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तैरती, उड़ती, शिकारी, तारों-सितारों सी मछलियां
प्रसन्न प्रांजल
First Published:10-09-12 12:08 PM
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जल की रानी कही जाने वाली मछली कई लाख सालों से हमारी धरती पर मौजूद है। ये डायनासोर के आने से भी पहले आ गई थी। आज दुनिया भर में 28 हजार से ज्यादा मछलियों की प्रजातियां पाई जाती हैं। इनके बारे में और मजेदार बातें जानते हैं प्रसन्न प्रांजल से

मछली जल की रानी है, जीवन उसका पानी है..’ यह पोयम छोटे-छोटे बच्चे खूब गाते हैं। जानते हो, मछलियों को देखकर जितना खुश तुम होते हो ना, उसी तरह से मछलियों को भी खुशी होती है। इतना ही नहीं, मछलियों को भी दर्द और टेंशन होती है। तो चलो आज चलते हैं मछलियों की दुनिया में..

28 हजार से ज्यादा प्रजातियां
मछलियां मीठे पानी और समुद्र में काफी संख्या में पाई जाती हैं। मछली पैराफेलोटिक ग्रुप की सदस्य हैं। दुनियाभर में 28 हजार पांच सौ से अधिक मछली की प्रजातियां पाई जाती हैं, जिन्हें अलग-अलग जगहों पर दो लाख 18 हजार अलग-अलग नामों से जाना जाता है।

सबसे बड़ी ब्लू व्हेल
समुद्र में पाई जानेवाली इस मछली की लंबाई 80 से 115 फुट तक होती है और इसका वजन 150 से 170 टन तक होता है। ऐसा माना जाता है कि यह 5 करोड़ वर्ष पहले अस्तित्व में आई थी। यह काफी तेज शोर करती है। ब्लू व्हेल 20 हजार वाट की आवाज निकालती है, जो मीलों तक सुनी जा सकती है। जन्म के समय व्हेल का वजन 50 टन के करीब होता है।

सबसे छोटी मछली पिग्मी
पिग्मी गोबी और लजन गोबी, संसार की सबसे छोटी मछलियां हैं। फिलीपींस में पाई जाने वाली ये मछलियां एक से डेढ़ इंच लंबी होती हैं।

सूखे मैदान में भी रहती हैं मछलियां
अब तक तुम यही जानते हो न कि मछली जल में रहती है, लेकिन एक ऐसी मछली भी है, जो सूखे मैदान में भी जिंदा रह सकती है। अफ्रीका में पाई जाने वाली लंगफिश पानी के अलावा कई दिनों तक सूखे में भी जिंदा रहती है। कुछ अध्ययनों में पाया गया है कि लंगफिश चार साल तक पानी के बाहर जीवित रह सकती है। 

छाते जैसी मछली
दुनिया के कुछ समुद्रों में जैली फिश या अम्ब्रेला फिश पाई जाती है। यह जब तैरती है तो बिल्कुल छाते की तरह दिखती है। तैरते समय यह छाते की तरह गोलाकर रूप में खुल जाती है।

उड़ने वाली मछली
तैरने वाली मछली को तुम बचपन से देखते आ रहे हो, लेकिन जानते हो, उड़नेवाली मछली भी इस धरती पर मौजूद है। फ्लाइंग फिश नाम की मछली पानी के तल से 20 फुट ऊंची छलांग लगाती है और काफी तेज तैरती है।

तारों-सितारों जैसी भी हैं मछलियां
आसमान से जिस तरह तुम तारों (स्टार) को देखते हो ना, बिल्कुल उसी तरह स्टार आकार की मछलियां भी होती हैं। इन्हें स्टार फिश के नाम से बुलाया जाता है। स्टार फिश समुद्री जल में पाई जाती है। इसकी 5 से 16 भुजाएं होती है, जो स्टार की तरह दिखती हैं। एक रोचक बात यह है कि इसके पास दिमाग नहीं
होता है।

मेंढक जैसी मछली
तुम्हें सुनकर हैरानी होगी कि मेंढक जैसी मछलियां भी हैं इस संसार में। मडस्किपर नाम की मछली दिखने में मेंढक की तरह होती है और इसकी आदत भी मेंढकों जैसी ही होती है। इसे कीचड़ में रहना काफी पसंद है।

तितली भी मछली के संसार में
मछलियों के संसार में बटरफ्लाई टेल फिश एक ऐसी मछली है, जिसकी पूंछ तितलियों की तरह होती है। जब इसकी पूंछ पानी में फैलती है तो तितलियों की तरह दिखती है।

पैरट फिश
मछिलयों की इस अजब-गजब दुनिया में तोते (पैरट) जैसी मछली भी है। तोते की तरह दिखने वाली इस अनूठी मछली को पैरट फिश के नाम से जाना जाता है।

टाइगर फिश
जानते हो, जंगलों की तरह पानी के अन्दर भी टाइगर रहता है। तुम ऐसा न समझ लेना कि सही में टाइगर पानी के अन्दर रहता है। दरअसल एक ऐसी मछली भी होती है, जिसके शरीर पर टाइगर की तरह लकीरें बनी होती है, इसी वजह से इसे टाइगर फिश बोला जाता है।

गोल्ड फिश
ज्यादातर एक्वेरियम्स में गोल्ड फिश दिख जाती हैं। यह फिश पालतू बनाई जाने वाली सबसे पहली मछली है। पहली बार इसे चीन में पाला गया था। यह एक्वेरियम में छह से आठ साल तक जिंदा रहती है, लेकिन समुद्र में यह 40 साल तक जिंदा रह सकती है।

खतरनाक मछलियां
कई सारी मछलियां ऐसी भी हैं, जो काफी खरतनाक होती हैं। इनमें से कई तो इंसानों को भी निगल जाती हैं।

डीमन फिश: यह दैत्याकार मछली है। दुनिया की सबसे खतरनाक मछलियों में से एक। यह अफ्रीका कीकांगो नदी में पाई जाती है।

किलर कैटफिश: हिमालय में पाई जाती है। यह विशाल और नरभक्षी है।

डेथ रे: थाईलैंड की मीकांग नदी में पाई जाने वाली डेथ रे के शरीर पर जहरीली और कांटेदार पूंछ होती है, जिससे लोगों की जान भी जा सकती है।

कांगो किलर: ऐसा माना जाता है कि यह मछुआरों को आकर्षित कर उनका शिकार करती है।

पिरान्हा: अमेजन नदी में पाई जाने वाली पिरान्हा लोगों को काफी बुरे तरीके से खाती है।

किलर स्नेकहेड: चीन और दक्षिण कोरिया में पाई जाने वाली स्नेकहेड काफी खतरनाक मछली होती है और अपनी प्रजातियों को काफी मजे से खाती है।

अमेजन लैश ईटर्स: अफ्रीका में पाई जाने वाली लैश ईटर्स जब हमला करती है तो छुरा घोंपने जैसा निशान बन जाता है।

अलास्कन हॉरर: इसे भी नरभक्षी माना जाता है। यह अलास्का में पाई जाती है।

एलिगेटर गार: शार्क की तरह खतरनाक और मगरमच्छ की तरह काफी बड़ी होती है यह मछली। इंसानों पर काफी आक्रामक तरीके से हमले करती है।

यूरोपिययन मैनईटर: यूरोप के ताजे पानी वाली नदियों में पाई जाती है। इंसानों को भी काफी आसानी से यह अपना शिकार बना लेती है।

अमेजन असासिंस: यह अमेजन नदी में पाई जाती है। यह अपनी जीभ से अपने शिकार को कुचलती है।

अरे वाह..
19 लाख में बिकी मछली

अप्रैल 2012 में बांग्लादेश के चटगांव में एक मछली लगभग 19 लाख रुपए (38 हजार डॉलर) में बिकी। गोल्डन स्नैपर नाम की यह मछली खाने में काफी स्वादिष्ट होती है और बंगाल की खाड़ी से प्रतिवर्ष केवल चार मछली ही पकड़ी जाती हैं। इसी वजह से यह इतनी महंगी बिकी है।

अजब-गजब मछली..

वैज्ञानिकों का मानना है कि मछलियां 450 मिलियन वर्ष से ज्यादा समय से धरती पर हैं।
ऐसा माना जाता है कि अब तक 15,000 से ज्यादा प्रजातियों की पहचान नहीं हो पाई है ।
ज्यादातर मछलियां साफ पानी में रहना पसंद करती हैं।
मछली पानी के अन्दर अपने गिल्स (गलफड़े) की मदद से सांस ले पाती है।
मछलियों में एक विशेष तरह के सेंस ऑर्गन होते हैं, जो अंधेरे और गहरे पानी की पहचान में रडार की तरह काम करते हैं।
अमेरिका में पालतू जानवरों में सबसे अधिक ट्रापिकल फिश को पाला जाता है।
एंजल फिश ग्रुप में रहती हैं और हर ग्रुप में एक मेल फिश होती है, जिसका ब्लू कलर होता है और बाकी चार फीमेल फिश होती हैं, जिनका कलर येलो होता है।
एक ऐसी मछली भी होती है, जो अपने मुंह को सिर्फ खाने के लिए ही इस्तेमाल नहीं करती है, यह अंडों को अपने पेट की बजाय मुंह में रखती है। और ऐसा करने वाली यह मेल फिश होती है, फीमेल नहीं। यह एक तरह की कैटफिश होती है और अटलांटिक ओशन में पाई जाती है।
तुम्हें यह जानकर हैरानी होगी कि जो मछलियां तट के आसपास रहती हैं, उनकी त्वचा अधिक सख्त होती है। और जो गहरे पानी में रहती हैं, उनकी त्वचा थोड़ी मुलायम होती है। इनकी त्वचा ही गहरे पानी में इनकी रक्षा करती है।

आ गई रोबोट फिश..
इस साल अप्रैल में दुनिया की पहली रोबोट मछली का सफल परीक्षण इटली में किया गया। इटली के नेशनल रिसर्च काउंसिल और न्यूयॉर्क यूनिवर्सिटी ने मिलकर इसे बनाया है। यह असली मछली की तरह दिखती है और मछलियों के साथ रहकर उसकी हूबहू नकल करती है।

 
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