सोमवार, 03 अगस्त, 2015 | 08:23 | IST
 |  Site Image Loading Image Loading
Image Loading    पाकिस्तान ने फिर किया संघर्षविराम का उल्लंघन, कई चौकियों को निशाना बनाया याकूब मेमन के साथ हमदर्दी जताना राष्ट्र के लिये नुकसानदेह है: वेंकैया नायडू झारखंड की शिक्षा मंत्री की शिक्षा का जवाब नहीं, अब बिहार को बताया पड़ोसी देश पाकिस्तान ने 163 भारतीय मछुआरों को रिहा किया  हम टीचर्स की इज्जत करतें हैं, आपलोगों को नहीं मारेंगे: आईएस आतंकी  पीएम मोदी की गया रैली में प्रयोग होगा एसपीजी की 'ब्लू बुक' अलर्ट, जानिये क्या है 'ब्लू बुक'... लालू ने भरी हुंकार, कहा शोषितों की आजादी की दूसरी लड़ाई लड़ रहा राजद कांगेस ने साधा धूमल और अनुराग ठाकुर पर निशाना  LIVE VIDEO: हरिद्वार में चालक ने पुलिस पर चढ़ाई कार, आरोपी गिरफ्तार राष्ट्रपति शासन में हो बिहार का चुनाव: पासवान
6 साल में बना था बिरला मंदिर
सत्य सिंधु First Published:17-12-2012 11:59:09 AMLast Updated:17-12-2012 12:05:58 PM
Image Loading

क्या तुम दिल्ली वाले बिरला मंदिर में गए हो? अगर हां, तो तुम्हें यह मंदिर पसंद आया ही होगा! अगर अब तक नहीं गए हो तो एक बार जरूर जाना। तुम यहां एक-दो घंटे नहीं, बल्कि कई घंटे रह सकते हो, क्योंकि यह मंदिर तो खूबसूरत है ही, यहां देखने के लिए गार्डन, पहाड़, फाउंटेन भी हैं। चलो आज इसके बारे में और जानते हैं सत्य सिंधु से

नई दिल्ली के मंदिर मार्ग पर स्थित बिरला मंदिर में जितनी बार जाओगे, उतने ही उसके करीब होते जाओगे। भगवान विष्णु और देवी लक्ष्मी के इस मंदिर में खासकर छुट्टियों के दिन श्रद्धालुओं की भीड़ लगी रहती है। तुम्हें यहां पूजा नहीं भी करनी हो तो जानकारी बढ़ने के लिए भी यहां पहुंच सकते हैं। अगर अब तक नहीं गए तो एक बार मम्मी-पापा के साथ जरूर जाना। इस मंदिर को श्री लक्ष्मीनारायण मंदिर के नाम से भी जाना जाता है। शायद तुम्हें यह भी नहीं मालूम होगा कि अब तक जितने भी बिरला मंदिर हैं, उनमें यह पहला है। तालकटोरा स्टेडियम से रामकृष्ण आश्रम मार्ग मेट्रो स्टेशन की ओर जाने वाली सड़क को मंदिर मार्ग कहते हैं। इस मार्ग पर बिरला मंदिर तो है ही, कई और भी मंदिर हैं। तालकटोरा स्टेडियम की ओर से सबसे पहले काली बाड़ी मिलेगा, जिसमें काली मंदिर है। थोड़ा और आगे बढ़ेंगे तो तुम्हें बिरला मंदिर मिलेगा, जहां काफी विदेशी पर्यटक आते हैं। इस मंदिर का निर्माण 6 वर्षों में हो पाया था।

उद्योगपति बी.डी. बिरला ने 1933 में इसका निर्माण कार्य प्रारम्भ करवाया। उडियन शैली के इस मंदिर का निर्माण सफेद संगमरमर और लाल बलुआ पत्थर से हुआ। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने 1939 में इस मंदिर का उद्घाटन किया था। मंदिर का उद्घाटन करते समय गांधीजी ने एक शर्त भी रखी थी कि किसी भी जाति के व्यक्ति को इस मंदिर में प्रवेश करने से नहीं रोका जाएगा। इस कारण हर जाति के श्रद्धालु यहां आते हैं। यह मंदिर तो लगभग आधा एकड़ में ही बना है, लेकिन इसका कैंपस 7 एकड़ में है। मंदिर का शिखर 165 फीट ऊंचा है। कुछ सीढियां चढ़ने के बाद तुम मंदिर में पहुंच सकते हो। वहां मुख्य रूप से भगवान विष्णु और लक्ष्मी की प्रतिमा है, भगवान शिव, गणेश, हनुमान, बुद्ध और देवी दुर्गा की भी प्रतिमाएं हैं। इसी मंजिल पर मंदिर के बाहर काफी खुली जगह है, जहां तुम काफी देर तक रहना पसंद करोगे। मंदिर के बिल्कुल बगल में एक धर्मशाला है, जहां पर्यटक विश्राम कर सकते हैं।

मंदिर के पीछे बहुत बड़ा बगीचा है, जिसमें तरह-तरह के फूल खिलते हैं। सर्दियों में तो इस बगीचे का नजारा और भी खूबसूरत हो जाता है। यहां मौजूद फाउंटेन और फव्वारा इस बगीचे और परिसर को और खूबसूरत बना देते हैं। तुम्हारे खेलने-कूदने के लिए बगीचे के पास ही पहाड़ी और तरह-तरह के रोमांचक खेलों की सुविधा है। पास ही खाने-पीने की दुकानें हैं, जहां तरह-तरह के व्यंजनों और चाय, कोल्ड ड्रिंक, लस्सी आदि का आनन्द उठा सकते हो।

 
 
 
 
जरूर पढ़ें
क्रिकेट
Image LoadingMCA ने शाहरुख के वानखेड़े स्टेडियम में प्रवेश करने से बैन हटाया
मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन ने अभिनेता शाहरुख खान पर वानखेड़े स्टेडियम में घुसने पर लगा प्रतिबंध हटा लिया है। एमसीए के उपाध्यक्ष आशीष शेलार के मुताबिक एमसीए ने यह फैसला रविवार को हुई मैनेजिंग कमेटी की बैठक में लिया है।
 
क्रिकेट स्कोरबोर्ड
 
Image Loading

जब बीमार पड़ा संता...
जीतो बीमार पति से: जानवर के डॉक्टर को मिलो तब आराम मिलेगा!
संता: वो क्यों?
जीतो: रोज़ सुबह मुर्गे की तरह जल्दी उठ जाते हो, घोड़े की तरह भाग के ऑफिस जाते हो, गधे की तरह दिनभर काम करते हो, घर आकर परिवार पर कुत्ते की तरह भोंकते हो, और रात को खाकर भैंस की तरह सो जाते हो, बेचारा इंसानों का डॉक्टर आपका क्या इलाज करेगा?