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साक्षात्कार के लिए भाषा है इम्पोर्टेंट टूल
शैलेन्द्र नेगी
First Published:10-04-12 12:50 PM
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हाल में डीयू से अपनी एमसीए पूरी कर चुकी सुनंदा अपने पहले प्लेसमेंट इंटरव्यू में भाषा पर अपनी कमजोर पकड़ की वजह से एक अच्छी नौकरी पाने से चूक गई। आगरा के एक कॉलेज में इंजीनियरिंग के छात्र अवनीश के कॉलेज में भी इसी माह कुछ प्लेसमेंट कंपनियां इंटरव्यू के लिए आने वाली हैं। अवनीश अपनी नॉलेज और पर्सनेलिटी को लेकर तो कॉन्फिडेंट है, पर कम्युनिकेशन स्किल यानी भाषा उसकी कमजोरी बनी हुई है। अपनी इसी कमी को सुधारने के लिए उसने नई दिशाएं के फेसबुक पर स्थित पेज पर अपनी समस्या को लिख भेजा और जल्दी समाधान की गुजारिश की। इस बारे में हमने मैनेजमेंट कंसलटेंट और इमेज आर्किटेक्ट प्रो. शालिनी वर्मा और अल्टीमेट इंडस्ट्रीज के विजय सिंह जीना से बात की।

शालिनी वर्मा के अनुसार अगर आप सही में नौकरी पाने के इच्छुक हैं तो कम्युनिकेशन ही वह टूल है, जो आपको दूसरे प्रतियोगियों से आगे ले जाता है। आप इंटरव्यू के दौरान किस भाषा का किस तरह से प्रयोग कर रहे हैं, यह आपकी शुरुआती सफलता का आधार बन सकता है।

कितना महत्वपूर्ण है लेंग्वेज टूल
जैसे ही आप इंटरव्यू रूम में एंट्री करते हैं और सामने बैठे हुए विशेषज्ञों का अभिवादन करते हैं तो अभिवादन के दौरान आपके मुंह से निकले शब्द यह तय कर देते हैं कि आपका इंटरव्यू कैसा होगा। अल्टीमेट इंडस्ट्रीज में सेल्स मैनेजर पद पर कार्यरत विजय सिंह जीना कहते हैं कि भाषा की जानकारी का स्तर हर इंसान का अलग-अलग होता है और आपकी बात सुनते समय दूसरा पक्ष चुपचाप बैठा रहे यानी आपकी लेंग्वेज वोकेबुलरी और टर्मीनोलॉजी को वह समझ न सके तो ऐसे कम्युनिकेशन को किसी भी तरह से असरदार नहीं कहा जा सकता। बोलने वाले पक्ष के लिए यह जरूरी है कि वह बातचीत को ज्यादा से ज्यादा स्पष्ट करने के लिए सरल शब्दों से काम चलाए।

किस भाषा का करें इस्तेमाल
इससे कोई खास फर्क नहीं पड़ता कि आप किस भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं। बस आपको अपनी बात इंटरव्यूअर को समझानी आनी चाहिए। आत्मविश्वास के साथ सही और आसान शब्दों का इस्तेमाल करना जरूरी है। ध्यान रहे अगर अंग्रेजी में बोल रहे हैं तो सही ग्रामर के साथ बोलें और अगर आपकी भाषा हिंदी है तो सही उच्चारण के साथ बोलें।

सवालों के दौरान कैसी हो भाषा
इंटरव्यूअर पहले से स्ट्रेटजी बना कर रखते हैं कि कैसे सवाल करने हैं और कैसे इंटरव्यूयी के अंदर मौजूद स्किल्स का पता लगाना है। आपको चाहिए कि आप पूछे गए सवालों का साफगोई से जवाब दें। आमतौर पर इंटरव्यू के दौरान तीन तरह के सवाल पूछे जाते हैं।

आइसब्रेकिंग सवाल: इसमें आपके बारे में पूछा जाता है। आप कम शब्दों में अपनी बात रखें और ज्यादातर अपने एकेडमिक पर फोकस रखें। 

एकेडमिक सवाल: इंटरव्यू की यह स्टेज आपको थोड़ा असहज कर सकती है। साक्षात्कारकर्ता आपसे एकेडमिक परफॉर्मेन्स के बारे में सवाल कर सकते हैं। साथ ही कुछ सवाल ऐसे भी हो सकते हैं, जिनका जवाब देते हुए आपकी जुबान लड़खड़ाए। यही लड़खड़ना आपके लिए नेगेटिव हो सकता है। इसलिए सवाल कितना भी परेशान करने वाला क्यों न हो, आपको सीधा जवाब देकर आगे बढ़ना है।

डोमेन स्पेसिफिक सवाल: इस दौरान आपकी फील्ड से संबंधित सवाल पूछे जाते हैं, इसलिए जवाब देते समय अपनी फील्ड से संबंधित तकनीकी शब्दों का इस्तेमाल करते हुए ही जवाब दें। आप इतने तकनीकी शब्दों का इस्तेमाल करें, ताकि सवाल पूछने वाले को लगे कि आपको फील्ड से जुड़ी तकनीक और फंक्शंस के बारे में बेसिक जानकारी है।

हर परिस्थिति के लिए एक अलग शब्द बना है। इसलिए परिस्थिति के अनुसार सही शब्द का चुनाव जरूरी है, जिसे नजरअंदाज करना नुकसानदायक हो सकता है।
प्रो. शालिनी वर्मा, मैनेजमेंट कंसलटेंट और इमेज आर्किटेक्ट

 
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