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बर्फीली राहें, बरतें सावधानी
पंकज घिल्डियाल
First Published:21-12-12 02:10 PM
जिस तरह हम कड़ाके की ठंड में अपने शरीर को बचाने के लिए बहुत से उपाय करते हैं, ठीक वैसी ही देखभाल की जरूरत हमारी गाड़ी को भी होती है। एक ओर जहां इन दिनों गाड़ी की सेहत बिगड़ने का खतरा अधिक रहता है, वहीं दूसरी ओर सर्दियों में ड्राइविंग करते वक्त भी कुछ सावधानियां बरतनी होती हैं। जानते हैं सर्दियों में गाड़ी व उसकी सवारी के दौरान किन बातों का रखें विशेष ख्याल, बता रहे हैं पंकज घिल्डियाल
कार की बैटरी
सर्दियों में अक्सर गाड़ी स्टार्ट नहीं होती है। ऐसे में उसे धक्का देकर स्टार्ट करना सामान्य प्रक्रिया है, लेकिन नए जमाने की कारों में ऐसा करना खतरनाक है। जोर का झटका लगने से उनके इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम को नुकसान पहुंच सकता है, इसलिए बेहतर होगा कि किसी दूसरी गाड़ी की बैटरी से जोड़ कर उसे स्टार्ट करें। इससे गाड़ी को नुकसान नहीं पहुंचेगा। बंद गाड़ी में लाइट न जलाएं और न ही रेडलाइट पर इसे जलाए रखें। अधिक हॉर्न बजाना भी बैटरी की लाइफ के लिए नुकसानदेह है। इलेक्ट्रिकल सामानों का कम से कम इस्तेमाल बैटरी की सेहत के लिए बेहतर रहता है। इन दिनों कार की ड्राई बैटरियां आ रही हैं और उनमें ज्यादा देखभाल की जरूरत नहीं पड़ती, फिर भी बेहतर होगा कि उसके टर्मिनल को देख लिया करें। स्पीड कम हो
यदि आपको लगता है कि आपकी गाड़ी सड़क छोड़ रही है तो अपनी स्पीड कम कर दें। पीछे से आ रही कारों के दबाव में न आएं और न ही अपनी मंजिल पर देर से पहुंचने की चिंता को हावी होने दें। जब बारिश के आसार हों और कहीं पहुंचना जरूरी हो तो थोड़ा अतिरिक्त समय लेकर चलें। टायरों की पकड़ का रहे ख्याल
कम रफ्तार में टायर की पकड़ सड़क पर अधिक होती है। जब आप बर्फीले क्षेत्र या जहां ओले पड़ रहें हो तो सामान्य स्पीड पर गाड़ी रोकना आसान रहता है। जब भी आप ऐसी सड़क पर हों, जहां थोड़ा खतरा हो सकता है, तो सबसे पहले गाड़ी की स्पीड कम करें और टायरों की पकड़ चेक करें। कम स्पीड में सावधानी से ब्रेक लगाकर इसे जांच सकते हैं। कभी-कभी बर्फ पर पकड़ अच्छी मिलती है। बर्फीले क्षेत्रों में सावधानी बरतें
ऐसे इलाकों में गाड़ी धीरे चलाएं, जहां बर्फ जमने की गति काफी तेज हो। जैसे पुल, ओवरपास, छायादार जगह, आपस में कटती सड़कें। ऐसी जगहों से गाडियां गुजारते वक्त बेहद सावधान रहें। जैसे ही गाड़ी से कुचले जाने वाले बर्फ की चरमराहट बंद हो, सावधान हो जाइए। आगे बर्फ धंस सकती है। गाडियों से दूरी बना कर चलें
आमतौर पर ड्राइविंग करते वक्त आपके आगे चल रही गाड़ी से आपका फासला तीन सेकेंड का होना चाहिए, लेकिन जोखिम भरी स्थितियों में इस फासले को बढ़ते चलें। उदाहरण के लिए बारिश के दौरान आगे की गाड़ी से चार सेकेंड की दूरी रखिए। ऐसी रातों में ड्राइविंग के वक्त आगे की गाड़ी से आपका फासला पांच सेकेंड का होना चाहिए। सर्दियों में सेफ ड्राइविंग टायरों के निशान का ध्यान रखें: जब बर्फ पड़ रही हो तो गाडियों के टायरों से बने रास्ते को अपनाएं। यह ज्यादा सेफ है। इन रास्तों पर ही चलें। अगर लेन बदलनी ही हो तो टायरों को अपनी पकड़ बनाने दें। एक बार पकड़ बनने लगे तो फिर धीरे-धीरे ड्राइविंग करें। ब्रेक का रखें ख्याल
ब्रेक पर बहुत ज्यादा जोर न दें। ऐसा करने पर गाड़ी फिसलने लगेगी। आज के दौर में जब एंटी-लॉक ब्रेक का सिस्टम है तो फिर बार-बार ब्रेक पेडल को दबाए रखने की कोई जरूरत नहीं है। ब्रेक पर बराबर भार दें। आप देखेंगे कि फिसलन भरी सड़क पर भी स्टियिरग पर आपका कंट्रोल अच्छा रहेगा। इंजन को गर्म होने का समय दें
जब गाड़ी स्टार्ट हो जाए तो इंजन को नजरअंदाज न करें। गाड़ी आगे बढ़ने से पहले ठंडे पड़े इंजन को थोड़ा गर्म होने का मौका दें। इसके लिए करीब एक मिनट तक इंजन चालू रखकर हल्का एक्सिलेटर दबाए रखें। पहले दो से चार किलोमीटर गाड़ी को थोड़ा धीमा चलाएं। इससे इंजन पर खराब असर नहीं पड़ेगा। गीली सड़कों पर गाड़ी तेज करने से पहले ब्रेक लगाकर सड़कों की सतह का अंदाजा कर लें कि कहीं गाड़ी स्लिप तो नहीं हो रही।
सर्दियों में अक्सर गाड़ी स्टार्ट नहीं होती है। ऐसे में उसे धक्का देकर स्टार्ट करना सामान्य प्रक्रिया है, लेकिन नए जमाने की कारों में ऐसा करना खतरनाक है। जोर का झटका लगने से उनके इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम को नुकसान पहुंच सकता है, इसलिए बेहतर होगा कि किसी दूसरी गाड़ी की बैटरी से जोड़ कर उसे स्टार्ट करें। इससे गाड़ी को नुकसान नहीं पहुंचेगा। बंद गाड़ी में लाइट न जलाएं और न ही रेडलाइट पर इसे जलाए रखें। अधिक हॉर्न बजाना भी बैटरी की लाइफ के लिए नुकसानदेह है। इलेक्ट्रिकल सामानों का कम से कम इस्तेमाल बैटरी की सेहत के लिए बेहतर रहता है। इन दिनों कार की ड्राई बैटरियां आ रही हैं और उनमें ज्यादा देखभाल की जरूरत नहीं पड़ती, फिर भी बेहतर होगा कि उसके टर्मिनल को देख लिया करें। स्पीड कम हो
यदि आपको लगता है कि आपकी गाड़ी सड़क छोड़ रही है तो अपनी स्पीड कम कर दें। पीछे से आ रही कारों के दबाव में न आएं और न ही अपनी मंजिल पर देर से पहुंचने की चिंता को हावी होने दें। जब बारिश के आसार हों और कहीं पहुंचना जरूरी हो तो थोड़ा अतिरिक्त समय लेकर चलें। टायरों की पकड़ का रहे ख्याल
कम रफ्तार में टायर की पकड़ सड़क पर अधिक होती है। जब आप बर्फीले क्षेत्र या जहां ओले पड़ रहें हो तो सामान्य स्पीड पर गाड़ी रोकना आसान रहता है। जब भी आप ऐसी सड़क पर हों, जहां थोड़ा खतरा हो सकता है, तो सबसे पहले गाड़ी की स्पीड कम करें और टायरों की पकड़ चेक करें। कम स्पीड में सावधानी से ब्रेक लगाकर इसे जांच सकते हैं। कभी-कभी बर्फ पर पकड़ अच्छी मिलती है। बर्फीले क्षेत्रों में सावधानी बरतें
ऐसे इलाकों में गाड़ी धीरे चलाएं, जहां बर्फ जमने की गति काफी तेज हो। जैसे पुल, ओवरपास, छायादार जगह, आपस में कटती सड़कें। ऐसी जगहों से गाडियां गुजारते वक्त बेहद सावधान रहें। जैसे ही गाड़ी से कुचले जाने वाले बर्फ की चरमराहट बंद हो, सावधान हो जाइए। आगे बर्फ धंस सकती है। गाडियों से दूरी बना कर चलें
आमतौर पर ड्राइविंग करते वक्त आपके आगे चल रही गाड़ी से आपका फासला तीन सेकेंड का होना चाहिए, लेकिन जोखिम भरी स्थितियों में इस फासले को बढ़ते चलें। उदाहरण के लिए बारिश के दौरान आगे की गाड़ी से चार सेकेंड की दूरी रखिए। ऐसी रातों में ड्राइविंग के वक्त आगे की गाड़ी से आपका फासला पांच सेकेंड का होना चाहिए। सर्दियों में सेफ ड्राइविंग टायरों के निशान का ध्यान रखें: जब बर्फ पड़ रही हो तो गाडियों के टायरों से बने रास्ते को अपनाएं। यह ज्यादा सेफ है। इन रास्तों पर ही चलें। अगर लेन बदलनी ही हो तो टायरों को अपनी पकड़ बनाने दें। एक बार पकड़ बनने लगे तो फिर धीरे-धीरे ड्राइविंग करें। ब्रेक का रखें ख्याल
ब्रेक पर बहुत ज्यादा जोर न दें। ऐसा करने पर गाड़ी फिसलने लगेगी। आज के दौर में जब एंटी-लॉक ब्रेक का सिस्टम है तो फिर बार-बार ब्रेक पेडल को दबाए रखने की कोई जरूरत नहीं है। ब्रेक पर बराबर भार दें। आप देखेंगे कि फिसलन भरी सड़क पर भी स्टियिरग पर आपका कंट्रोल अच्छा रहेगा। इंजन को गर्म होने का समय दें
जब गाड़ी स्टार्ट हो जाए तो इंजन को नजरअंदाज न करें। गाड़ी आगे बढ़ने से पहले ठंडे पड़े इंजन को थोड़ा गर्म होने का मौका दें। इसके लिए करीब एक मिनट तक इंजन चालू रखकर हल्का एक्सिलेटर दबाए रखें। पहले दो से चार किलोमीटर गाड़ी को थोड़ा धीमा चलाएं। इससे इंजन पर खराब असर नहीं पड़ेगा। गीली सड़कों पर गाड़ी तेज करने से पहले ब्रेक लगाकर सड़कों की सतह का अंदाजा कर लें कि कहीं गाड़ी स्लिप तो नहीं हो रही।
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