सोमवार, 31 अगस्त, 2015 | 10:14 | IST
 |  Site Image Loading Image Loading
ब्रेकिंग
बिहार: पूर्व मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मोइदुर रहमान का रविवार देर रात निधन, अररिया से दो बार रह चुके हैं विधायक, कुछ दिनों से चल रहे थे बीमार।दिल्ली के मुखर्जी नगर में रात दो बजे स्कूटी और बाइक की टककर में दो की मौत, तीन गंभीर रूप से घायल।
फैशन डिजाइनिंग: क्रिएटिव लोगों के लिए संभावनाएं बहुत
फजले गुफरान First Published:05-12-2012 02:20:09 PMLast Updated:00-00-0000 12:00:00 AM
Image Loading

आज युवाओं में फैशन को लेकर पैशन है। दिल्ली फैशन वीक, पेरिस, मिलान और न्यूयॉर्क में आकर्षक परिधानों में रैंप पर कैटवॉक करती हुई मॉडल और हर डिजाइन पर लोगों की तालियों की बरसात, सही में यही डिजाइनर की सफलता की कहानी बयां करते हैं। विस्तार में जाएं तो एक फैशन डिजाइनर कपड़ों के फैब्रिक, टेक्सचर, कलर कोड, एक्सेसरीज सहित परिधान के बारे में सोचता है, योजना बनाता है और आकार देता है। अगर आप में भी लोगों को सुंदर बनाने का जुनून है तो फैशन डिजाइनिंग का क्षेत्र आपका इंतजार कर रहा है।

एक फैशन डिजाइनर को कपड़े की बुनावट, कपड़े के ज्ञान, रंगों, डिजाइनों और अन्य सामग्री की पूरी जानकारी होनी चाहिए। जब डिजाइनर अपने डिजाइन के प्रति पूरी तरह संतुष्ट हो जाता है तो वह किसी पेशेवर पैटर्न मेकर से सलाह लेता है। फैशन कलेक्शन में डिजाइनर हर एक सीजन में अपने हाई फैशन और मास मार्केट के लिए नए विचारों और नए प्रचलनों को सामने रखता है।

फैशन उद्योग सेल्स के अलावा मुख्य रूप से प्रोडक्टिविटी पर टिका है। प्रोडक्टिविटी में परिधान तैयार करने के लिए कपड़ा खरीदने से लेकर फिनिशिंग तक के हर पहलू को समझना होता है। कैसा कपड़ा हो, उसका टेक्सचर और कलर क्या हो, उसके साथ लगने वाले और आइटम कैसे हों, यह सब देखना होता है, ताकि जब ड्रेस बन कर तैयार हो तो कुछ खास हो, लागत तार्किक हो और वह बाजार और चलन के अनुरूप हो। यह तभी संभव है, जब कपड़े की बनावट-बुनावट, रंग, चलन इत्यादि की जानकारी हो।

फैशन डिजाइनिंग का क्रेज
टीवी धारावाहिकों के डिजाइनर कपड़े को देख कर लोगों का रुझान फैशन के प्रति अब देखते ही बनता है। यह भी एक वजह है, जिसके कारण पिछले कुछ वर्षों में फैशन उद्योग में काफी उछाल आया है। एसोचैम के मुताबिक भारतीय फैशन उद्योग इस साल के अंत तक 7 अरब डॉलर के आंकड़े को पार कर जाएगा। जिस तरह से लोगों में फैशन एक्सेसरीज के प्रति दीवानगी बढ़ती जा रही है, उससे इस क्षेत्र का फलक और बड़ा हो सकता है।

काम की प्रकृति
लोगों को यह लगता है कि डिजाइनर सपनों की दुनिया में विचरण करते रहते हैं, लेकिन असलियत यह है कि उनका काम काफी चुनौतीपूर्ण होता है। उन्हें बाजार की मांग के अनुरूप किसी खास प्रोडक्ट, सीजन और प्राइज को ध्यान में रख कर काम करना पड़ता है। पिछले कुछ वर्षों में यह क्षेत्र तेजी से बदला है। देखा जाए तो कुछ साल पहले तक भारत में एक भी ऐसा फैशन डिजाइनर नहीं था, जिसे वैश्विक स्तर पर पहचाना जाए, लेकिन आज रितु कुमार, रितु बेरी, रोहित बल, सुनीत वर्मा, जे.जे. वलाया, तरुण तहिलियानी जैसे नामों की चर्चा दुनिया भर में होती है। रितु बेरी तो हॉलीवुड स्टार्स निकोल किडमैन और केटी होम्स के कपड़े भी डिजाइन कर चुकी हैं।

योग्यता
इस क्षेत्र में कदम रखने के लिए फैशन डिजाइनिंग का कोर्स करना जरूरी है। नेशनल इंस्टीटय़ूट ऑफ टेक्नोलॉजी, पर्ल के अलावा और भी कई संस्थान हैं, जहां से फैशन डिजाइनिंग का कोर्स किया जा सकता है। फैशन डिजाइनिंग के अंडर ग्रेजुएट कोर्स में प्रवेश के लिए 50 प्रतिशत अंकों के साथ 12वीं पास होना जरूरी है। साथ ही एडमिशन के लिए लिखित परीक्षा, ग्रुप डिस्कशन और साक्षात्कार से गुजरना पड़ता है। वहीं पीजी में प्रवेश के लिए स्नातक होना जरूरी है। निफ्ट जैसे संस्थान में प्रवेश के लिए लिखित परीक्षा, ग्रुप डिस्कशन और व्यक्तिगत साक्षात्कार के दौर से गुजरना पड़ता है। 

कोर्स
फैशन डिजाइनिंग एक प्रोफेशनल कोर्स है, जो 12वीं के बाद किया जा सकता है। इसके तहत अपेरल डिजाइनिंग, फैशन डिजाइनिंग, प्रोडक्शन मैनेजमेंट, क्लोदिंग टेक्नोलॉजी, टेक्सटाइल साइंस, अपेरल कंस्ट्रक्शन मैथड, फैब्रिक ड्रॉइंग एवं प्रिंटिंग, कलर मिक्सिंग एवं कंप्यूटर एडेड डिजाइन आदि क्षेत्रों में से किसी एक का चुनाव कर सकते हैं। इसमें सर्टिफिकेट, डिप्लोमा, एडवांस डिप्लोमा, फाउंडेशन डिग्री, डिग्री और पीजी डिग्री तक कोर्स उपलब्ध हैं।

अवसर
क्रिएटिव लोगों के लिए यहां मौकों की कमी नहीं है। फैशन डिजाइनिंग का काम काफी चकाचौंध भरा होता है। यहां हमेशा कुछ नया करने की चुनौती होती है। इस समय फैशन डिजाइनिंग के क्षेत्र में गारमेंट और एक्सेसरीज डिजाइनर की काफी डिमांड है। फैशन डिजाइनिंग का कोर्स करने के बाद फैशन प्रोडक्शन मैनेजमेंट, फैशन मीडिया, क्वालिटी कंट्रोल, फैशन एक्सेसरीज डिजाइन और ब्रांड प्रोमोशन में काम कर सकते हैं। इसके अलावा कॉस्ट्यूम डिजाइनर, फैशन कंसल्टेंट, टेक्निकल डिजाइनर, ग्राफिक डिजाइनर, प्रोडक्शन पैटर्न मेकर, फैशन को-ऑर्डिनेटर आदि के रूप में भी शानदार करियर बना सकते हैं। अनुभव जुटा लेने के बाद अपना काम शुरू कर सकते हैं। इसके कुछ अलग-अलग विभागों में स्पेशलाइजेशन हासिल कर सकते हैं जैसे मार्केटिंग एवं मर्केंडाइजिंग, अपेरल मर्केंडाइजिंग, विजुअल मर्केंडाइजिंग, फैशन को-ऑर्डिनेटर, टेक्सटाइल डिजाइनर, मॉडलिंग, फैशन कंसल्टेंट, फैशन फोटोग्राफी। इसके अलावा इस क्षेत्र में इलस्ट्रेटर, स्केचिंग असिस्टेंट, फैशन फोरकास्टर, ड्रेसमेकर, फैशन टीचर का भी अहम योगदान है।

वेतन
प्रशिक्षु के तौर पर वेतन 10-12 हजार तक मिलता है। अनुभव से कमाई 30-35 हजार तक होने लगती है। आपकी पहचान अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंच गई तो आमदनी खासी बढ़ सकती है।  

प्रमुख संस्थान
नेशनल इंस्टीटय़ूट ऑफ फैशन टेक्नोलॉजी (निफ्ट) निफ्ट कैम्पस, हौज खास, गुलमोहर पार्क के पास, नई दिल्ली-110016
वेबसाइट
: www.nift.ac.in

नेशनल इंस्टीटय़ूट ऑफ डिजाइन, पालदी, अहमदाबाद
वेबसाइट:
www.nid.edu

पर्ल एकेडमी ऑफ फैशन, नारायणा, नई दिल्ली,
वेबसाइट:
www.pearlacademy.com

एमिटी स्कूल ऑफ फैशन टेक्नोलॉजी, नोएडा
वेबसाइट:
www.amity.edu/asft

 
 
 
 
जरूर पढ़ें
क्रिकेट
Image Loadingकोलंबो टेस्ट: भारत को 132 रनों की बढ़त
इशांत शर्मा ( 54 रन पर पांच विकेट) की घातक गेंदबाजी और इससे पहले ओपनर चेतेश्वर पुजारा (नाबाद 145) रन के शानदार प्रदर्शन की बदौलत भारत ने यहां तीसरे और निर्णायक टेस्ट मैच के तीसरे दिन रविवार को अपना शिकंजा कसते हुये मेजबान श्रीलंका के खिलाफ 111 रन की महत्वपूर्ण बढ़त हासिल कर ली।
 
क्रिकेट स्कोरबोर्ड
 
Image Loading

सीसीटीवी कैमरों का जमाना है...
पिता: एक समय था, जब मैं 10 रुपए में किराना, दूध, सब्जी और नाश्ता ले आता था..
बेटा: अब संभव नहीं है, पापा अब वहां सीसीटीवी कैमरे लगे होते हैं।