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आ गया बॉक्स ऑफिस का असली दबंग
निकिता त्रिपाठी First Published:22-12-12 10:52 AM
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‘दबंग 2’ इस वर्ष के सबसे सफल अभिनेता कहे जा रहे सलमान खान के करियर की पहली सीक्वल फिल्म है। यह फिल्म उनके लिए बहुत मायने रखती है। सलमान ने पहले ही साफ कर दिया है कि अगर दबंग 2 सुपरहिट हुई तो वह इसका तीसरा भाग भी बनाएंगे। इसका तीसरा भाग इसका प्रीक्वल होगा।

अपने करियर की पहली सीक्वल फिल्म करते समय कितना दबाव रहा?
बहुत ज्यादा। अब ‘दबंग 2’ के बाद ‘नो एंट्री’ का सीक्वल करने जा रहा हूं। यदि इस फिल्म को जबरदस्त सफलता मिली तो अरबाज खान का करियर फिल्म निर्माता और निर्देशक दोनों रूप में सुरक्षित हो जाएगा। वह तुरंत दूसरी फिल्म बनाने पर विचार करेगा। यदि यह फिल्म नहीं चली तो सबसे ज्यादा नुकसान बेचारे अरबाज को ही होगा। उसने ही इस फिल्म के लिए सबसे अधिक मेहनत की है।

आपकी नजर में अरबाज खान अच्छे कलाकार हैं या अच्छे निर्देशक?
अच्छे निर्देशक।

‘दबंग 2’ से आप भी चर्चा में आ गए और ‘दबंग’ एक ब्रांड बन गया?
यदि फिल्म ‘दबंग’ को सफलता ना मिलती तो यह ब्रांड न बनता। फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर जम कर कमाई की, जिसकी वजह से इसका अपना एक ब्रांड बन गया, पर मुझे अच्छी तरह से याद है कि जब यह फिल्म बन रही थी, तब तमाम लोगों ने आलोचना की थी। इस फिल्म को लेकर जबरदस्त नेगेटिव बातें की गयी थीं। लोगों का मानना था कि यह ग्रामीण पृष्ठभूमि पर अजीब-सी फिल्म है। इसमें एक अजीब-सा चुलबुल पांडे नामक पुलिस का पात्र है। मैं दूसरों कि क्यों कहूं, मेरे अपने दोस्त भी मुझसे कह रहे थे कि इस फिल्म का कुछ नहीं होगा। मुझ तक इस फिल्म की स्क्रिप्ट पहुंचने से पहले दो साल तक कई फिल्म निर्माताओं के दफ्तरों में घूमती रही और सभी ने इसे बनाने से मना कर दिया था। पर जब हम फिल्म बना रहे थे तो लोग सोच रहे थे कि यह क्या बना रहे हैं। सभी का मानना था कि इस फिल्म का कुछ नहीं होना है, लेकिन इस फिल्म की अपनी कुंडली थी। 

पहली ‘दबंग’ से यह कितनी अलग है?
पहले के मुकाबले इसमें सब कुछ बहुत ज्यादा नजर आएगा। अब यह कहानी छोटे से कस्बे की नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश के कानपुर शहर पहुंच गयी है, क्योंकि चुलबुल पांडे का तबादला कानपुर शहर के एक थाने में हो गया है। ‘दबंग’ में जिस भावनात्मक संघर्ष व पीडम से चुलबुल पांडे गुजर रहा था, वह ‘दबंग 2’ में नहीं है।

दबंग 2’ की सबसे बड़ी खासियत क्या है?
इस फिल्म में दर्शक पहली बार सिनेमाई परदे पर शादीशुदा लोगों के बीच के रोमांस का आनंद ले सकेंगे, वरना शादी होते ही लोगों की जिंदगी से रोमांस गायब हो जाता है। दूसरी बात यह है कि सही अर्थों में ‘दबंग 2’ पहली सीक्वल फिल्म है, जिसकी कहानी आगे बढ़ी है।

चुलबुल पांडे में क्या-क्या बदलाव नजर आएगा?
पात्र में बदलाव नजर नहीं आएगा। उसकी जिंदगी में बहुत कुछ दुख वाला माहौल चल रहा है। उसका एक सौतेला भाई है। उसकी मां ने किसी और से शादी की थी। उसके अपने पिता हैं नहीं। अपने सौतेले भाई पर यकीन करने को लेकर उसका दिमाग दो तरह की बातें सोचता है। पांडे जी उसके नए पिता हैं और परिवार के मुखिया हैं, लेकिन वह तो अपने आप में चुलबुल पांडे है।

लेकिन अब चुलबुल पांडे शादीशुदा है तो वह घर के लिए सामान भी खरीद कर लाता होगा?
पारिवारिक इंसान बनने के बाद कुछ तो काम उसे करने ही पडेंगे, पर यह सब आप फिल्म के अंदर देखें तो ही मजा आएगा।

‘दबंग’ में मलाइका अरोड़ा खान पर फिल्माये गये आइटम गीत ने धूम मचाई थी। इस बार मलाइका पर कोई आइटम नंबर क्यों नहीं फिल्माया?
इसका सही व बेहतर जवाब तो फिल्म के निर्देशक अरबाज खान ही दे सकते हैं। मगर ‘दबंग 2’ में फेविकोल.. गीत रखा गया है, जो काफी पसंद किया जा रहा है। इसमें करीना कपूर नजर आ रही हैं, जबकि मलाइका ‘पांडे जी सीटी मारे..’ गीत में कुछ समय के लिए नजर आएंगी।

‘दबंग 2’ में अभिनव कश्यप कितना नजर आएंगे?
जब अभिनव कश्यप हमारे पास आए थे तो यह एक शुष्क कलात्मक फिल्म थी, जिस तरह की वह व उनके भाई अनुराग फिल्में बनाते रहे हैं। अब उनके बारे में कुछ और ही सुना जा रहा है।

उनके भाई अनुराग कश्यप ने भी अपना स्टाइल बदल लिया है। उनकी फिल्मों में भी मसाला टच आ गया है। जब ‘दबंग’ में एक भी गाना नहीं था, तब मैंने, अरबाज और अभिनव ने बैठ कर नए सिरे से ‘दबंग’ पर काम किया था। जिस तरह की फिल्म बन कर रिलीज हुई, उसमें सबसे बड़ा योगदान अरबाज का था। अभिनव के योगदान को भी हम नकार नहीं सकते। मैं उन्हें इस बात का क्रेडिट देता हूं कि हमारे साथ काम करने के दौरान अभिनव ने महसूस किया कि यदि हम फिल्म को बिकाऊ बनाना चाहते हैं तो उसमें व्यावसायिक मसाले होने ही चाहिए। भारतीय फिल्मों में गाने बहुत जरूरी हैं। हम तो ‘दबंग 2’ उन्हीं से निर्देशित करवाना चाहते थे। मैंने खुद अभिनव से बात की थी। दो बार उन्हें फोन भी किया, पर उन्होंने मना कर दिया। उसके बाद उनके भाई अनुराग ने कुछ इस ढंग का इंटरव्यू दे दिया कि सब मामला गड़बड़ हो गया।

जब अभिनव ने आपके ऑफर को ठुकराया तो आपको आश्चर्य हुआ होगा?
आश्चर्य होना स्वाभाविक था, क्योंकि एक सफल फिल्म का हम सीक्वल बना रहे थे। सफल फिल्म के वह निर्देशक थे और अब सीक्वल को करने से मना कर रहे थे। मैं थाईलैंड में फिल्म ‘रेडी’ की शूटिंग कर रहा था। अरबाज ने बताया कि अभिनव ने एसएमएस करके फिल्म निर्देशित करने से मना कर दिया है। उसके बाद अनुराग ने ट्वीटर पर अजीबोगरीब बातें लिख डालीं। मैं तो अनुराग को धन्यवाद देता हूं कि उसने योजना बना कर अरबाज को निर्देशन के क्षेत्र में उतरने के लिए मजबूर कर दिया और अब अरबाज ने अच्छा काम किया है। अरबाज ने इस फिल्म को नयी ऊंचाइयों पर पहुंचाया है।

अब जब निर्देशन अरबाज ने किया है तो सेट पर आप पूरी तरह से उस पर हावी होते होंगे?
अरबाज और मैंने बतौर अभिनेता एक साथ कई फिल्में की हैं तो उसकी काबिलियत का मुझे अहसास है। वह मेरा भाई भी है। यदि अरबाज की जगह कोई दूसरा निर्देशक होता तो सेट पर सलाह देते समय मुझे दस बार सोचना पड़ता।

क्या वजह है कि ‘वॉन्टेड’ के बाद आप हर फिल्म में लार्जर देन लाइफ व कठोर/एक्शन प्रधान पात्रों में ही नजर आ रहे हैं। कभी ‘मैंने प्यार किया’ जैसे पात्र करने की इच्छा नहीं होती?
‘मैंने प्यार किया’ जैसी फिल्में भी करना चाहूंगा, पर उन फिल्मों में भी मैं ‘लार्जर देन लाइफ’ वाले पात्र ही निभाना चाहूंगा। वैसे मेरा मानना है कि ‘मैंने प्यार किया’ में भी मैंने ‘लार्जर देन लाइफ’ पात्र ही निभाया था और उसी फिल्म की वजह से मैं यहां तक पहुंच पाया हूं। मेरे करियर में ‘मैंने प्यार किया’ का बहुत बड़ा योगदान है।

आप हमेशा पटकथा के दायरे में रह कर काम करते हैं या..
जब हम कुछ लिखते हैं तो बंद कमरे के अंदर लिखते हैं। पर जब हम सेट पर पहुंच जाते हैं तो चीजें बदल जाती हैं। वहां पर हम एक यूनिट की तरह काम करते हैं और हर किसी की सलाह पर गौर फरमाते हुए फिल्म की बेहतरी के लिए सोचते हैं।

आने वाली फिल्म हिट होगी या नहीं, इस चिंता में आपकी रातों की नींद गायब होती होगी?
ऐसा क्यों होने लगा? जिसकी फिल्म दर फिल्म असफल हो रही हो, उसकी रातों की नींद हराम होनी चाहिए। मेरी क्यों? फिलहाल मैं सफल दर सफल फिल्म ही दे रहा हूं। मैं हमेशा वर्तमान में जीता हूं। मैं तो असफल फिल्मों के दौर में भी चैन की नींद सोता रहा हूं। मुझे शुक्रवार का डर कभी नहीं सताता।

लेकिन पांच साल पहले जब आपकी यह स्थिति नहीं थी, आपकी फिल्में लगातार असफल हो रही थीं, तब और अब में क्या फर्क महसूस कर रहे हैं?
मैं वैसा ही हूं। पर आप लोग तो खुश हो ना। वैसे भी पिक्चर चले या न चले, आप लोगों को तो कुछ न कुछ मैटेरियल मिलता ही रहता है।

आपने कई तरह के किरदार निभाए। किस किरदार को करते हुए आप ज्यादा इंज्वॉय करते हैं?
22 साल की उम्र में जब मैंने ‘मैंने प्यार किया’ फिल्म की थी, उस वक्त मैं बहुत कच्चा था। पर युवा होने की वजह से कम मेहनत करके अच्छा काम कर लिया था। अब 45 साल की उम्र में मुझे उतना बेहतर काम करने के लिए दस गुना ज्यादा मेहनत करनी पड़ रही है। मुझे वही फिल्में करनी हैं, जिन्हें मैं स्वयं थिएटर के अंदर जाकर देखना पसंद करूं।

क्या आप एक बार फिर ‘प्रेम’ बन कर आने वाले हैं?
मैं सूरज बड़जात्या के साथ एक फिल्म कर रहा हूं, जिसमें दर्शक मुझे एक बार फिर प्रेम के रूप में देख सकेंगे।

कभी किसी हीरोइन ने आपसे कहा कि आप फिल्मों में क्या पहनें?
हां, ‘दबंग’ में लोगों ने मुझे मूंछों के साथ देखा। यह सोनाक्षी की ही सलाह थी। सोनाक्षी ने कहा कि मुझे फिल्मों में मूंछ रखनी चाहिए।

पर आप अपनी फिल्म की सफलता के लिए ईश्वर से प्रार्थना तो करते ही होंगे?
मैं ईश्वर से फिल्म की सफलता के लिए प्रार्थना करने की बजाय इस बात की प्रार्थना करता हूं कि हमें इज्जत मिले। लोगों को मेरा काम पसंद आए।

प्रचार के लिए अपनाया अनोखा साधन
सलमान खान अपने करियर की पहली सीक्वल फिल्म ‘दबंग 2’ को सफल बनाने के लिए अपनी तरफ से कोई कसर बाकी नहीं रखना चाहते थे। इसके लिए सलमान इस बार मुंबई के लोकल रेलवे स्टेशनों पर ‘रेलवे एनाउंसमेंट सिस्टम’ का भी उपयोग कर रहे हैं। जब एक यात्री मुंबई के किसी भी रेलवे स्टेशन पर पहुंचता है तो उसे ट्रेन के आगमन के एनाउंसमेट के अलावा बीच-बीच में सलमान की ही आवाज में ‘दबंग 2’ का प्रचारात्मक एनाउंसमेट भी सुनने को मिलता है।

क्या जन्मदिन जेल में मनेगा?
21 दिसंबर को फिल्म ‘दबंग 2’ की रिलीज के बाद सलमान खान ने 27 दिसंबर को अपना जन्मदिन बडे़ तामझाम के साथ मनाने की योजना बनायी थी, लेकिन अचानक ‘हिट एंड रन’ केस पर अदालती फरमान ने उनकी खुशियों पर कुठाराघाट कर दिया है। मुंबई की अदालत ने 27 दिसंबर यानी कि उनके जन्मदिन पर सलमान को अदालत में पेश होना है। तो क्या सलमान का जन्मदिन जेल के अंदर मनेगा?’ अब देखना यह है कि उस दिन अदालत सलमान को लेकर क्या निर्णय सुनाती है। वैसे सलमान खान कहते हैं-‘जन्मदिन की मेरी कोई योजना नहीं है। मैं उस दिन मुंबई की अदालत में जरूर हाजिर रहूंगा।’

 
 
 
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