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..लंबे समय से जारी है पेस का सफर
रत्ना श्रीवास्तव
First Published:18-06-12 11:07 AM
38 साल के लिएंडर पेस दुनिया के टॉप डबल्स टेनिस खिलाड़ियों में हैं। पिछले करीब दस साल से उन्होंने डबल्स टेनिस में अपनी एक खास जगह बनाकर रखी है। डबल्स में उन्होंने दुनिया के सारे बड़े खिताब जीते हैं, जिनमें चारों ग्रैंड स्लैम शामिल हैं। भारत की ओर से डबल्स टेनिस में लंदन ओलंपिक के लिए सीधे क्वालिफाई करने वाले वह अकेले खिलाड़ी हैं। अन्य भारतीय टेनिस खिलाड़ियों को वहां तक पहुंचने के लिए अभी वाइल्ड कार्ड का इंतजार है।
गोवा में 17 जून 1973 को पैदा हुए पेस ने बीस साल के करियर में 50 से ज्यादा खिताब जीते हैं, जिनमें सिंगल्स और डबल्स दोनों तरह की जीत शामिल है। डबल्स में वह न केवल दुनिया के नंबर एक खिलाड़ी रह चुके हैं, बल्कि उनका रिकॉर्ड भी शानदार है। उन्होंने ऑस्ट्रेलिया ओपन (2012), फ्रेंच ओपन (1999, 2001, 2009), विम्बलडन (1999) और यूएस ओपन (2006, 2009) जैसी ग्रैंड स्लैम प्रतियोगिताओं में डबल चैंपियन बनकर दिखाया, तो इन्हीं प्रतियोगिताओं में मिक्स्ड डबल में भी उनका जादू खूब चला।
इसमें उन्होंने ऑस्ट्रेलियन ओपन (2003, 2010), विम्बलडन (1999, 2003, 2010) और यूस ओपन (2008) का ताज हासिल किया। पेस अटलांटा ओलंपिक (1996) में सिंगल्स में कांस्य पदक भी जीत चुके हैं। पेस के माता- पिता दोनों एक जमाने में बढ़िया खिलाड़ी रह चुके हैं। पिता वेस पेस 1972 के म्यूनिख ओलंपिक में कांस्य पदक जीतने वाली हॉकी टीम के सदस्य थे, तो मां जेनिफर भारतीय महिला बास्केटबॉल टीम की कप्तान रह चुकी हैं। लिएंडर की पढ़ाई आमतौर पर चेन्नई में हुई। 1985 में उन्होंने चेन्नई के ब्रिटानिया टेनिस एकेडमी में प्रवेश लिया, जिसने उनकी टेनिस प्रतिभा को पूरी तरह से निखारा। पहली बार उन्हें अंतर्राष्ट्रीय पहचान 1990 में तब मिली, जब उन्होंने विम्बलडन का जूनियर सिंगल्स खिताब जीता और नंबर वन जूनियर खिलाड़ी बने। उन्हें बचपन से ही खेलों से जबरदस्त प्यार था। 90 के दशक में वो जब भारतीय टेनिस में आये, तब रमेश कृष्णन और विजय अमृतराज का दौर था। रमेश भारतीय टेनिस के नये सितारे थे और विजय ढल रहे थे। लेकिन पेस ने इन दोनों की कमी बखूबी पूरी की। देखते ही देखते पेस भारतीय टेनिस के अपरिहार्य बन गये। डेविस कप में भारतीय तिरंगे की शान में खेलना उन्हें बदल कर रख देता था।
हालांकि ये ताज्जुब की बात है कि उन्हें इंटरनेशनल टेनिस में सिंगल्स में वैसी सफलताएं क्यों नहीं मिल सकीं। जल्द ही उन्होंने खुद को डबल्स में केंद्रित किया और बड़ी ताकत बनकर उभरे। नब्बे के दशक के आखिर में लिएंडर पेस और महेश भूपति की जोड़ी दुनिया की नंबर एक टेनिस जोड़ी बनकर उभरी। इस जोड़ी के टूटने से भारतीय खेल प्रेमियों को धक्का जरूर लगा, लेकिन अब ये दोनों ही खिलाड़ी अलग-अलग पार्टनर बनाकर वर्ल्ड टेनिस पर छाये हुए हैं।
पेस को खेलों केअलावा फिल्मों का भी बहुत क्रेज है। उन्होंने बॉलीवुड की एक फिल्म में बतौर अभिनेता काम भी किया है। हालांकि उनका नाम कई लड़कियों के साथ जुड़ा, लेकिन बाद में उन्होंने रेहा पिल्लै से शादी की। दोनों के अब एक बेटी है।
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