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शरीर बड़ा.. पर पंख बेकार!
रजनी अरोड़ा First Published:04-12-12 01:45 PM
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पक्षियों के संसार में छोटी-बड़ी, रंग-बिरंगी चिडियों के बारे में तुम्हें हम कई बातें बता चुके हैं। पर आज उन बड़े पक्षियों के बारे में जानते हैं, जो देखने में तो खूब विशालकाय हैं, लेकिन उड़ नहीं पाते। चलो इनके बीच चलें रजनी अरोड़ा के साथ

तुमने क्या कभी 4 से 6 फीट लंबे और 30 से 60 किलो के पक्षियों को देखा है। हां, ऐसे पक्षी सच में होते हैं। दुनियाभर में ऐसे कई पक्षी हैं। लेकिन इनमें से कई ऐसे हैं, जो उड़ नहीं पाते। कोई अपने बड़े आकार, तो कोई कमजोर छोटे पंखों की वजह से उड़ नहीं सकता। तुम्हें जानकर हैरानी होगी कि रेटाइट्स बर्ड परिवार से जुड़े ये विशालकाय पक्षी कभी उड़ भी करते थे। पर समय गुजरने के साथ-साथ ये जमीन पर रहने लगे। नतीजतन इनका शरीर मोटा होता गया। उड़ान भरने वाले पंख बेकार होते गए और वो छोटे कमजोर पंखनुमा बालों में बदल गए।

शुतुरमुर्ग
पक्षियों की दुनिया में सबसे बडम पक्षी अफ्रीका में रहने वाला शुतुरमुर्ग है। समय के साथ-साथ इसकी चेस्टबोन में आए बदलाव और बहुत अधिक वजन के कारण यह उड़ नहीं पाता। एक वयस्क शुतुरमुर्ग 7 से 9 फुट लंबा और 100 से 160 किलो तक वजन का होता है। लेकिन शिकारी से बचने के लिए यह अपनी लंबी और मजबूत टांगों की बदौलत करीब 80 कि.मी. प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ता है। इसकी नजर और सुनने की क्षमता बहुत अच्छी होती है। शुतुरमुर्ग अपने पंखों की मदद से भागते समय शरीर का बेलेंस बनाते हैं। ये झुंड में रहते हैं। मादा ग्रे रंग की और नर काले रंग का होता है। नर जमीन में गड्ढा खोदकर घोंसले बनाता है। मादा एक साथ 18 अंडे देती है। ये अंडे 3 पाउंड वजन के होते हैं। अंडे से बेबी शुतुरमुर्ग निकलने में 40 दिन लगते हैं। ये पेड़ की पत्तियां, बीज, फल से लेकर छिपकली जैसे छोटे जीव खाकर जिंदा रहते हैं।

एमु
ऑस्ट्रेलिया में रहने वाला एमु 5 फुट लंबा और 50 से 60 किलोग्राम वजन का होता है। यह 40 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से उछलते हुए दौड़ता है। एमु समूह बनाकर रहते हैं, खाने और पानी की तलाश में दूर-दूर तक चले जाते हैं। फल-फूल, बीज तो खाते ही हैं, जरूरत पड़ने पर ग्रासहोपर, चीटियां, कैटरपिलर और छोटे कीड़े भी खा जाते हैं। ये अपने पंखों की मदद से बहुत अच्छा तैरते हैं। एमु की खासियत होती है कि वह वातावरण के तापमान के हिसाब से ढल जाते हैं। बहुत गर्मी होने पर उनके फेफड़े कूलर का काम करते हैं, जिससे उन्हें गर्मी महसूस नहीं होती। वैज्ञानिकों के मुताबिक, एमु की हड्डियां और जोड़ डायनासोर के समान होते हैं। अपनी रक्षा करने के लिए ये पैरों से बहुत तेज किक मारते हैं। शुतुरमुर्ग की तरह नर एमु घोंसला बनाता है, मादा उसमें 700 से 900 ग्राम वजन के 8-10 हरे रंग के अंडे देती है।

केसोवेरी
गिनीज बुक में केसोवेरी को दुनिया का सबसे खतरनाक पक्षी माना जाता है। शुतुरमुर्ग और एमु के बाद इसकी गिनती तीसरे सबसे बडे़ पक्षी के रूप में की जाती है। यह ऑस्ट्रेलिया और पापुआ न्यू गिनी में पाया जाता है। यह 6 फुट लंबा और तकरीबन 50 किलाग्राम वजन का होता है। मादा नर की तुलना में बड़ी होती है। इसके सिर पर ग्रे रंग का हेलमेटनुमा सींग होता है। यह सींग इसके सिर की रक्षा करता है और दूसरों पर आक्रमण करते वक्त काम आता है। ये 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौडम्ते हैं और 5 फुट की ऊंचाई तक कूद सकते हैं। ये अच्छे तैराक भी होते हैं। नर घोंसला बनाते हैं, मादा उसमें 6 से 8 तक अंडे देती हैं। फलों के अलावा ये मेंढक, सांप, घोंघे, कीड़े, चूहे और मरे हुए जानवर भी खाते हैं।

रिया
जो उड़ नहीं पाते, उनमें से एक रिया पक्षी भी है। हो सकता है तुमने इसके बारे में ज्यादा न सुना हो। दरअसल ये पक्षी दक्षिण अमरीका, ब्राजील और अर्जेटीना के वुड्लैंड्स में पाया जाता है। चलते या दौड़ते समय इसके पंख बैलेंस बनाने के काम आते हैं। अमूमन ये पक्षी 4-5 फुट लंबे और 50 किलोग्राम वजन तक के होते हैं। ये पौधे, फल-फूल, बीज, ग्रासहोपर, छिपकली, कैटरपिलर और छोटे जीवों को बड़े चाव से खाते हैं।
 
 
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