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यह एंग्जाइटी हो सकती है, अगर बार-बार घबराए दिल
सविता गर्ग
First Published:11-04-12 11:53 AM
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दिल्ली की कुल आबादी का लगभग 5 प्रतिशत एंग्जाइटी की समस्या से परेशान हैं। यह समस्या तेजी से बढ़ रही है। अगर आप बात-बात पर घबराते हैं, अच्छी तरह सो नहीं पाते हैं, भीड़भाड़ परेशान करती है तो यह एंग्जाइटी डिस्‍ऑर्डर की समस्या हो सकती है। सविता गर्ग का आलेख

छोटी-छोटी बातों पर आपका दिल घबराने लगता है क्या? अचानक आपके दिल की धड़कनें तेज हो जाती हैं? मन बेचैन हो उठता है और समझ में नहीं आता कि क्या करें? क्या रात को सोते समय आप करवटें बदलते रहते हैं और किसी भी तरह आपके मन को शांति नहीं मिलती? क्या परीक्षाओं के समय, पहाड़ पर चढ़ते हुए, समुद्र के किनारे या भीड़भाड़ को देखकर आप घबरा जाते हैं? यदि ऐसा है तो आप एंग्जाइटी डिस्‍ऑर्डर के शिकार हैं। मेडिकल की जुबान में एंग्जाइटी डिस्‍ऑर्डर का अर्थ है स्नायुतंत्र पर अधिक दबाव पड़ना। बदलती जीवनशैली और आगे बढ़ने की होड़ के कारण लोगों में यह समस्या तेजी से बढ़ रही है।

क्या है एंग्जाइटी डिस्‍ऑर्डर
एंग्जाइटी डिस्‍ऑर्डर वास्तव में एक प्रकार का मानसिक विकार है। तमाम मनोरोगों में घबराहट सबसे ज्यादा पाया जाने वाला विकार है। आमतौर पर यह रोग 13 से 35 साल के लोगों में देखने को मिलता है। एंग्जाइटी डिस्‍ऑर्डर के समय रोगी के स्वायत्त तंत्रिका तंत्र में अनुकंपी तंत्रिका तंत्र की वृद्धि हो जाती है। इस दौरान शरीर में कैटेकोल अमीब्स हार्मोंन में वृद्घि हो जाती है, जिस कारण घबराहट होने लगती है। अगर इस रोग का सही समय पर इलाज न कराया जाए तो धीरे-धीरे यह फोबिया में बदल जाता है।

एंग्जाइटी डिस्‍ऑर्डर के लक्षण

छोटी-छोटी बात पर घबरा जाना
दिल की धड़कन बढ़ना
पसीने छूटना
दिमाग का काम न करना
फैसला न कर पाना
बोलने में घबराहट होना
पेट में हलचल महसूस होना
हाथ-पैरों में कंपन होना

एंग्जाइटी डिस्‍ऑर्डर के दुष्प्रभाव
जनरल सेक्रेटरी ऑफ इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के डॉ. अनिल बंसल के मुताबिक इससे आपको कई तरह के नुकसान हो सकते हैं।

डिप्रेशन होना: लगातार घबराहट होने और इसका सही समय पर उपचार न होने से आप डिप्रेशन के शिकार हो सकते हैं। हालांकि आपको शुरुआत में इसका अहसास नहीं होगा, लेकिन धीरे-धीरे आप अवसाद में रहने लग जाते हैं। इससे आपको डिप्रेशन की समस्या हो सकती है।

लोगों से दूर रहना: एंग्जाइटी का शिकार होने पर आप लोगों से दूर भागने लगते हैं। उनसे कटे-कटे रहते हैं और अकेला रहना चाहते हैं। आपको किसी से बात करने का मन नहीं करता और आप गुमसुम रहने लगते हैं।

आत्महत्या की प्रवृत्तियों का बढ़ना: एंग्जाइटी की शिकायत बढ़ने पर आपमें आत्महत्या की प्रवृत्ति बढ़ने लगती है। आप खुद से भागने लगते हैं और बार-बार आत्महत्या का प्रयास करने लगते हैं।

चीजों को भूलना: जब एंग्जाइटी डिस्‍ऑर्डर बहुत अधिक बढ़ जाता है और आप डिप्रेशन में रहने लगते हैं तो आप चीजों को भूलने लगते हैं। ये समस्या सीधे तौर पर एंग्जाइटी के कारण नहीं, लेकिन एंग्जाइटी से होने वाली समस्याओं के कारण होती है।

चीजों पर फोकस न कर पाना: आपकी ये समस्या जैसे-जैसे बढ़ती जाती है, आप चीजों पर ध्यान केंद्रित करने की क्षमता गंवाते जाते हैं। किसी काम में आपका मन नहीं लगता।

एंग्जाइटी डिस्‍ऑर्डर का उपचार
घबराहट या बैचेनी जैसी बीमारियों के लिए बाजार में अब कई प्रभावशाली दवाएं उपलब्ध हैं। ये दवाएं 12 से 15 सप्ताह के अंदर रोगी को पूरी तरह से स्वस्थ बना देती हैं। लेकिन कोई भी दवा बिना चिकित्सक की सलाह के नहीं लेनी चाहिए। साथ ही रोगी को किसी अच्छे मनोचिकित्सक को दिखाना चाहिए। डॉ. अनिल बंसल के मुताबिक, आपको एंग्जाइटी डिस्‍ऑर्डर से बचने के लिए निम्न उपायों को अपनाना चाहिए।

मेडिटेशन: मेडिटेशन एंग्जाइटी डिस्‍ऑर्डर से बचने का एक ऐसा उपाय है, जो आपको आराम से ठीक कर सकता है। मेडिटेशन के लिए जरूरी है कि आप रोजाना सुबह या शाम अकेले में ध्यान लगाएं। इससे आपके मन को शांति भी मिलेगी और आप एंग्जाइटी डिस्‍ऑर्डर की समस्या से भी बच जाएंगे।

टहलना: एंग्जाइटी डिस्‍ऑर्डर की समस्या से गुजरने वाले लोगों को सुबह और शाम की ताजा हवा में टहलना चाहिए। इससे आप तरोताजा महसूस करेंगे और अपनी समस्या से भी निजात पाएंगे। इससे आपका आत्मविश्वास भी बढ़ेगा।

जीवनशैली में बदलाव: आपको एंग्जाइटी डिस्‍ऑर्डर की समस्या से बचने के लिए अपनी जीवनशैली में बदलाव लाना बहुत जरूरी है। आपको चाहिए कि आप समय पर सोएं ओर समय पर उठें। इससे आपकी नींद भी पूरी होगी। कई बार नींद पूरी न होने से भी आपको एंग्जाइटी की समस्या हो सकती हैं।

रोज करें व्यायाम: स्वस्थ और तंदुरुस्त रहने के लिए आपको अपनी जीवनशैली में व्यायाम को भी प्रमुखता से शामिल करना चाहिए। इससे आप एंग्जाइटी डिस्ऑर्डर से बचेंगे ही, कई अन्य गंभीर समस्याओं से भी बच जाएंगे। आपको ब्रीदिंग एक्सरसाइज और शीतली प्रणायाम भी करना चाहिए। इससे आपको एंग्जाइटी डिस्‍ऑर्डर से जल्द ही निजात मिलेगी।

पौष्टिक आहार: इससे बचने के लिए संतुलित आहार लेना जरूरी है। ऐसे में आपको तैलीय भोजन और जंकफूड से बचना चाहिए। इसके साथ ही अंकुरित चीजों और तरल पदार्थों का अधिक से अधिक सेवन करना चाहिए।

मादक चीजों से रहें दूर: कई बार मादक पदार्थों का अधिक सेवन करने से भी एंग्जाइटी डिस्‍ऑर्डर की समस्या होने लगती है। ऐसे में आपको शराब, सिगरेट और अन्य नशीले पदार्थों के सेवन से बचना चाहिए।

 
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