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खुश रहिए और ज्यादा काम करिए
पूनम जैन First Published:13-12-12 10:58 AM
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काम-काज के दौरान कभी-कभार उदास या चिंताग्रस्त होना स्वाभाविक है। पर यदि आप रोजाना इसके कारण तनाव में रहती हैं तो यह आपके दिल की सेहत के लिए अच्छा नहीं है। यह इस बात का भी संकेत है कि आपको खुश रहकर काम करने की कला सीखने की जरूरत है। कैसे बता रही हैं पूनम जैन

जो आज हो सकता है, उसे आज ही करें
काम को कल पर टाल देने की प्रवृत्ति तनाव को सबसे पहला बुलावा है। जो काम आज कर सकती हैं, उसे आज ही कर डालिए। इसके दो फायदे होंगे-पहला, आपके पास शेष कामों की सूची सीमित होगी और आप अगले दिन की योजना सही ढंग से बना सकेंगी। दूसरा, छोटे-मोटे कामों के छूटने की गुंजाइश भी नहीं रहेगी।

कामों की सूची बनाएं
घर-परिवार के अलावा यदि आप नौकरी या व्यवसाय भी करती हैं तो अपने काम को बेहतर तरीके से व्यवस्थित करना भी सीखना होगा। कामों की प्राथमिकता के आधार पर एक सूची बना लें। अधिक जरूरी काम को सही तरीके से पहले पूरा कर दें। इससे सभी जरूरी काम समय पर पूरे हो जाएंगे। तनाव और हड़बड़ाहट नहीं होगी। आपको अपने आराम के लिए भी पर्याप्त समय मिलेगा और आपको रात में नींद भी ढंग से आएगी।

आशावादी बनिए
आशावादी सोच न सिर्फ आपको भीतर से मजबूत बनाती है, बल्कि व्यक्ति सभी काम व्यवस्थित तरीके से कर पाता है। नियमित कामों के अलावा अपने मनोरंजन का भी ध्यान रखें। रोजाना कुछ समय अपनी पसंद के कामों को दें। हर रोज एक्सरसाइज व योग करना आपके तन व मन दोनों को ताजगी देगा। अकेले न रहें, परिवार व दोस्तों से बात करें।

समाधान की बात करें
एक बात गांठ बांध लें कि समस्याएं हैं तो उनका समाधान भी है। दूसरा यह कि किसी भी ऐसे समय की प्रतीक्षा न करें,जब समस्याएं नहीं होंगी। कोई न कोई परेशानी बनी ही रहेगी। अत: काम कैसे किया जा सकता है इस बात पर अपना समय और दिमाग लगाएं। यदि कोई ऐसा काम है जिसे तुरंत पूरा करने में परेशानी हो रही है तो उसे किसी भी कीमत पर तभी निपटाने की जगह कुछ समय के लिए छोड़ दें। दूसरे काम निपटाकर फिर से पूरा करने का प्रयास करें। उस काम को छोटे-छोटे टुकड़ें में बांटकर पूरा करें।

ना कहना भी सीखें
कई ऐसे अनावश्यक काम होते हैं जो गुस्सा दिलाते हैं और तनाव को बढ़ते हैं। विशेषज्ञ कहते हैं कि ऐसी स्थिति में चिंता व हड़बड़ाहट में न आएं। चिंता में आप अपना काम पूरा नहीं कर पाएंगी। यह भी देख लें कहीं अपनी क्षमता से अधिक कामों की जिम्मेदारी तो नहीं ले रही हैं। यदि ऐसा है तो दूसरों के उलाहनों की चिंता करने की जगह पूरी विनम्रता से अपनी स्थिति स्पष्ट कर दें। जितना काम कर सकती हैं, उतना ही खुशी से स्वीकार करें।

नया सीखने के लिए तैयार रहें
नया सीखने से परहेज करना भी आपकी समस्याओं को बढ़ाता है। समय बदलने के साथ तकनीक बदली है। नई तकनीक से दूरी न बनाएं, उन्हें सीखें। अपने काम करने के तरीकों को आसान बनाएं। रसोई से जुड़े कई ऐसे गैजेट्स हैं, जो आपके काम को आसान बना सकते हैं। नहीं जानती हैं तो सीखें कि मोबाइल फोन कैसे इस्तेमाल करते हैं, एसएमएस कैसे किया जाता है, फोन में नंबर कैसे सेव होते हैं और कैसे उन्हें ढूंढ़ सकती हैं आदि। इसी तरह कंप्यूटर भी सीख सकती हैं।
 
 
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