सोमवार, 03 अगस्त, 2015 | 12:07 | IST
 |  Site Image Loading Image Loading
ब्रेकिंग
सर्वदलीय बैठक में हिस्सा लेगी कांग्रेस।उत्तर प्रदेश: दिल्ली से हरिद्वार जा रही पैसेंजर ट्रेन से गिरकर एक शिवभक्त कांवडिए की मौत, आजादपुर रोड निवासी दीपक अपने साथियों के साथ कांवड लेने के लिए हरिद्वार जा रहा था।जस्टिस काटजू के गांधी को ब्रिटिश एजेंट बताने पर संसद द्वारा की गई निंदा मानहानी नहीं: सुप्रीम कोर्टजिसने भ्रष्टाचार किया उसका इस्तीफा हो- राहुल गांधीसुषमा ने खुद पर लगे आरोपों को बताया झूठा, राज्यसभा की कार्यवाही स्थगित
ऐसे शोज के लिए भावना होनी चाहिये
शुभा दुबे First Published:22-12-2012 10:25:58 AMLast Updated:00-00-0000 12:00:00 AM
Image Loading

हम हर नई चीज की शुरुआत भगवान का नाम लेकर करते हैं, फिर चाहे वह नया साल ही क्यों न हो। इसी भावना के साथ कलर्स टीवी ने जय जग जननी मां दुर्गा की शुरुआत की है। इस धारावाहिक में आदिशक्ति के हर रूप और उनसे जुड़ी कथाओं को बेहद मनोहर ढंग से दिखाने का प्रयास किया गया है। 

हालांकि आजकल टीवी पर कई धार्मिक धारावाहिक दिखाए जा रहे हैं तो क्या कलर्स भी इसी के तहत यह शो करने जा रहा है, इस बारे में पूछे जाने पर कलर्स के वीकडे प्रोग्रामिंग हेड प्रशांत भट्ट कहते हैं, ऐसा नहीं है कि दूसरे चैनलों को देख कर हम यह शो शुरू कर रहे हैं। आज से चार साल पहले हमने जय श्री कृष्ण की शुरुआत की थी और उस वक्त किसी भी चैनल पर धार्मिक धारावाहिक नहीं आते थे। हम दूसरे धारावाहिकों में व्यस्त थे। हम अपने दर्शकों को हर तरह के सीरियल दिखाना चाहते हैं और मां दुर्गा के आशीर्वाद के साथ नए साल की शुरुआत करने से बेहतर और क्या हो सकता था।

कोई भी जब धार्मिक सीरियल बनाने के बारे में सोचता है तो उसके दिमाग में सबसे पहले रामायण, महाभारत आते हैं तो आखिर कलर्स ने मां दुर्गा को क्यों चुना, इस बारे में प्रशांत का मानना है कि हम हमेशा कहते रहते हैं कि महिलाएं शक्ति का प्रतीक हैं और इसलिए हमने आदिशक्ति पर धारावाहिक बनाने की सोची। मां दुर्गा हम सभी को प्रेरित करती हैं। वो हर औरत के अंदर छिपी शक्ति का प्रतिरूप हैं।

जब रामायण और महाभारत पहली बार टीवी पर आए थे, तब धार्मिक धारावाहिकों को बनाने के तरीके और आज के तरीके में क्या फर्क आया है, इसके बारे में प्रशांत का मानना है कि आजकल धार्मिक सीरियल बनाते वक्त पहले से कई ज्यादा रिसर्च की जाती है। ग्राफिक्स और प्रोडक्शन पर खासा ध्यान दिया जाता है। अगर हम भगवान के बारे में बता रहे हैं तो हमें सही तर्क देने होंगे। टेक्नोलॉजी ने धार्मिक सीरियल का मेकओवर कर दिया है। मां दुर्गा एक ऐसा किरदार है, जिसे निभाना हर किसी के बस का नहीं।

रोल के लिए सही कलाकार का चुनाव करते वक्त निर्माताओं ने जिन बातों को तवज्जो दी, वह बताते हुए प्रशांत कहते हैं कि मां दुर्गा की भूमिका निभाने के लिए आप में ताजगी, शांति, शक्ति, पवित्रता का भाव होना चाहिए। एक ऐसा चेहरा होना चाहिए, जिस पर ममता और क्रोध दोनों का भाव आ सके और सबसे अहम बात उनकी आंखें खूबसूरत होने के साथ-साथ ऐसी होनी चाहिए, जो अपने अंदर के भावों को व्यक्त कर सकें।

 
 
 
 
जरूर पढ़ें
क्रिकेट
Image LoadingMCA ने शाहरुख के वानखेड़े स्टेडियम में प्रवेश करने से बैन हटाया
मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन ने अभिनेता शाहरुख खान पर वानखेड़े स्टेडियम में घुसने पर लगा प्रतिबंध हटा लिया है। एमसीए के उपाध्यक्ष आशीष शेलार के मुताबिक एमसीए ने यह फैसला रविवार को हुई मैनेजिंग कमेटी की बैठक में लिया है।
 
क्रिकेट स्कोरबोर्ड
 
Image Loading

जब बीमार पड़ा संता...
जीतो बीमार पति से: जानवर के डॉक्टर को मिलो तब आराम मिलेगा!
संता: वो क्यों?
जीतो: रोज़ सुबह मुर्गे की तरह जल्दी उठ जाते हो, घोड़े की तरह भाग के ऑफिस जाते हो, गधे की तरह दिनभर काम करते हो, घर आकर परिवार पर कुत्ते की तरह भोंकते हो, और रात को खाकर भैंस की तरह सो जाते हो, बेचारा इंसानों का डॉक्टर आपका क्या इलाज करेगा?