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पुलिस की कहानी, म्यूजियम की जुबानी
विवेक पांडेय First Published:14-12-12 11:32 AM

अगर आप दिल्ली पुलिस के बारे में विस्तार से जानकारी हासिल करना चाहते हैं तो न्यू पुलिस लाइन स्थित म्यूजियम जरूर जाएं। यहां कई महत्वपूर्ण तथ्यों के साथ-साथ आपको कई रोचक दस्तावेज भी देखने को मिलेंगे।

वो पुरानी गलियों वाली दिल्ली रही हो या चौड़ी चमचमाती आज की दिल्ली, सुरक्षा के मामले में दिल्ली पुलिस ने हमेशा इस शहर का साथ दिया है। न सिर्फ आधुनिक पुलिस ने बल्कि राजा महाराजाओं की सुरक्षा टोली ने भी। मिसाल के तौर पर 12वीं शताब्दी के सिपहसालारों के पदों से लेकर कोतवाल, दरोगा, एसपी, आईजी और कमिश्नर के पद तक  सबने दिल्ली की पहरेदारी की है।

इतिहास का हिस्सा रही और कई मोर्चो पर बहादुरी की मिसाल बनकर उभरी दिल्ली ने उर्दू के कायदों से  ऑनलाइन एफआईआर तक का सफर तय किया है।

यह पूरी कहानी दिल्ली पुलिस के म्यूजियम में बखूबी दर्शाई गई है। यहां मुगलकालीन सुरक्षा व्यवस्था, इंडियन पुलिस एक्ट पास होने के बाद सन 1861 की व्यवस्था और सन 1912 में दिल्ली पुलिस की व्यवस्था शुरू होने के साथ ही आधुनिक पुलिसिंग को दर्शाया गया है। इसके साथ ही कई दुर्लभ दस्तावेज और तस्वीरें इस म्यूजियम में मौजूद हैं। दस्तावेजों में सरकारी आदेश, एफआईआर की कॉपियां और रिपोर्ट वगैरह भी मौजूद हैं।
यहां दिल्ली पुलिस के ऐतिहासिक पदों पर रहे लोगों की तस्वीरें और जानकारियां हैं। जिसमें पहले एसपी, आईजी और कमिश्नर के साथ पहली महिला अधिकारी के बारे में जानकारी हासिल की जा सकती है। इसके साथ ही भगत सिंह और सुखदेव पर हुई एफआईआर की कॉपी भी देखी जा सकती है। दिल्ली पुलिस के इतिहास की पहली एफआईआर भी कौतूहल पैदा करती है।

ये म्यूजियम छात्रों और खासतौर से शोध के छात्रों और क्रिमिनोलॉजी के छात्रों को जरूर देखना चाहिए। इसके अलावा मां-बाप बच्चों को भी यह म्यूजियम दिखा सकते हैं, इससे उनका सामान्य ज्ञान बढ़ेगा।

कैसे पहुंचे
दिल्ली पुलिस का म्यूजियम किंग्सवे कैंप स्थित न्यू पुलिस लाइन में है। जीटीबी नगर मेट्रो स्टेशन के यह काफी करीब है। वहां से रिक्शा या आटो लेकर आसानी से पहुंचा जा सकता है। हर वर्किंग डे को सुबह 10 बजे से लेकर शाम साढ़े पांच बजे तक यहां जाया जा सकता है। म्यूजियम देखने के लिए कोई फीस नहीं लगती है।

 
 
 
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