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गैस की समस्या है तो खाएं लौकी
दीपक भारती
First Published:02-05-12 11:37 AM
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लौकी यूं तो एक हरी सब्जी है लेकिन इसके फायदे इसे खास बना देते हैं। पानी से भरपूर ठंडी तासीर वाली लौकी खासकर गर्मियों के मौसम में सेहत के लिए काफी फायदेमंद साबित होती है। लौकी के कितने सारे फायदे हैं, बता रहे हैं दीपक भारती

हरी सब्जियों में लौकी शायद सबसे जल्दी पकती है। यह और बात है कि आज शहर में जो लौकी हम खरीद रहे हैं, वह बहुत देर में पकती है। कई बार तो वह ठीक से पकती भी नहीं। देर तक पकाने के बाद भी अगर लौकी ठीक से नहीं पकती है तो इसका मतलब है कि उसे इंजेक्शन लगाकर बड़ाकिया गया है। लौकी में लगभग 96% पानी होता है। यानी सलाद में जो काम खीरा करता है, सब्जी में वही काम लौकी करती है।

माना जाता है कि लौकी का जन्म अफ्रीका में हुआ। पहले खाने से ज्यादा इसका इस्तेमाल बर्तन के रूप में किया जाता था। लौकी लंबे आकार के साथ ही कद्दू की तरह गोल आकार में भी पाई जाती है। गोल आकार वाली यह लौकी जब सूख जाती थी तो कभी इसके अंदर के बीज निकालकर इसमें पानी रखा जाता था। आज भी आपने देखा होगा कि गांवों में सूखे हुए कद्दू को काटकर उसके अंदर सूखे हुए बीज रखे जाते हैं। इसके अलावा अंदर से खाली करने के बाद लौकी का वाद्य यंत्र के रूप में भी इस्तेमाल किया जाता था।

आज यह हमारी खास हरी सब्जी है, जिसे शाकाहारी लोग बेहद पसंद करते हैं। इसे पसंद किए जाने की दो वजहें हैं। पहली यह कि यह जल्दी पक जाती है और दूसरे इसे बनाने में ज्यादा मसालों का इस्तेमाल नहीं करना पड़ता। बीमारी के दौरान जब डॉक्टर किसी को लौकी की सब्जी खाने की सलाह देते हैं तो इसमें केवल नमक मिलाकर पकाते हैं। गर्मियों में होटलों में इसे चने के साथ मिलाकर बनाया जाता है। हालांकि तब यह काफी मसालेदार होती है। बंगाल में इसे ङींगा के साथ मिलाकर पकाते हैं। इस डिश को लाउ चिंगरी कहते हैं। महाराष्ट्र में लौकी की ऊपरी हरी परत से चटनी बनाई जाती है। चीन में सूप बनाने में इसका इस्तेमाल करते हैं तो जापान में एक तरह के रोल्ड सुशी (जापानी डिश) बनाने में यह काम में लाई जाती है।

लौकी के पांच फायदे

लौकी की तासीर ठंड की है। यानी गर्मियों के मौसम में यह आपके पेट के लिए भी काफी अच्छा रहता है।
इसमें फाइबर होने की वजह से यह अल्सर, पाइल्स और गैस के रोगियों के लिए काफी फायदेमंद सब्जी है।
पेशाब से जुड़ी अनियमितताओं के इलाज में लौकी फायदा करती है। अगर पेशाब करते समय किसी को जलन महसूस होती है तो डॉक्टर उसे लौकी खाने या उसका सूप पीने की सलाह देते हैं।
लौकी हमारे लीवर को भी दुरुस्त रखती है। अगर किसी का लीवर संक्रमित है और ठीक से काम नहीं कर रहा है तो लौकी खाना उसके लिए फायदेमंद होता है।
इसमें 96% पानी होता है। इसमें कैलोरी की मात्र कम होती है, जिस वजह से इसे आसानी से पचाया जा सकता है।

नफा है तो नुकसान भी
कच्चा भोजन तो नुकसानदेह होता ही है। अगर लौकी को भी ठीक से न पकाया जाए और अधपका खाया जाए तो इससे पेट और आंत की बीमारी भी हो सकती है।

 
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