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फिल्में चलाएं ये अपने दम पर
हिन्दुस्तान रीमिक्स
First Published:15-12-12 02:19 PM
अगले महीने रिलीज होने जा रही निर्माता-निर्देशक विशाल भारद्वाज की फिल्म ‘मटरू की बिजली का मंडोला’ को लेकर उत्सुकता का मीटर अभी से फड़फड़ा रहा है। कुछ हटके किस्म की फिल्में बनाने के मामले में विशाल भारद्वाज तो अब एक ब्रांड बन चुके हैं। पंकज कपूर (फिल्म में वह मंडोला का किरदार निभा रहे हैं) तो बेहतरीन अभिनय करते ही हैं। अब चूंकि इस फिल्म में उनके साथ शबाना आजमी भी हैं तो जोड़ी खूब जमेगी ही। तो फिर इस फिल्म को लेकर इतनी जिज्ञासा क्यों?
जिन लोगों ने इस फिल्म का पहला टीजर और बाद में पूरा ट्रेलर देखा है, उन्हें इस बारे में बताने की जरूरत नहीं है। इस जिज्ञासा का इजहार उन तमाम लोगों के लिए है, जो मटरू (इमरान खान) और बिजली (अनुष्का शर्मा) से अनजान हैं। विशाल भारद्वाज की पिछली फिल्म ‘सात खून माफ’ के मुकाबले इस फिल्म की स्टार कास्ट वजन के मामले में काफी हल्की बेशक लगे, लेकिन रोचक तथ्य यह है कि वजन के इस अंतर को विशाल ने खुद ही जन्म दिया है।
सूत्रों के अनुसार इस फिल्म की योजना के समय मटरू के रोल के लिए पहले अजय देवगन का नाम चर्चा में आया था। बाद में कुछ अपुष्ट खबरों से पता चला कि अजय देवगन ने ज्यादा रुपयों की खातिर ये फिल्म करने से मना कर दिया था, क्योंकि वायकॉम 18 ने उन्हें अश्विन धीर की फिल्म के लिए ज्यादा पैसों में राजी कर लिया था।
विशाल मन मसोसकर रह गये। हालांकि इस फिल्म के लिए उनकी पहली पसंद अजय ही थे। बाद में विशाल ने शाहिद कपूर को लेने का मन बनाया, लेकिन बात नहीं बनी। आखिरकार इमरान खान का नाम फाइनल हुआ। फिल्म के दूसरे अहम पात्र यानी बिजली के किरदार के लिए विशाल को ज्यादा मशक्कत नहीं करनी पड़ी। उन्होंने एक झटके में ही अनुष्का को फाइनल कर दिया था।
अब जब फिल्म के प्रोमो धूम मचा रहे हैं तो कहा जा सकता है कि स्टारकास्ट के मामले में विशाल भारद्वाज के साथ जो हुआ वो काफी हद तक ठीक ही हुआ। अनुष्का के रूप में उन्हें एक ऐसी एक्ट्रेस मिली, जो आज अपने दम पर फिल्म हिट करा सकती है। हिट से मतलब अच्छी कलेक्शन और फिल्म की गुणवत्ता से है। और अगर आंकड़ें उठाकर देखें तो इमरान खान भी अपने दम पर फिल्म तो डूबने नहीं देते। यशराज कैंप की ‘मेरे ब्रदर की दुल्हन’ और आमिर खान कैंप की फिल्म ‘डेल्ही बेली’ इसके अच्छे उदाहरण हैं। इमरान और अनुष्का जैसे युवा सितारे ऐसे समय में चमक रहे हैं जब इंडस्ट्री में तीन खानों (अजय देवगन, अक्षय कुमार, सैफ अली खान, हृतिक रोशन को न भूलें) और करीना, कैटरीना और प्रियंका चोपड़ा जैसे सितारों का दबदबा है।
आज यहां ऐसे ही सितारों के बारे में बात की जा रही है, जो अपने कंधों पर फिल्म हिट कराने का दमखम रखते हैं। और कुछ ऐसों के बारे में भी जो इंडस्ट्री में हैं तो कई सालों से लेकिन उन्हें फिल्मों में जमे रहने के लिए किसी बड़े सितारे की मौजूदगी की जरूरत होती है। हां, तो बात अनुष्का शर्मा की हो रही थी। अपने चार साल के करियर में अनुष्का मे महज छह फिल्में की हैं।
शाहरुख खान और अक्षय कुमार जैसे स्टार के साथ शुरुआत करने के बाद अमूमन ऐसी अदाकारा को हर कोई साइन करना चाहता है, लेकिन अनुष्का ने बड़े बैनरों और नए निर्देशकों के साथ तालमेल बैठाते हुए अपने करियर को कुछ इस ढंग से संभाला है कि उन्हें अब सबसे भरोसेमंद अभिनेत्री माना जा रहा है।
इस साल रिलीज हुई उनकी एकमात्र फिल्म ‘जब तक है जान’ में उन्हें खूब तारीफ मिली। उन्हें ये तारीफ ऐसे में मिली है, जब उनके सामने कैटरीना कैफ थीं। प्रशंसा कैट की भी हुई, लेकिन उनके अभिनय में नयापन नहीं देखा गया। जबकि अनुष्का का किरदार ऊर्जा से भरपूर था, जो उन्हें सूट भी कर रहा था।
एक तरफ कुछ एक्ट्रेस जहां साल 2014-2015 तक पूरी तरह से बुक हैं वहीं अनुष्का के हाथ में फिलहाल अगले साल तक के लिए केवल दो फिल्में हैं। अनुराग कश्यप का मेगा प्रोजेक्ट ‘बांबे वेलवेट’ और राजकुमार हिरानी की ‘पीके’, जिसमें उनके साथ आमिर खान होंगे। ‘मटरू की बिजली का मंडोला’ तो अगले महीने रिलीज होने ही वाली है। जानकार कहते हैं कि अनुष्का फिल्में साइन करने में जल्दबाजी नहीं कर रही हैं। वो हर फिल्म साइन करने में विश्वास नहीं करतीं। ऐसी फिल्म भी नहीं, जिसमें केवल बडम बैनर या फिर बडम हीरो हो? जबकि उनकी तरह कई नई एक्ट्रेस ज्यादा से ज्यादा फिल्में साइन करने की होड़ में शामिल रहती हैं।
देखा जाए तो अनुष्का अपने हमउम्र रणबीर कपूर की ही तरह खुद को ग्रो कर रही हैं। आज की तारीख में रणबीर कपूर अकेले (बड़े सितारों की मौजूदगी के बावजूद) ऐसे हीरो दिखाई पड़ रहे हैं, जिस पर आंख मूंदकर पैसा लगाया जा सकता है। इसी साल फिल्म ‘बर्फी’ की कामयाबी के बाद तो ये साफ हो चला है कि वह बिना बोले भी फिल्म हिट करा सकते हैं। कुछ ऐसा ही हाल इमरान खान और इमरान हाशमी का भी है। इमरान को हालांकि इस सूची में शामिल न भी करें तो चलेगा। क्योंकि वह शुरू से ही अपने दम पर फिल्म हिट कराते रहे हैं।
यहां कुछ चरित्र सितारों की बात भी करेंगे, लेकिन थोड़ी देर बाद। अपने दम पर फिल्म खींच लेने के मामले में दीपिका पादुकोण का नाम कुछ संशोधनों के बाद भी शामिल करना थोड़ा मुश्किल होगा। क्योंकि अगर उनकी पिछली कुछ फिल्मों का आकलन करें तो उनके काम में तो कमी कम नजर आती है, लेकिन इसके साथ उन पर खुद को दोहराने का आरोप हमेशा लगता है। इश्किया, डर्टी पिक्चर और कहानी की सफलता के बाद विद्या बालन ने भी दिखा दिया है कि वह इंडस्ट्री की नई फीमेल हीरो है, जो कम बजट की फिल्म से चमत्कार दिखा सकती है।
विद्या की आगामी कुछ फिल्में (घनचक्कर और शादी के साइड इफेक्ट्स) उनके खुद के दम पर ही चलने के संकेत देती दिखती हैं। इधर, कई फिल्मों में असरदार चरित्र किरदार निभा चुके अभिनेता नवाजुद्दीन सिद्दीकी को अचानक से नोटिस किया जाने लगा है। हालांकि उन्हें इस सूची में शामिल करना गलत होगा। लेकिन किसी फिल्म में उनका होना उस फिल्म के लीड स्टार को फायदा पहुंचाने में मदद करता है। हालिया रिलीज फिल्म तलाश इसका अच्छा अदाहरण है। उनके साथ हाथ में इस समय करीब 11 फिल्में हैं। अब आप अंदाजा लगा सकते हैं कि वह आने वाले समय में किस किस बड़े सितारे को फायदा पहुंचा सकते हैं। एक अहम फिल्म ब्लैक करेंसी में नवाज एक बिजनेस टायकून का किरदार निभाने जा रहे हैं, जिसे निर्देशक अनिल शर्मा के भाई संजय शर्मा निर्देशित करेंगे।
इन तमाम बातों के बावजूद इंडस्ट्री में आज भी कई ऐसे सितारे हैं, जो अब तक अपने पैरों पर खड़े नहीं हो पाए हैं। इनमें अभिषेक बच्चन का नाम सबसे पहले लिया जाना चाहिये। बोल बच्चन क्यों हिट हुई सब जानते हैं। उसमें उनके साथ अजय देवगन थे। रितेश देशमुख और तुषार कपूर भी इसी श्रेणी के सितारे हैं, जिन्हें फिल्म हिट कराने के लिए जैक चाहिये। दस साल इंडस्ट्री में रहने के बावजूद वह अपने दम पर फिल्म हिट कराते नहीं दिखते। कुछ ऐसा ही हाल विवेक ओबेराय का भी हो चला है।
एक अच्छी शुरुआत कर चुके नील नितिन मुकेश के साथ भी यही हालात हैं। इस मामले में तारिकाओं की लिस्ट काफी लंबी है। ये काम ऐसा मुश्किल भी नहीं है। कई सितारे समय रहते अपने कंधे आने वाले समय में मजबूत कर सकते हैं और बन सकते हैं इंडस्ट्री के ‘हीरो’।
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