बुधवार, 29 जुलाई, 2015 | 01:15 | IST
 |  Site Image Loading Image Loading
Image Loading    भारत को लौटाया जाए कोहिनूर हीरा: कीथ वाज  याकूब की फांसी की सजा बदलने के लिए महाराष्ट्र के मुस्लिम विधायकों ने राष्ट्रपति से की अपील हो जाइए तैयार अब स्पाइसजेट सिर्फ 999 रुपये में कराएगी हवाई सफर कलाम के सम्मान में संसद दो दिनों के लिए स्थगित, मंत्रिमंडल ने शोक जताया बढ़ चला बिहार कार्यक्रम को हाईकोर्ट का झटका, ऑडियो-विडियो प्रदर्शन पर रोक CCTV में कैद हुए गुरदासपुर हमले के गुनहगार, AK-47 लिए सड़कों पर घूमते दिखे आतंकी साड़ी, शॉल, आम की कूटनीति बंद कर पाकिस्तान के खिलाफ इंदिरा जैसा साहस दिखाये PM मोदी 29 जुलाई से बाजार में आएगा माइक्रोसॉफ्ट ओएस विंडोज-10, करें डाउनलोड पीएम मोदी ने दी कलाम को श्रद्धांजलि, बोले- भारत ने खोया अपना रत्न कलाम का अंतिम संस्कार रामेश्वरम में होगा, पीएम मोदी सहित कई हस्तियों के पहुंचने की संभावना
माउथ अल्सर, न करें अनदेखी
प्रस्तुति: पूजा भारद्वाज First Published:20-12-2012 10:30:38 AMLast Updated:20-12-2012 10:31:31 AM
Image Loading

खाते समय मुंह में जलन सी महसूस होती है और आपसे खाया भी नहीं जाता। यह माउथ अल्सर हो सकता है, जिसमें लापरवाही बिल्कुल भी ठीक नहीं। तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें ताकि स्थिति गंभीर न हो जाए। इस समस्या के बारे में बता रही हैं पूनम

माउथ अल्सर यानी मुंह के छाले को कंकर सोर्स के नाम से भी जाना जाता है। अपने यहां यह एक आम समस्या है, जिसकी पहचान या लक्षणों को आसानी से जाना जा सकता है। यदि आप के होठों, मसूढ़े और मुंह के किसी अन्य हिस्सों में कोई सफेद घाव दिखे या कभी-कभी मुंह से खून आ जाए तो आपको तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। यह माउथ अल्सर के लक्षण हो सकते हैं। यदि आप समय से इसका उपचार शुरू कर दें तो सामान्य तौर पर इसे ठीक होने में 10 दिन का समय लगता है।

इसे गंभीरता से लें
माउथ अल्सर कई प्रकार के होते हैं सबसे आम माउथ अल्सर इडियोपैथक के नाम से जाना जाता है। सामान्यत: इसमें कारण का पता नहीं चल पाता है। इस प्रकार के माउथ अल्सर अपने आप होते हैं और खुद खत्म हो जाते हैं। सामान्य माउथ अल्सर को ठीक होने में 5-7 दिन का समय लगता है। 10 दिनों तक यह ठीक न हो तो तुरंत डॉक्टर से मिलना चाहिए, क्योंकि यह कैंसर का भी कारण बन सकता है।  

माउथ अल्सर के तीन प्रकार
साधारण अल्सर:
80 प्रतिशत लोग इस अल्सर के शिकार होते हैं। ये आकार में ज्यादा बडे़ नहीं होते हैं और तकरीबन 10 दिन के अंदर ठीक भी हो जाते हैं।

गंभीर अल्सर: यह अल्सर सिर्फ 10 में से 1 व्यक्ति को ही होता है। यह आकार में साधारण अल्सर से बड़े होते हैं।

हेरपेटीफॉर्म अल्सर: इसे पिनप्वाइंट अल्सर के नाम से भी जाना जाता है। यह अल्सर 3एम एम से बडम नहीं होता है। इससे केवल 10 प्रतिशत लोग पीडित होते हैं और यह प्राय: 10 से 40 वर्ष के उम्र के लोगों में होना स्वाभाविक है।

लक्षण

इसमें खाते और पीते समय असहनीय दर्द होता है
अक्सर थकावट महसूस होती है
स्वाभाव में चिडचिड़ापन बढ़ जाता है
घाव में लालपन दिखता है

बचाव बेहद आसान
आप खाने में विटामिन-सी का प्रयोग करें। दो तीन गिलास संतरे का रस प्रतिदिन पिएं
ज्यादा मसालेदार और तली-भुनी चीजें खाने से बचें
आहार में ज्यादा से ज्यादा फलों का सेवन करें और खूब पानी पिएं
इस मौसम में हरी सब्जियां खूब मिलती हैं, उनका सेवन करें
खाने में कच्चे प्याज का प्रयोग करें
दही, बटर मिल्क और पनीर खाएं
मांसाहारी भोजन से बचें। इसमें एसिड की मात्रा काफी होती है
गरम पानी से दिन में दो से तीन बार गरारे करें
दिन में दो से तीन बार तुलसी के कुछ पत्ते चबा सकते हैं
कच्चे टमाटर का सेवन करें, किन्तु ठंड के दिनों में टमाटर के जूस का सेवन ज्यादा सही होगा
जब तक माउथ अल्सर पूरी तरह ठीक न हो जाये, तब तक मदिरा तथा चॉकलेट के सेवन से बचें
ग्लिसरीन में हल्दी का पाउडर मिलाकर उससे अल्सर वाली जगह पर धीरे-धीरे मालिश करें, 15-20 मिनट बाद साफ कर लें
एक कप पानी में एक चम्मच धनिया पाउडर मिलाकर उबालें। पानी ठंडा हो जाये तो उससे दिन में दो से तीन बार गरारे करें 
एक चम्मच बेकिंग सोडा को पानी की कुछ बूंदों के साथ मिलाएं और उसे अल्सर वाली जगह पर दो-तीन बार लगायें और 15 मिनट बाद साफ कर लें
खाने के बाद हर्बल चाय पिएं जो काफी आराम देगी

तब होता है माउथ अल्सर..
यदि आप ज्यादा तला और मसालेदार खाना खाते हैं
ऐसा खाना खाते हैं, जिसमें एसिड की मात्रा ज्यादा है
अपने दांतों की सही तरीके से सफाई नहीं करते हैं
गाल भीतर से बार-बार कटने से भी इसका संक्रमण फैल सकता है
किसी प्रकार के खाने से एलर्जी है, इसके बावजूद वह चीज बार—बार खाते हैं
यदि आपके शरीर में विटामिन बी और आयरन की मात्रा सामान्य से कम है

बढ़ते जा रहे हैं मामले
राजधानी में माउथ अल्सर के मामले बढ़ते ही जा रहे हैं। इसकी मुख्य वजह तली-भुनी-मसालेदार चीजों, मांसाहार और तंबाकू उत्पादों का सेवन है।
डॉ. डी. एस. चड्ढा, विभागाध्यक्ष, (इंटरनल मेडिसिन), फोर्टिस हॉस्पिटल(वसंत कुंज)

 
 
 
 
 
जरूर पढ़ें
क्रिकेट
Image Loadingप्रतिबंध हटाने के लिए बीसीसीआई से संपर्क करूंगा: श्रीसंत
जब वह तिहाड़ जेल में था तो वह आत्महत्या के बारे में सोच रहा था लेकिन तेज गेंदबाज एस श्रीसंत को अब उम्मीद बंध गई है कि वह वापसी कर सकते हैं और खुद पर लगे प्रतिबंध को हटाने के लिये वह बीसीसीआई से संपर्क करेंगे।
 
क्रिकेट स्कोरबोर्ड