर मौजूद हैं, तो कहीं तशरीफ ले जाने की जरूरत ही कहां है!

 
 imageloadingई-मेल Image Loadingप्रिंट  टिप्पणियॉ: (0) अ+ अ- share  स्टोरी का मूल्याकंन
 
Image Loadingलोकसभा चुनाव 2014: ओडिशा में कई जगहों पर पुनर्मतदान
ओडिशा में उन नौ मतदान केंद्रों पर शुक्रवार को पुनर्मतदान हो रहा है, जहां धांधली और अन्य अनियमितताओं के आरोपों के कारण 17 अप्रैल को मतदान प्रक्रिया बाधित हुई थी।
 

लाइवहिन्दुस्तान पर अन्य ख़बरें

आज का मौसम राशिफल
अपना शहर चुने  
आंशिक बादलसूर्यादय
सूर्यास्त
नमी
 : 06:47 AM
 : 06:20 PM
 : 68 %
अधिकतम
तापमान
20°
.
|
न्यूनतम
तापमान
13°