मंगलवार, 28 जुलाई, 2015 | 15:50 | IST
 |  Site Image Loading Image Loading
ब्रेकिंग
मुरादाबाद: ज़िला अस्पताल में महिला बनी 'वीरू'। शोभा नाम की महिला पति से झगड़े के बाद पानी की टंकी पर चढ़ी। एक घंटे हंगामा के बाद उसे उतारा गया।बरेली: सियालदा एक्सप्रेस पर मुरादाबाद के मूढ़ा पांडे स्टेशन के पास पथराव, कई यात्री घायलमेरठ: एसएस के लिए बल्ले बनाने वाली फैक्ट्री में आग लगीझारखंड: जामताड़ा जिला के चितरंजन में कार की चपेट में आने से एक युवक की मौत हो गई। घटना के बाद आक्रोशित लोगों को कार को क्षतिग्रस्त कर दिया।बुलंदशहर: आठ बदमाशों ने पुजारी को बंधक बनाकर चांदी का मुकुट और 800 ग्राम चांदी के आभूषण लूटेबुलंदशहर: संपत्ति विवाद में बेटे को कुल्हाड़ी से काट डालाउत्तराखंड के सितारगंज में पाकिस्तानियों के आधार कार्ड बना डालेयूपी: रामपुर के मिलक इलाक़े में तनाव, फोर्स तैनातगोरखपुर: सेना में भर्ती के लिए दौड़ लगा रहे युवकों को पिकअप ने रौंदा, 2 की मौतकुशीनगर से मथुरा जा रही बस का संत कबीरनगर में एक्सीडेंट, 6 की मौतयूपी: संभल ज़िले के चंदौसी इलाक़े में अनियंत्रित ट्रक ने रेलवे का फाटक (36 बी) तोड़ा। मुरादाबाद-अलीगढ़ मार्ग पर लगा लम्बा जाम। क्रासिंग का बैरियर टूटने से लिंक एक्सप्रेस समेत कई ट्रेनें घंटों लेट। क्रासिंग पर चेन बाँधकर निकाला जा रहा है ट्रैफिक।याकूब के मामले में SC के जजों में मतभेद, एक ने डेथ वारंट रद्द किया, दूसरे ने कहा फांसी दो, मामला सीजेआई को रैफर, सुनवाई कल संभवगृह मंत्री की अध्यक्षता में पंजाब के आतंकी हमलों को लेकर बैठक होगीDCW चेयरपर्सन के बतौर स्वाति मालीवाल ने लिया चार्जइंडोनेशिया के पूर्वी प्रांत पापुआ में आज 7.0 तीव्रता वाले भूकंप के जबरदस्त झटके महसूस किये गएसात दिवसीय राजकीय शोक की घोषणा लेकिन कोई छुट्टी नहीं12 बजे तक दिल्ली पहुंचेगा कलाम का पार्थिव शरीर, कल ले जाया जाएगा रामेश्वरम
मुंहासे की क्रीम से सावधान रहें गर्भवती महिलाएं
नई दिल्ली, एजेंसी First Published:24-12-2012 06:19:23 PMLast Updated:00-00-0000 12:00:00 AM
Image Loading

गर्भधारण करने की योजना बना रही या गर्भवती अथवा स्तनपान कराने वाली महिलाएं मुंहासों से निजात दिलाने वाली क्रीम चेहरे पर लगाना तो दूर उंगली से भी न छुएं क्योंकि इसका उनका गर्भस्थ शिशु हमेशा के लिए न सिर्फ पंगु हो सकता है, बल्कि उसके दिल में छेद तक होने का खतरा पैदा हो सकता है।

 
अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) की स्त्री रोग विभाग की पूर्व प्रमुख डाक्टर कमल बख्शी तथा फिनिक्स अस्पताल की स्त्री रोग विशेषज्ञ शिवानी सचदेव समेत अनेक स्त्री रोग विशेषज्ञों का मानना है कि मुंहासों की क्रीम कैमिस्टों के पास खुले आम काउन्टर पर नहीं, बल्कि डाक्टर की सलाह पर ही पर्ची दिखा कर ही मिलनी चाहिए।
 
सचदेव का कहना है कि गर्भावस्था के दौरान अकसर उन महिलाओं को भी मुंहासे निकल आते हैं जिन्हें इसके पहले कभी नहीं निकले हों। इसलिए महिलाएं बिना सोचे समझे सीधे कैमिस्ट की सलाह से या विज्ञापनों पर भरोसा कर मुंहासों की क्रीम लगाना शुरू देती हैं। उन्होंने कहा कि न सिर्फ गर्भवती या स्‍तनपान कराने वाली, बल्कि गर्भधारण की योजना बना रही महिलाओं तक को मुंहासे से छुटकारा दिलाने वाली क्रीमें चेहरे पर ही नहीं लगानी चाहिए बल्कि उंगली से भी नहीं छूनी चाहिए।
 
डाक्टर सचदेव ने बताया कि दरअसल मुंहासों से छुटकारा दिलाने वाली क्रीमों में एजेलेक एसिड एडेपलेन, ट्रेटिनोइन, सोडियम सल्फासेटेमाइड, किलनडामाइसिन एरथ्रोमाइसिन, सेलीसाइलिक एसिड, हाइड्रोकाटिजोन तथा बेंजोइल पेरौक्साइड जैसे तत्व होते हैं। जिनके रक्त में पहुंचने के बाद इनसे गर्भस्थ शिशु के हाथ पैर सामान्य से छोटे होना, दिल में छेद, मानसिक रूप से विक्षिप्त, होंठ या तालु कटे होना, आंखों व कानों में दोष तथा मूत्राशय से संबंधित दोष हो सकते हैं।

उन्होंने बताया कि खासतौर पर ऐसी क्रीम जिसमें ट्रेटिनोइन तत्व मौजूद हो, उसे गर्भवती या स्तन पान कराने वाली महिलाएं या फिर गर्भधारण करने की योजना बनाने वाली महिलाएं इसलिए नहीं छुएं क्योंकि क्रीम लगाने के बाद उसके तत्व त्वचा के भीतर पहुंच कर रक्त में शामिल हो जाते हैं और फिर प्लेसेंटा के माध्यम से गर्भसथ शिशु के रक्त में पहुंच जाते हैं।

डाक्टर बख्शी ने कहा कि कई क्रीमें गर्भावस्था के प्रारंभिक दौर में इस्तेमाल करना घातक नहीं होता लेकिन ट्रेटिनोइन तत्व मौजूद होने वाली क्रीम लगाने से शिशु में जन्मजात विकृतियां पैदा हो जाने का खतरा रहता है। उन्होंने कहा कि सोडियम सल्फासेटेमाइड युक्त क्रीम भी गर्भावस्था के दूसरे महीने के बाद इस्तेमाल नहीं करनी चाहिए।

विशेषज्ञों का कहना है कि मुंहासों की क्रीमों में विश्वस्वास्थ्य संगठन द्वारा निर्धारित 'सी' तथा 'एक्स' श्रेणी की दवाएं होती हैं। जिनसे गर्भस्थ शिशु में विकृतियां पैदा हो सकती हैं। जबकि कुछ का मानना है कि इनके नियमित इस्तेमाल से गर्भपात तक होने की आशंका होती है। अमेरिका में कई ऐसे अध्ययन किए जा चुके हैं जिनसे पता चलता है कि मुंहासे दूर करने क्रीम बिना डाक्टर की सलाह के तो कभी नहीं लगानी चाहिए, क्योंकि इनके तत्व रक्त में पहुंचते हैं और गर्भस्थ शिशु के लिए खतरा बन सकते हैं।

डाक्टर शिवानी ने कहा कि मुंहासों की जिन क्रीमों में ट्रेटिनोइन हो उसे तो गर्भावस्था और स्तनपान के दौरान के अलावा गर्भधारन करने की योजना बनाने के दौरान भी नहीं प्रयोग में लाना चाहिए। क्योंकि इस्तेमाल बंद कर देने के बाद भी इसका असर कम से कम एक माह तक रहता है। अमेरिकन एसोसिएशन आफ फिजीशियन्स का कहना है डाक्टरों को किसी भी महिला को मुंहासों की क्रीम लगाने की सलाह देने से पहले उनकी उम्र का ध्यान अवश्य करना चाहिए तथा गर्भधारण करने वाली उम्र (चाइल्ड बियरिंग एज) की महिलाओं को तो खासतौर पर ये क्रीम लगाने की सलाह नहीं देनी चाहिए। इसके अलावा जिस दौरान महिलाओं को ये क्रीमें लगाने की सलाह दी जाती है उस दौरान उन्हें कडा़ई से गर्भनिरोधक उपायों का इस्तेमाल करने की भी सलाह देनी चाहिए।

 
 
 
 
जरूर पढ़ें
क्रिकेट
Image Loadingबीसीसीआई और श्रीसंत के बीच बात होनी चाहिए :गांगुली
पूर्व भारतीय क्रिकेट कप्तान और जस्टिस लोढा समिति की रिपोर्ट पर अध्ययन करने के लिए बने कार्य समूह के सदस्य सौरव गांगुली का मानना है कि बीसीसीआई और स्पॉट फिक्सिंग के आरोपों से बरी हुए क्रिकेटर एस श्रीसंत के बीच वार्ता होनी चाहिए।
 
क्रिकेट स्कोरबोर्ड