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सेहत के लिए निवेश करें, मेथी खाएं
रजनी अरोड़ा First Published:20-12-12 11:07 AM
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मौसम का वरदान मेथी हमारे भोजन का स्वाद तो बढ़ाती ही है, शरीर को भरपूर पौष्टिक तत्व भी उपलब्ध कराती है। मेथी की खूबियों के बारे में बता रही हैं रजनी अरोड़ा

सर्दियों का मौसम आते ही हरी-भरी पत्तेदार सब्जियों की बहार आ जाती है। इनमें से एक मेथी भी है जो सेहत के लिए बेहद फायदेमंद है। सस्ती और हर जगह उपलब्ध होने की वजह से प्रकृति का अनमोल उपहार है। मेथी के पत्ते और मेथी-दाना सब्जी, औषधि तथा मसाले के रूप में बरसों से घर-घर में इस्तेमाल किए जाते रहे हैं। मेथी का सेवन चाहे साग के रूप में किया जाए या फिर दाने के रूप में, यह प्रोटीन, फॉस्फेट, लेसिथिन, न्यूक्लियो अलब्यूमिन, कोलाइन, ट्राइगोनेलिन के अलावा कैल्शियम, पोटैशियम, मैग्नीशियम, सोडियम, जिंक, कॉपर, आयरन, विटामिन, कैलोरी,फोलिक एसिड जैसे पौष्टिक तत्वों की खान है।

कई बीमारियों से बचाए
यह हमारे लिए काफी गुणकारी, फायदेमंद और अपने औषधीय गुणों के कारण हमारी सेहत का खजाना है। वात, आर्थराइटिस, पित्त, कफ, ज्वर, मिरगी, प्रमेह, मूत्र संबंधी और दाहनाशक गुणों की वजह से आयुर्वेद में इसे मेथिका कहा जाता है। हालांकि कई लोग मेथी की कड़वाहट के कारण इसे पसंद नहीं करते। लेकिन यह कड़वापन मेथी में मौजूद ग्लाइकोसाइड तत्व के कारण होता है, जो खाने का स्वाद बढ़ाता है और हमारे स्वास्थ्य के लिए अमृत तुल्य साबित होता है। अपने गुणों की बदौलत यह हमारे सौंदर्य की भी परम मित्र है। सर्दियों में तो यह पथ्य-समान, बलवर्धक और वीर्यवर्धक है।

शुगर लेवल में संतुलन लाए
अनुसंधानों से साबित हो चुका है कि मेथी टाइप 2 डायबिटीज के मरीजों के लिए रामबाण औषधि है। मेथी के स्टेरॉयइडयुक्त सैपोनिन और लेसदार रेशे रक्त में शुगर को कम करते हैं। 6-7 मेथी-दानों या फिर मेथी के पानी का सेवन नियमित करने से रक्त और मूत्र में शर्करा का स्तर कम हो सकता है। यह खाने के बाद ग्लूकोज को बर्दाश्त करने की क्षमता भी बढ़ती है। ब्लड में हानिकारक टॉक्सिन दूर करके उसे साफ रखने में मदद करती है। मेथी इनसुलिन स्तर बढ़ने और ग्लूकोज का स्तर सामान्य करने में मददगार है। इसके इस्तेमाल से शरीर में सीरम लिपिड का स्तर कम होता है और वजन भी संतुलित रहता है।

कोलेस्ट्रॉल नियंत्रण
अगर आपके हार्ट में कोई तकलीफ है तो यह आपके लिए वरदान है। मेथी को अपने भोजन का हिस्सा बनाकर आप कोलेस्ट्रॉल स्तर में सुधार कर सकते हैं।

त्वचा संबंधी रोगों से निजात
एक्जिमा, खुजली, जलन, फोड़े-फुंसियों और गांठ की बीमारी में मेथी खाने और इसका पेस्ट लगाना फायदेमंद होता है। मेथी रिंकल्स, ब्लैकहैड्स, पिंपल्स, ड्राइनेस, रेशेज पड़ने जैसी त्वचा की समस्याओं के लिए अचूक मारक का काम करती है। जलन होने पर मेथी के पत्तों का पेस्ट हथेलियों और पैरों के तलवे में लगाने पर आराम मिलता है।

पाचन संबंधी समस्याओं से मुक्ति
मेथी में मौजूद लासा नामक पाचक एंजाइम अग्नाशय को अधिक क्रियाशील बना देता है, जिससे पाचन क्रिया सरल हो जाती है। इसके सेवन से पाचन संबंधी रोग दूर होते हैं और भूख बढ़ाती है। मेथी पत्तों का रस पीने से डायरिया, पेट और आंत संबंधी समस्याओं में राहत मिलती है। गैस्ट्रिक अल्सर और एसिडिटी होने पर मेथी को दही की लस्सी में मिलाकर पीना लाभकारी है।

पेट की गड़बड़ी को दूर रखती है
हमारे स्वास्थ्य और सुंदरता का संबंध हमारे पेट से होता है। पेट ठीक न हो तो इसका असर न केवल हमारे स्वास्थ्य पर पड़ता है, बल्कि हमारा सौंदर्य भी फीका लगने लगता है। मेथी एक ऐसी औषधि है जो हमारे पेट के विकारों को दूर कर हमारी त्वचा को कांतिमय बनाए रखती है। यह वातनाशक, कब्ज, पेचिश, पेट की गैस में पथ्य का काम करती है। यह आंतों को मजबूत बनाकर पेट को निरोग बनाती है।

एनीमिया से बचाए
मेथी के पत्ते आयरन का समृद्ध स्त्रोत हैं। एनीमिया से पीडित व्यक्ति के लिए इसका सेवन फायदेमंद है।

वृद्धावस्था में राहत
मेथी के नियमित सेवन से वृद्घावस्था में अपानवायु के कारण होने वाले रोगों जैसे- गठिया, जोड़े तथा मांसपेशियों के दर्द तथा खिंचाव, कमर तथा पीठ के दर्द, हाथ-पैर सुन्न पड़ना, भूख न लगना, कब्ज, चक्कर आना आदि में आराम मिलता है।

दाम्पत्य में बहार लाए
अनुसंधानों से साबित हो चुका है कि मेथी के दानों के सेवन से व्यक्ति अपनी सेक्स पॉवर बढ़ सकते हैं। इनमें पाया जाने वाला सैपोनीन पुरुषों में पाए जाने वाले टेस्टोस्टेरॉन हॉरमोन में उत्तेजना पैदा करता है।

प्रजनन संबंधी विकारों में कारगर
मेथी गर्भाशय के संकुचन को उत्तेजित करती है, प्रसव पीड़ा को कम करती है और बच्चे की जन्म प्रक्रिया को आसान बनाती है।

माताओं के लिए वरदान
मेथी में कैल्शियम की मात्रा बहुत ज्यादा होने के कारण इसका सेवन स्तनपान कराने वाली महिलाओं में दूध प्रवाह बढ़ने में सहायक साबित होता है।

काले और चमकदार बालों के लिए
मेथी में मौजूद निकोटिनिक एसिड और प्रोटीन बालों की जड़े को पोषण देता है और बालों की ग्रोथ बढ़ाता है। यह बालों के लिए नेचुरल हर्ब का काम करती है। इससे सिर की त्वचा में नमी पैदा होती है, जिससे डेंड्रफ और बाल झड़ने की समस्या से छुटकारा मिलता है। इसके प्रयोग से नए बाल उगने लगते हैं। मेंथी का पेस्ट लगाने से बाल काले और चमकदार हो जाते हैं।

..तो इसका इस्तेमाल न करें
मेथी खाने से कई बार उल्टी या दस्त आने, पेट में गैस बनने, त्वचा में रेशेज होने जैसी शिकायतें देखने को मिलती है। ऐसी स्थिति में मेथी का सेवन नहीं करना चाहिए। मेथी की तासीर गर्म होने के कारण गर्भावस्था में डॉक्टर की सलाह से ही इसका सेवन करना चाहिए। इसके अलावा अगर आप किसी तरह की दवा खा रहे हैं तो आपको हमेशा दवा खाने के दो घंटे पहले या बाद में ही मेथी खानी चाहिए। गर्मी के मौसम में मेथी का प्रयोग न करें।

 
 
 
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