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दुनिया के अंत से पहले हम बन जाएं फ्रेंड
First Published:27-04-12 04:27 PM
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मायान प्रोफेसी यानी माया सभ्यता की भविष्यवाणी में यकीन रखने वाले सिंगल युवा अपने जैसी सोच रखने वाले पार्टनर की तलाश में नेट की शरण ले रहे हैं। वर्ष 2012 में दुनिया खत्म हो जाएगी, ऐसी सोच रखने वाले लोगों को डर के साये से बाहर निकालने के उद्देश्य से बनाई गई ये साइट्स बड़ी तेजी से लोकप्रिय हो रही हैं। 

Survivalistsingles.com, prepperdating.com और doomsdaydating.com  ऐसी ही कुछ साइट्स हैं, जिन्होंने युवाओं में तेजी से अपनी पकड़ बनायी है। यह साइट्स ऐसे लोगों को जोड़ने का काम कर रही हैं,जो इस भय के साये में जी रहे हैं कि कयामत का दिन आ रहा है, जब पूरी दुनिया खत्म हो जाएगी। prepperdating.com के ऐसे ही एक सिंगल सोल यूजर ने अपने प्रोफाइल में लिखा है, ‘मैं मानता हूं कि दुनिया जल्द ही खत्म हो जाएगी। इसलिए मैं प्यार और एक ऐसे पार्टनर की तलाश में हूं जो मेरे जैसी सोच रखती हो।’

Survivalistsingles.com का एक अन्य यूजर कहता है, ‘हमें नहीं पता कि दुनिया कब खत्म हो जाएगी। मैं बेहद डरा हुआ हूं और दूसरे मेरी बात को गंभीरता से नहीं लेते। मैं बस किसी ऐसे का साथ चाहता हूं जो मुझे और मेरे इस डर को समझ सके।’

इस ऑनलाइन डेटिंग साइट का स्लोगन है: डोंट फेस द फ्यूचर अलोन (भविष्य को अकेले फेस न करो)। दिल्ली की एक 25 वर्षीय यूजर, प्रिया गुहा (बदला हुआ नाम) के मुताबिक साइट पर वह सच्चे प्यार की तलाश में हैं। वह कहती हैं, ‘मैं अपने सोलमेट की तलाश में हूं और चाहती हूं कि अब जितना भी वक्त बचा है, उसे मैं बेहतरीन बना दूं। कम से कम जब दुनिया खत्म होगी तब मैं इस बात के लिए निश्चिंत रहूंगी कि कोई ऐसा है जो  मेरा ध्यान रखता है और यह नहीं सोचता कि मैं मूर्ख हूं, जो कयामत के दिन पर यकीन कर रही हूं।’

गुड़गांव स्थित एक अन्य यूजर कहते हैं, ‘इसी साल 21 दिसंबर को दुनिया खत्म होने वाली है या प्रलय का दिन निकट आ गया है, जैसे फैक्ट्स मुझे मस्ती करने से नहीं रोक सकते। हां, इस तरह की साइट्स मुझ जैसी सोच वाले लोगों के लिए वरदान की तरह है। मुझे यहां मेरी तरह सोच रखने वाले कई लोग मिल रहे हैं।’

हालांकि, विशेषज्ञ महसूस करते हैं कि ऐसे वेबसाइट्स लंबे समय तक लोगों को जोड़े नहीं रख पाएंगी। दिल्ली स्थित एक रिलेशनशिप काउंसलर जय मदान कहते हैं, ‘इस तरह के साइट्स निराशा और भय का माहौल बना रहे हैं कि दुनिया कभी भी खत्म हो जाएगी। ये साइट्स लोगों की उस सोच पर पकड़ बना रही हैं कि कुछ भी संभव है। दरअसल, ऐसी स्थिति में असुरक्षा की भावना इतनी अधिक हो जाती है कि युवा सब कुछ  जल्दी-जल्दी हासिल करने के लिए आतुर हो जाते हैं।

परिणामस्वरूप, ऐसे रिश्तों में बड़ी ही आसानी से शारीरिक संबंध बन जाते हैं, जो बाद में व्यक्ति को भावनात्मक स्तर पर ठेस पहंचाने का काम करते हैं।

दिल्ली स्थित कंसल्टेंट साइकाट्रिस्ट अवधेश शर्मा इससे सहमत हैं और कहते हैं, ‘इस तरह के साइट्स में संबंधों में संतुष्टि हासिल करना मुश्किल होता है। पार्टनर में आप हमेशा ही कुछ ऐसा तलाशने की कोशिश करते हैं जो आप सा हो। इसलिए जीवन और मौत को लेकर एक जैसे विचार रखने वालों के लिए यह एक प्लेटफॉर्म तैयार कर सकता है, लेकिन यह निश्चित नहीं है। असल में, यह कुछ भी नहीं है, बस, जिंदगी को भरपूर जीने के लिए एक दौड़ लगाने की तरह है। खासकर जब आप जान रहे हों कि किसी भी दिन आपके साथ कुछ भी बुरा हो सकता है।’ ऐसे में उन युवाओं की कमी भी नहीं है जो केवल मनोरंजन  के लिए इन साइट्स पर विजिट कर रहे हैं।

2012 में जिंदगी हो जाएगी खत्म, ऐसी सोच रखने वालों के लिए बनी दो खास साइट्स: doomsdaydating.com  और   Survivalistsingles.com
 
 
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