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वित्त मंत्रालय ने कालाधन कानून पर आमतौर पर पूछे जाने वाले सवालों (एफएक्यू) का दूसरा सेट जारी किया।उच्चतम न्यायालय का काले धन पर बने विशेष जांच दल को सात अक्टूबर से पहले अपनी अतिरिक्त रिपोर्ट पेश करने का निर्देश।
जासूसों की रोमांचक दुनिया
प्रस्तुति: रुचि गुप्ता First Published:18-12-2012 12:43:29 PMLast Updated:00-00-0000 12:00:00 AM
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जासूसी का पेशा रहस्य-रोमांच के कथाजगत का नहीं, बल्कि मूलत: असली दुनिया का हिस्सा है। आज बड़े व छोटे शहरों में प्राइवेट जासूसी संस्थाएं सुरक्षा, निगरानी, लापता व्यक्तियों की खोज और अन्य जांच-पड़ताल के कार्य करती हैं। इस क्षेत्र में यदि रोमांच है तो खतरे भी कम नहीं, लेकिन इसके बावजूद इस पेशे की खासी मांग है। यहां जानिए जासूसी पेशे के लिए प्रशिक्षण और अन्य जरूरी कार्यविधियों के बारे में।

जासूस अपने क्लाइंट्स जैसे वकील, बीमा कंपनियां, निजी कंपनियां या किसी व्यक्ति के कहने पर छुपते-छुपाते जांच-पड़ताल करते हैं। उनकी जांच में पारिवारिक मामले जैसे तलाक, गोद लेना और कारोबारी मसले जैसे आंतरिक जासूसी या चोरी या किसी व्यक्ति विशेष पर कुछ समय तक नजर रखना आदि शामिल होता है। उनके काम में धोखाधड़ी की जांच, लापता व्यक्ति को ढूंढ़ना, व्यावसायिक पायरेसी की जांच, कर्मचारियों का पुनरीक्षण आदि भी शामिल होते हैं। कोई व्यक्ति स्व-रोजगार के बतौर भी जासूस बन सकता है। इसके अलावा आप किसी जांच एजेंसी में बतौर कर्मचारी या कोई फ्रैंचायजी खरीद कर भी काम कर सकते हैं। फ्रैंचायजी के रूप में आपको अकेले काम करने और किसी बड़ी संस्था के साथ जुड़ कर अधिक संपर्क हासिल करने, दोनों का फायदा मिलता है। कुछ अनुभव के बाद यदि आप चाहें तो खुद की एजेंसी भी स्थापित कर सकते हैं। आपकी सफलता सिर्फ आपके जांच-पड़ताल के कौशल, जानकारी और अनुभव पर ही नहीं, बल्कि अपनी सेवाओं को ग्राहक तक पहुंचा पाने की आपकी क्षमता पर भी निर्भर करती है। बात चाहे किसी भी जमाने या समय की करें, जासूसी एक ऐसा पेशा है, जिसका आकर्षण हमेशा बना रहता है। जिन्हें रोमांच पसंद है, उन्हें हर हाल में सच्चाई जानने और उसे सबके सामने लाने के उद्देश्य से इस पेशे में उतरना चाहिए।

दिनचर्या
काम करने का समय यहां तय नहीं है और न ही कोई छुट्टी का दिन निर्धारित होता है
सुबह 6 बजे: किसी केस के अगले-पिछले तथ्यों को खंगालना
सुबह 9 बजे: अपने सहकर्मियों से दूसरे तथ्यों को जानने के लिए फोन पर बातचीत करना
दोपहर 1.30 बजे: तथ्यों को बटोरते हुए लंच करना
रात 9 बजे से आधी रात तक: घर पहुंच कर रिपोर्ट तैयार करना। अगर जानकारी पर्याप्त न हो तो अगले दिन की योजना तैयार करना।

वेतन
निजी जासूस 1.25 लाख से 2.50 लाख रुपये प्रति साल तक कमा सकते हैं। कॉरपोरेट जांच में जिन्हें पर्याप्त कानूनी जानकारी हो, वे 5 से 10 लाख रुपये सालाना तक कमा सकते हैं। (आंकड़े सांकेतिक मात्र हैं।) अनुभव बढ़ने के साथ-साथ आप एक वरिष्ठ जांचकर्ता या फिर टीम मैनेजर भी बन सकते हैं या खुद की जांच एजेंसी भी स्थापित कर सकते हैं।

कौशल व योग्यताएं
मौखिक व लिखित संपर्क में कुशलता
ऑब्जर्वेशन का बेहतर कौशल
विश्लेषण का जबर्दस्त कौशल
अदालत में प्रमाण प्रस्तुत करने के लिए आत्म-विश्वास
कंप्यूटर की बेसिक जानकारी
कानून संबंधी जानकारी
स्वतंत्र रूप से काम करने की क्षमता
धैर्य व दृढ़ता
आपकी जानकारी के बाद परेशान हो सकने वाले क्लाइंट्स के लिए सहानुभूति
क्रिमिनल साइकोलॉजी की गहन जानकारी

कैसे पहुंचें
आपको एक प्रशिक्षित जासूस बनने के लिए किसी खास योग्यता की जरूरत नहीं है। अगर आप में एक जासूस के गुण यानी उससे संबंधित योग्यताएं व जानकारियां नहीं हैं तो पैसे देकर हासिल किए गए प्रशिक्षण से भी बात नहीं बन सकती। बेशक आप खुद की भी एजेंसी स्थापित कर सकते हैं, लेकिन लोगों को आकर्षित करने और उन्हें बेहतर सेवाएं देने के लिए आप में कौशल होना चाहिए। इसके लिए जरूरी है कि आप अच्छी शिक्षा व फील्ड वर्क जैसे मार्केटिंग और सेल्स आदि में भी अनुभव हासिल करें। इन कार्यों से आपको आम इंसान के मनोविज्ञान को गहराई से समझने में मदद मिलेगी।

आप स्थानीय निजी जासूसों से संपर्क कर नए अवसरों के बारे में पता लगा सकते हैं। ‘एसोसिएशन ऑफ प्राइवेट डिटेक्टिव्‍स एंड इन्वेस्टिगेटर्स’, ‘काउंसिल ऑफ इंटरनेशनल इन्वेस्टिगेटर्स’ और ‘वर्ल्ड एसोसिएशन ऑफ डिटेक्टिव्‍स’ की वेबसाइट्स पर जाकर आप संभावित एजेंसियों, जहां आपको काम मिल सकता है, की भी सूची हासिल कर सकते हैं। इस कार्य के लिए आपके पास ड्राइविंग लाइसेंस होना अनिवार्य है।

संस्थान एवं वेबसाइट्स

डॉ. बी. आर. अंबेडकर विश्वविद्यालय, आगरा-एम.एससी. फॉरेंसिक साइंस
वेबसाइट:
www.dbrau.ac.in

मैसूर विश्वविद्यालय - एम.ए. क्रिमिनोलॉजी एंड फॉरेंसिक्स
वेबसाइट
: www.uni-mysore.ac.in

नेशनल इंस्टीटय़ूट ऑफ क्रिमिनोलॉजी-मास्टर्स इन क्रिमिनोलॉजी
वेबसाइट:
www.nicfs.nic.in

नफा-नुकसान
आपकी जांच-पड़ताल किसी कानूनी मामले में किसी की जान भी बचा सकती है।
बुनियादी तौर पर यह बेहद जोखिम भरा काम होता है, इसलिए कई बार कदम फूंक-फूंक कर रखने होते हैं।
दूसरों पर आंख मूंद कर भरोसा करने से आपको नुकसान भी हो सकता है।

 
 
 
 
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