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लू, धूल, गर्मी, पसीना और.. बेदाग त्वचा
डॉ. ऋषि पराशर
First Published:13-06-12 11:24 AM
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इस गर्मी से सबसे ज्यादा नुकसान हमारी नाजुक त्वचा को होता है। आखिर उसे सीधे इसका सामना जो करना पड़ता है। आप अपनी त्वचा का खयाल कैसे रखें, बता रहे हैं सर गंगाराम होस्पिटल के त्वचा विशेषज्ञ डॉ. ऋषि पराशर

आज की जीवनशैली तो आपकी ऊर्जा निचोड़ती ही है, मौसम भी खूब परेशान करता है। अब इस गर्मी को ही ले लीजिए, आपकी त्वचा को कितना परेशान करती है। धूल और प्रदूषण के साथ तेज जलाती धूप और चिपचिपाहट भरा वातावरण त्वचा के लिए बेहद नुकसानदेह है। हवा के नाम पर गर्म लू के थपेड़े मिलते हैं तो त्वचा को बहुत तकलीफ देते हैं।

त्वचा की तकलीफ
गर्म हवाएं और तेज धूप त्वचा से जुड़ी कई तरह की समस्याएं पैदा करती हैं। ऐसे में कुछ समस्याओं का आमतौर पर हम सब को सामना करना पड़ता है। इनसे बचाव के लिए विशेष उपाय की जरूरत पड़ती है।
घमौरियां या प्रिक्ली हीट स्वेद ग्रंथि की नलिका की सामान्य समस्या है। इसमें ग्रंथि द्वारा उत्पन्न पसीना त्वचा की ऊपरी सतह पर आकर वाष्पीकृत हो जाता है। यह एक सामान्य प्रक्रिया है, लेकिन कई बार स्वेद ग्रंथि में अत्यधिक पसीना बनने की स्थिति में और त्वचा में रूकावट होने पर कई अन्य परेशानियों का भी सामना करना पड़ सकता है। जैसे त्वचा के ऊपरी सतह पर रूकावट के कारण क्रिस्टिलीना समस्या उत्पन्न हो जाती है। इसके अलावा अत्यधिक गर्मी की वजह से रूब्रा हो सकता है। इसमें त्वचा की गहराई में रूकावट की वजह से दाने हो जाते हैं, जिनमें जलन व खुजली होती है। प्रोफेनल भी रूब्रा की तरह ही होता है। इसमें त्वचा में नली के डर्मिस व इपिडर्मिस तक रूकावट हो जाती है। इसमें भी रूब्रा की तरह दाने ही होते हैं, लेकिन उनमें पस्ट्यूल्स बन जाते हैं।

प्रमुख समस्याएं और बचाव

घमौरियां होने पर सामान्यत: गर्मी वाले स्थानों से बचें। तेज धूप में जाना भी पड़े तो बिना छतरी के न जाएं। ठंडे पानी से नहाएं। यदि समस्या लंबे समय तक बनी रहे तो त्वचा विशेषज्ञ की सलाह लें। ग्लिसरीनयुक्त साबुन का इस्तेमाल करें।

सनबर्न: गर्मियों में तेज धूप के संपर्क में आने से त्वचा पर लालिमा, सूजन और कभी-कभी फफोले भी हो जाते हैं। यही सनबर्न है। सनबर्न होने पर ठंडे पानी की पट्टियां रखने से आराम मिलता है। इस समस्या के लिए कैलेमाइन लोशन बेहतर समाधान साबित होता है। धूप में निकलने से 15 मिनट पहले सन्स्क्रीन लोशन जरूर लगाएं। 15 से 39 एसपीएफ सन्स्क्रीन लोशन ठीक रहता है।

फोटो एलर्जी- यह ज्यादातर गर्मियों में होती है। यह एक तरह की एलर्जी है, जो त्वचा की अतिसंवेदना की वजह से होती है। इसमें त्वचा पर लाल चकते हो जाते हैं और त्वचा में खुजली भी होने लगती है। यह खुले भागों में होती है। दवाओं का सेवन करने के बाद धूप में जाने के कारण भी यह समस्या उत्पन्न हो जाती है। फोटो एलर्जी की समस्या से बचाव के लिए अपनी त्वचा को खुला न रखें। त्वचा की सफाई का भी खास ख्याल रखें और दवाओं का सेवन विशेषज्ञ की सलाह से ही करें।

टैनिंग- इसमें धूप के कारण त्वचा में सांवलापन आ जाता है। टैनिंग की समस्या से बचने के लिए जहां तक संभव हो, धूप में जाने से बचें। इससे बचे रहने के लिए सूती और पूरी बांह वाले कपड़े पहनना बेहतर विकल्प है।

क्लींजिंग भी है जरूरी
चिपचिपाहट भरे इस मौसम में रोजाना कम से कम दो बार त्वचा की डीप क्लींजिंग की जानी चाहिए। ऐलोवेरा, कुकंबर, लैवेंडर, लेमन, मिल्क एक्सट्रेक्ट, पिपरमिंट और सी वीड से बने फेस वॉश और जैल बढ़िया क्लींजर हैं। इसके बाद त्वचा को टोनिंग अर्थात पोषण की जरूरत होती है। टोनिंग से त्वचा में मौजूद अतिरिक्त तेल का स्नव नियंत्रित होता है और त्वचा में धूल-मिट्टी के कारण जमा गंदगी भी साफ होती है। त्वचा की प्रकृति को देखते हुए अपनी त्वचा की क्लींजिंग और टोनिंग करें। इन दिनों सूरज की गर्मी से मुरझाए चेहरे को नई जान देने के लिए बनाटा बोट एलोवेरा जेल का प्रयोग करना चाहिए। बालों की चिपचिपाहट से राहत पाने के लिए आप पिपरमिंट ट्रीटमेंट शैम्पू का इस्तेमाल कर सकते हैं।

स्वस्थ रहना है जरूरी
आप ऊपरी तौर पर भले ही खूब अच्छे उत्पाद त्वचा पर लगा लें या कितनी भी सावधानियां बरत लें, लेकिन अगर आप अंदर से स्वस्थ नहीं हैं तो ऊपरी प्रयास का कोई अर्थ नहीं रह जाता। खान-पान का भी आपकी त्वचा पर बहुत प्रभाव पड़ता है। इस मौसम में त्वचा और अच्छे स्वास्थ्य के लिए अच्छे और पौष्टिक आहार की जरूरत होती है। गर्मियों के मौसम में तले-भुने खाने से परहेज करना चाहिए। हल्के भोजन का सेवन करें, जो आसानी से पच सके। मौसमी सब्जियों और रसदार फलों, जैसे तरबूज, खरबूजा, आम, लीची आदि खूब खाएं। सलाद का भी भरपूर सेवन करें। खूब पानी पीएं। जूस, नींबू पानी और अन्य तरल पदार्थो को भी अपने खानपान में शामिल करें।

इन बातों का रखें ध्यान

संभव हो तो सुबह दस से शाम चार बजे तक सूर्य की रोशनी से दूर रहें।
चौड़े फ्रेम का सनग्लास इस्तेमाल करें।
दिन में एक से दो बार स्टेरॉयड क्रीम लगाएं।
धूप में निकलते वक्त छतरी का इस्तेमाल करें।
हल्के रंग के लूज कपड़े पहनें।
गर्मी के मौसम में पसीना आम बात होती है, लेकिन कुछ लोग ऐसी क्रीम और लोशन का इस्तेमाल करते हैं, जिनसे पसीना ना आए। ऐसी चीजों का इस्तेमाल न करें। पसीना आने से शरीर में ठंडक बनी रहती है और जहरीले तत्व भी बाहर निकलते हैं।
गर्मियों में टेल्कम पाउडर के प्रयोग से भी बचें। पाउडर शरीर के रोमछिद्रों को बंद कर देता है, जिससे पसीना बाहर नहीं निकल पाता।
इस मौसम में जितना हो सके, मेकअप से बचें।
गर्मी के मौसम में पसीने के कारण खुजली की समस्या होना आम बात है। ऐसा होने पर एंटी हिफ्टामिन का उपयोग करें।
संक्रमण होने पर डॉक्टर की सलाह पर एंटी बॉयोटिक गोलियां और क्रीम तुरंत इस्तेमाल करें।
बच्चों की त्वचा बहुत नाजुक होती है। उन पर इंसेक्ट बाइट का असर जल्दी होता है, इसलिए उनके घर से बाहर जाने से पहले उन्हें एंटी इंसेक्ट क्रीम लगाएं।
लोग गर्मी से राहत पाने के लिए स्विमिंग पूल का भी सहारा लेते हैं। पूल में जाने से पहले वॉटरप्रूफ सन्स्क्रीन लोशन लगाएं।
शेडो रूल को फॉलो करें। अगर आपकी शेडो आपकी हाइट से छोटी है तो तुरंत छाया में जाएं।

 
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