शनिवार, 29 अगस्त, 2015 | 05:47 | IST
 |  Site Image Loading Image Loading
चलो आज हो जाए मंगल की सैर..
शाश्वती First Published:26-03-2012 11:45:52 AMLast Updated:00-00-0000 12:00:00 AM
Image Loading

मंगल यानी मार्स ग्रह हमारी पृथ्वी के सबसे नजदीक है। वैज्ञानिक सालों से इसके रहस्यों को जानने में लगे हैं। उन्हें यकीन है कि यहां जीवन हो सकता है। मंगल ग्रह के ऐसे ही रहस्यों में से 8 रोचक बातें तुम्हें बता रही हैं शाश्वती

इतने बड़े आसमान और उसकी खूबसूरती को देखकर तुम सोचते होगे कि इतना बड़ा आकाश, वहां क्या-क्या होगा? क्या वहां भी लोग रहते होंगे? पृथ्वी के अलावा दूसरे कौन-कौन से ग्रह हैं और वहां की जलवायु कैसी है, तो क्यों न तुम आज अपनी इस नॉलेज को थोड़ा-सा और बढ़ाओ।

मंगल यानी मार्स ग्रह सालों से हमें अपनी ओर आकर्षित करता रहा है। यह न सिर्फ पृथ्वी से सबसे नजदीक है, बल्कि यहां इस बात के प्रमाण भी मिले हैं कि यहां जिंदगी है। मतलब पृथ्वी की तरह भविष्य में शायद यहां भी हम रह पाएंगे। तो चलो, उस प्लैनेट के बारे में 8 चीजें जानते हैं, जिसमें छिपे रहस्यों के बारे पता लगाने के लिए वैज्ञानिक सालों से शोध कर रहे हैं।

मंगल यानी मार्स ग्रह का नाम रोम में युद्ध के देवता के नाम पर रखा गया है। मार्स को रेड प्लैनेट के नाम से भी जाना जाता है। रोम के युद्ध के देवता का नाम एर्स है और मार्स का यूनानी नाम भी एर्स ही है।

मंगल मेष राशि के लोगों का सनसाइन है और मार्च माह का नाम भी इसी के आधार पर रखा गया है। मंगल तीसरा सबसे छोटा ग्रह है। इससे छोटे दो दूसरे ग्रह वीनस और प्लूटो हैं।

पृथ्वी का एक उपग्रह है, चंद्रमा। लेकिन मंगल के दो उपग्रह हैं, जिनके नाम फोबोज और डीमोज हैं।

पृथ्वी के वातावरण में मुख्य रूप से नाइट्रोजन और ऑक्सीजन पाया जाता है, मंगल के वातारण में कार्बन डाइऑक्साइड की अधिकता है।

मंगल का तापमान काफी कम है और वहां भाप तुरंत जम जाती है। यही वजह है कि वहां हमेशा बादल छाए रहते हैं। मंगल को टेरेस्टेरियल प्लैनेट के नाम से भी जाना जाता है।

पृथ्वी और शुक्र की तरह यहां के धरातल में भी काफी पत्थर हैं। यहां अक्सर ज्वालामुखी फटते हैं। यहां तूफान भी बहुत आते हैं। वैज्ञानिक मंगल की सतह पर पानी की खोज में हैं। वैसे भाप के जम जाने के कारण इसकी सतह पर आसानी से पानी तो नहीं मिल सकता, पर ऐसी उम्मीद की जा रही है कि मंगल के भीतर शायद कहीं पानी मिल जाए। यहां पानी की खोज इसलिए की जा रही है, क्योंकि अगर यहां पानी मिल गया तो इस बात की संभावना बढ़ जाएगी कि मंगल पर भी जिंदगी है।

मंगल का आकार पृथ्वी की तुलना में कम है, पर यह अपनी कक्षा पर धीरे-धीरे घूमता है। मंगल को सूरज का एक चक्कर लगाने में 687 दिन लगते हैं यानी मंगल ग्रह पर एक साल 687 दिनों का होता है।

सूरज से दूर होने के कारण मंगल ग्रह काफी अधिक ठंडा है। तुम्हें जानकर हैरानी होगी कि यहां का औसत तापमान -63 डिग्री सेल्सियस है।

 
 
 
 
जरूर पढ़ें
क्रिकेट
Image Loadingबारिश ने धोया पहले दिन का खेल, भारत 50/2
भारत और श्रीलंका के बीच तीसरे और आखिरी क्रिकेट टेस्ट के पहले दिन शुक्रवार को बारिश के कारण दो सत्र से अधिक का खेल नहीं हो सका जबकि भारत ने पहली पारी में दो विकेट पर 50 रन बनाए।
 
क्रिकेट स्कोरबोर्ड
 
Image Loading

जब जय की हुई जमकर पिटाई...
वीरू (जय से): कल तुझे मेरे मोहल्ले के दस लड़कों ने बहुत बुरी तरह पीटा। फिर तूने क्या किया?
जय: मैंने उन सभी से कहा कि कि अगर हिम्मत है, तो अकेले-अकेले आओ।
वीरू: फिर क्या हुआ?
जय: होना क्या था, उसके बाद उन सबने एक-एक करके फिर से मुझे पीटा।