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एजुकेशन लोन: फीस को कहें नो टेंशन
शैलेन्द्र नेगी
First Published:01-05-12 01:29 PM
सपनों को साकार करने के लिए शिक्षा जरूरी है और आजकल उच्च शिक्षा हासिल करना हर किसी के बस की बात नहीं। फीस और दूसरे खर्चे किसी भी छात्र के अभिभावक की कमर तोड़ सकते हैं। पर मेधावी छात्रों को निराश होने की जरूरत नहीं। एजुकेशन लोन है न आपके सपनों को पंख लगाने के लिए। कैसे और किन्हें मिल सकता है एजुकेशन लोन, बता रहे हैं शैलेन्द्र नेगी।
अच्छी शिक्षा अब सस्ती नहीं रही। अगर आपका किसी अच्छे कॉलेज या कोर्स में एडमिशन हो जाता है तो आपके सामने सबसे बड़ी चुनौती होती है संस्थान की आसमान छू रही फीस। लेकिन विभिन्न बैंकों की एजुकेशन लोन योजनाओं के कारण अब फीस आपकी राह में रोड़ा नहीं बन पाएगी। सरकारी और प्राइवेट, दोनों ही तरह के बैंक आसान शर्तों पर एजुकेशन लोन मुहैया करा रहे हैं। कुछ सामान्य से दस्तावेजों के जरिए आप एजुकेशन लोन प्राप्त कर सकते हैं।
यही नहीं, पढ़ाई पूरी करने के बाद जब आपकी नौकरी लग जाए, तब आप इसे आसान किश्तों के साथ चुका सकते हैं।
किसे मिल सकता है एजुकेशन लोन
एजुकेशन लोन हासिल करने के लिए आपको एक गारंटर की जरूरत होगी। अगर आप कर्ज चुकाने में सफल नहीं हो पाते तो गारंटर को लोन चुकाना होगा। ज्यादातर बैंक ऐसे लोगों को गारंटर मानते हैं, जिनकी नेटवर्थ या सालाना आय एजुकेशन लोन की कुल पूंजी से ज्यादा हो। एजुकेशन लोन लेने के लिए छात्रों का शैक्षणिक रिकॉर्ड अच्छा होना जरूरी है, साथ ही माता-पिता या अभिभावक के पास आय का नियमित स्नोत होना चाहिए, ताकि जरूरत पड़ने पर वे लोन का भुगतान कर सकें। ज्यादातर नाबालिगों को एजुकेशन लोन नहीं मिलता, क्योंकि बैंक यह देखता है कि उनकी लोन चुकाने की क्षमता है या नहीं। लेकिन अगर आपके माता-पिता लोन चुकाने में सक्षम हैं तो आपको एजुकेशन लोन मिल सकता है। किन कोर्सों के लिए मिलेगा एजुकेशन लोन
आज हर तरह के कोर्स के लिए एजुकेशन लोन की व्यवस्था है। अगर आप तकनीकी, मैनेजमेंट और अन्य व्यावसायिक कोर्स कर रहे हैं तो आपको आसानी से लोन मिल जाता है। इसके लिए मुख्य शर्त यह है कि आपका संस्थान सरकारी या सरकार की किसी मान्यताप्राप्त बॉडी से मान्यताप्राप्त हो। कितनी राशि का ऋण
आवेदक के अभिभावक या खुद छात्र की ऋण चुकाने की क्षमता के आधार पर अधिकतम 10 लाख रुपये तक ऋण देने का प्रावधान है। विदेश में पढ़ाई के लिए अधिकतम सीमा 20 लाख रुपये रखी गई है। कैसे होगी ऋण की वापसी
ऋण वापसी कोर्स पूरा होने के एक साल बाद या रोजगार मिलने के छ: महीने बाद जरूरी है। ऋण वापसी शुरू होने के पांच से सात सालों के बीच पूरी होनी चाहिए। ऋण चुकाने की अवधि अलग-अलग बैंकों में अलग-अलग है। यह कोर्स के आधार पर तय किया जाता है। किन खर्चों को कवर करता है एजुकेशन लोन पढ़ाई पूरी करने के लिए अन्य जरूरी खर्चे जैसे एजुकेशन टूर, शोध, प्रोजेक्ट वर्क आदि का खर्च
कुछ बैंक छात्र का 50,000 रुपये तक टू-व्हीलर का खर्च भी उठाते हैं
कॉलेज, स्कूल, हॉस्टल और ट्यूशन फीस का खर्च
किताबों, शैक्षणिक उपकरणों और यूनिफॉर्म का खर्च
कॉशन मनी, बिल्डिंग फंड, रिफंडेबल डिपॉजिट। इनके लिए संस्थान के बिल और रसीदों की जरूरत होती है।
छात्र की विदेश यात्रा के लिए ट्रैवल अलाउंस
अगर कोर्स पूरा करने के लिए कंप्यूटर खरीदना अनिवार्य हो तो उसकी खरीद का खर्च
परीक्षा शुल्क, लाइब्रेरी और लैबोरेटरी शुल्क एक्सपर्ट व्यू
आप मेधावी हैं तो लोन मिल कर रहेगा
हर्ष सिंह बंगारी, सेवानिवृत्त सीनियर मैनेजर, बैंक ऑफ इंडिया आपका एकेडमिक प्रदर्शन खुद ही आपकी काबिलियत बयान करता है। अगर छात्र मेधावी है तो बैंक एजुकेशन लोन देने में देर नहीं करते। एजुकेशन लोन देते समय बैंक एक ही चीज देखते हैं कि दिए जा रहे ऋण की वापसी कैसे होगी। कुछ ऐसी भी बातें सुनने में आती हैं कि एजुकेशन लोन के लिए पेरेंट्स का बैकग्राउंड मजबूत होना जरूरी है, लेकिन ऐसा बिल्कुल भी नहीं है। बैंक एजुकेशनल प्रोगेस को देख कर लोन देते हैं। हो सकता है कि पिता की इनकम जीरो हो, लेकिन छात्र पढ़ाई में हीरो हो तो आसानी से एजुकेशन लोन मिल जाता है।
आप बैंक द्वारा मांगे गए दस्तावेज सही क्रम में उपलब्ध कराएं। एजुकेशन लोन केवल पढ़ाई के लिए ही नहीं है, बल्कि पढ़ाई के दौरान होने वाले खर्चो को भी कवर करता है। भले ही आपको लैपटॉप लेना हो या पढ़ाई से संबंधित कोई अन्य इंस्ट्रुमेंट, एजुकेशन लोन में सब चीजों का प्रावधान है। देश में मौजूद सभी निजी और सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक छात्रों की मदद के लिए तैयार हैं। व्यावसायिक पाठय़क्रम के लिए बैंकों ने विशेष व्यवस्था की है। राष्ट्रीय बैंक स्कॉलर्स स्कीम के तहत जरूरतमंद छात्रों को लोन सुविधा उपलब्ध करवाते हैं। अगर आप काबिल हैं और बैंक द्वारा निर्धारित नियमों में फिट बैठते हैं, लेकिन उसके बावजूद आपको कोई बैंक एजुकेशन लोन देने से मना कर दे तो आप इसकी शिकायत आरबीआई से कर सकते हैं, क्योंकि आरबीआई के नियमों के अनुसार कोई भी बैंक बिना उचित कारण एजुकेशन लोन देने से मना नहीं कर सकता। फैक्ट फाइल
किन कोर्सेज के लिए मिलेगा ऋण स्नातक कोर्स: बीए, बीएससी, बीकॉम
स्नातकोत्तर पाठय़क्रम: एमए, एमएससी, एमकॉम, एमफिल, पीएचडी
व्यावसायिक कोर्स: इंजीनियरिंग, मेडिकल, एग्रीकल्चर, वेटरीनरी, लॉ, डेंटल, प्रबंधन, कंम्प्यूटर साइंस
मान्यताप्राप्त संस्थानों के रात्रिकालीन पाठय़क्रम
विश्वविद्यालय अनुदान आयोग, ऑल इंडिया काउंसिल ऑफ टेक्निकल एजुकेशन, इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च, भारत या राज्य सरकार या अन्य प्राधिकृत निकायों से स्वीकृत कॉलेजों/ विश्वविद्यालयों द्वारा संचालित कोर्स, जिनसे डिप्लोमा/ डिग्री प्राप्त की जा सके
राष्ट्रीय संस्थान तथा अन्य प्रतिष्ठित निजी संस्थानों द्वारा उपलब्ध कोर्स, जिन्हें प्रधान कार्यालय से मंजूरी प्राप्त हो
स्वीकृति प्राप्त प्रतिष्ठित विदेशी विश्वविद्यालयों द्वारा भारत में संचालित पाठय़क्रम
प्रतिष्ठित संस्थानों के कंप्यूटर सर्टिफिकेट कोर्स, जो इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग या विश्वविद्यालय से मान्यताप्राप्त हों
आईसीडब्ल्यूए, सीए, सीएफए जैसे कोर्स
आईआईएम, आईआईटी, आईआईएससी, निफ्ट, निड और केंद्र व राज्य सरकारों द्वारा स्थापित अन्य संस्थान एजुकेशन लोन पाने के लिए योग्यता आवेदक की उम्र 18 से 30 वर्ष के बीच हो
आवेदक भारतीय नागरिक हो
प्रवेश परीक्षा या चयन प्रक्रिया के जरिए व्यावसायिक या तकनीकी कोर्स में प्रवेश लिया गया हो
यह योजना केवल देश-विदेश के मान्यताप्राप्त तकनीकी और व्यावसायिक पाठय़क्रमों के लिए है
आवेदक पर किसी अन्य बैंक या बैंकों का ऋण बकाया न हो
शिक्षा ऋण के लिए केवल अपने नजदीकी बैंक की शाखा में अनुरोध किया जाना चाहिए गरीब छात्रों के लिए भी आसान लोन की व्यवस्था
आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (कुल पारिवारिक आय सालाना 4.50 लाख रुपये से कम) के लिए मानव संसाधन विभाग की केंद्रीय योजनाओं के तहत कुछ प्रावधान हैं। इसके तहत भारत में तकनीकी और व्यावसायिक कोर्स के लिए एजुकेशन लोन के ब्याज पर सब्सिडी दी जाती है। यह पूंजी एक निश्चित समय के लिए दी जाती है। शिक्षा ऋण के लिए जरूरी दस्तावेज आवेदन पत्र
उत्तीर्ण परीक्षा का अंक पत्र
प्रवेश प्रमाणपत्र, व्यय के विवरण तथा कोर्स की अवधि
शुल्क की संरचना (कॉलेज/विश्वविद्यालय से प्राप्त प्रमाण-पत्र)
दो पासपोर्ट साइज फोटो
उम्मीदवार/माता-पिता/अभिभावक तथा गारंटर (जो भी लागू हो) का पहचान पत्र (पासपोर्ट, आईडी कार्ड, मतदाता पहचान पत्र या पैन कार्ड)
आवास प्रमाण-पत्र (राशन कार्ड या मतदाता पहचान- पत्र या पासपोर्ट अथवा बिजली या टेलीफोन बिल की फोटो कॉपी अथवा बैंक द्वारा कोई अन्य स्वीकार्य प्रपत्र)
गारंटर से जुड़े विवरण (जब ऋण की राशि 4 लाख रुपये से अधिक हो)
ऋणकर्ता/गारंटर की आय का प्रमाण पत्र
माता-पिता/ अभिभावक की सह-जिम्मेदारी वाला कथन
इस आशय की घोषणा/ शपथ-पत्र कि किसी भी अन्य संस्थान से माता-पिता तथा छात्र-छात्र ने किसी प्रकार का ऋण नहीं लिया है मार्जिन राशि (4 लाख रुपये से अधिक): भारत में अध्ययन के लिए 5 प्रतिशत तथा अन्य देशों में अध्ययन के लिए 15 प्रतिशत
संपत्ति के स्वामित्व पत्र या अन्य सुरक्षा (यदि ऋण की राशि 7. 50 लाख रुपये से अधिक हो) ऑनलाइन भी कर सकते हैं आवेदन
सभी बैंकों में शिक्षा ऋण के लिए ऑनलाइन आवेदन सुविधा उपलब्ध है। इच्छुक उम्मीदवार शिक्षा ऋण के लिए या तो ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं या फिर अपनी नजदीकी बैंक शाखा में जाकर आवेदन जमा कर सकते हैं। कौन-कौन से बैंक देते हैं एजुकेशन लोन
देश में मौजूद सार्वजनिक क्षेत्र के सभी बैंक शिक्षा ऋण मुहैया करवाते हैं। इसके अलावा निजी बैंक भी छात्रों को यह सुविधा मुहैया करवाते हैं। प्रमुख बैंक इस प्रकार हैं- स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, वेबसाइट: www.statebankofindia.com
इलाहाबाद बैंक, वेबसाइट: www.allahabadbank.com
पंजाब नेशनल बैंक, वेबसाइट: www.pnbindia.in
बैंक ऑफ इंडिया, वेबसाइट: www.bankofindia.com
केनरा बैंक, वेबसाइट: www.canarabank.com
सेन्ट्रल बैंक ऑफ इंडिया, वेबसाइट: www.centralbankofindia.co.in
एचडीएफसी बैंक, वेबसाइट: www.hdfcbank.com
जम्मू-कश्मीर बैंक, वेबसाइट: www.jkbank.net
ऐक्सिस बैंक, वेबसाइट: www.axisbank.com
स्टेट बैंक ऑफ पटियाला, वेबसाइट: www.sbp.co.in सक्सेस स्टोरी
एजुकेशन लोन की वजह से पूरा हुआ सपना
अभिनव सिंह,
स्टूडेंट एशिया पेसेफिक इंस्टीटय़ूट ऑफ मैनेजमेंट अभिनव झारखंड के बोकारो जिले के रहने वाले हैं और एशिया पेसेफिक इंस्टीटय़ूट ऑफ मैनेजमेंट, नई दिल्ली से मैनेजमेंट की पढ़ाई कर रहे हैं। अभिनव का एडमिशन जब इंस्टीटय़ूट में हुआ तो उनके सामने सबसे बड़ी चुनौती थी कि आखिर वे इतनी भारी-भरकम फीस का भुगतान कैसे करें। जब अभिनव का एडमिशन हो गया तो उन्होंने फीस के लिए अपने संस्थान से बात की कि वे एजुकेशन लोन लेना चाहते हैं, जिसके लिए उनके इंस्टीटय़ूट ने भी उनकी पूरी मदद की। बैंक बहुत सारे दस्तावेजों की मांग करता है और उन दस्तावेजों को इंस्टीटय़ूट की मदद के बिना उपलब्ध करा पाना संभव नहीं था। अभिनव बैंक ऑफ इंडिया की नजदीकी शाखा में गए और मैनेजर से बात की। अभिनव का ट्रैक रिकॉर्ड देखने के बाद मैनेजर ने लोन एप्रूव करने के लिए सेकेंड्स भी नहीं लगाए। बस छोटी-सी प्रक्रिया से गुजरने के बाद अभिनव को साढ़े सात लाख का लोन मिल गया। अभिनव को यह राशि एक डीडी की शक्ल में मिली, जिसे बैंक ने सीधे इंस्टीटय़ूट के नाम जारी किया था। अभिनव की फीस सेमेस्टर के हिसाब से जाती है, फिर भी उन्हें कभी बैंक नहीं जाना पड़ता। एक छोटे से मेल द्वारा ही डीडी उनके पास पहुंच जाता है। वे मानते हैं कि एजुकेशन लोन के बिना मैनेजमेंट की पढ़ाई करना मेरे लिए संभव नहीं हो पाता। पढ़ाई के दौरान बैंक के चक्कर लगाना संभव नहीं होता, लेकिन बैंक की ऑनलाइन सेवा ने उनके इस काम को आसान कर दिया।
एजुकेशन लोन हासिल करने के लिए आपको एक गारंटर की जरूरत होगी। अगर आप कर्ज चुकाने में सफल नहीं हो पाते तो गारंटर को लोन चुकाना होगा। ज्यादातर बैंक ऐसे लोगों को गारंटर मानते हैं, जिनकी नेटवर्थ या सालाना आय एजुकेशन लोन की कुल पूंजी से ज्यादा हो। एजुकेशन लोन लेने के लिए छात्रों का शैक्षणिक रिकॉर्ड अच्छा होना जरूरी है, साथ ही माता-पिता या अभिभावक के पास आय का नियमित स्नोत होना चाहिए, ताकि जरूरत पड़ने पर वे लोन का भुगतान कर सकें। ज्यादातर नाबालिगों को एजुकेशन लोन नहीं मिलता, क्योंकि बैंक यह देखता है कि उनकी लोन चुकाने की क्षमता है या नहीं। लेकिन अगर आपके माता-पिता लोन चुकाने में सक्षम हैं तो आपको एजुकेशन लोन मिल सकता है। किन कोर्सों के लिए मिलेगा एजुकेशन लोन
आज हर तरह के कोर्स के लिए एजुकेशन लोन की व्यवस्था है। अगर आप तकनीकी, मैनेजमेंट और अन्य व्यावसायिक कोर्स कर रहे हैं तो आपको आसानी से लोन मिल जाता है। इसके लिए मुख्य शर्त यह है कि आपका संस्थान सरकारी या सरकार की किसी मान्यताप्राप्त बॉडी से मान्यताप्राप्त हो। कितनी राशि का ऋण
आवेदक के अभिभावक या खुद छात्र की ऋण चुकाने की क्षमता के आधार पर अधिकतम 10 लाख रुपये तक ऋण देने का प्रावधान है। विदेश में पढ़ाई के लिए अधिकतम सीमा 20 लाख रुपये रखी गई है। कैसे होगी ऋण की वापसी
ऋण वापसी कोर्स पूरा होने के एक साल बाद या रोजगार मिलने के छ: महीने बाद जरूरी है। ऋण वापसी शुरू होने के पांच से सात सालों के बीच पूरी होनी चाहिए। ऋण चुकाने की अवधि अलग-अलग बैंकों में अलग-अलग है। यह कोर्स के आधार पर तय किया जाता है। किन खर्चों को कवर करता है एजुकेशन लोन पढ़ाई पूरी करने के लिए अन्य जरूरी खर्चे जैसे एजुकेशन टूर, शोध, प्रोजेक्ट वर्क आदि का खर्च
कुछ बैंक छात्र का 50,000 रुपये तक टू-व्हीलर का खर्च भी उठाते हैं
कॉलेज, स्कूल, हॉस्टल और ट्यूशन फीस का खर्च
किताबों, शैक्षणिक उपकरणों और यूनिफॉर्म का खर्च
कॉशन मनी, बिल्डिंग फंड, रिफंडेबल डिपॉजिट। इनके लिए संस्थान के बिल और रसीदों की जरूरत होती है।
छात्र की विदेश यात्रा के लिए ट्रैवल अलाउंस
अगर कोर्स पूरा करने के लिए कंप्यूटर खरीदना अनिवार्य हो तो उसकी खरीद का खर्च
परीक्षा शुल्क, लाइब्रेरी और लैबोरेटरी शुल्क एक्सपर्ट व्यू
आप मेधावी हैं तो लोन मिल कर रहेगा
हर्ष सिंह बंगारी, सेवानिवृत्त सीनियर मैनेजर, बैंक ऑफ इंडिया आपका एकेडमिक प्रदर्शन खुद ही आपकी काबिलियत बयान करता है। अगर छात्र मेधावी है तो बैंक एजुकेशन लोन देने में देर नहीं करते। एजुकेशन लोन देते समय बैंक एक ही चीज देखते हैं कि दिए जा रहे ऋण की वापसी कैसे होगी। कुछ ऐसी भी बातें सुनने में आती हैं कि एजुकेशन लोन के लिए पेरेंट्स का बैकग्राउंड मजबूत होना जरूरी है, लेकिन ऐसा बिल्कुल भी नहीं है। बैंक एजुकेशनल प्रोगेस को देख कर लोन देते हैं। हो सकता है कि पिता की इनकम जीरो हो, लेकिन छात्र पढ़ाई में हीरो हो तो आसानी से एजुकेशन लोन मिल जाता है।
आप बैंक द्वारा मांगे गए दस्तावेज सही क्रम में उपलब्ध कराएं। एजुकेशन लोन केवल पढ़ाई के लिए ही नहीं है, बल्कि पढ़ाई के दौरान होने वाले खर्चो को भी कवर करता है। भले ही आपको लैपटॉप लेना हो या पढ़ाई से संबंधित कोई अन्य इंस्ट्रुमेंट, एजुकेशन लोन में सब चीजों का प्रावधान है। देश में मौजूद सभी निजी और सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक छात्रों की मदद के लिए तैयार हैं। व्यावसायिक पाठय़क्रम के लिए बैंकों ने विशेष व्यवस्था की है। राष्ट्रीय बैंक स्कॉलर्स स्कीम के तहत जरूरतमंद छात्रों को लोन सुविधा उपलब्ध करवाते हैं। अगर आप काबिल हैं और बैंक द्वारा निर्धारित नियमों में फिट बैठते हैं, लेकिन उसके बावजूद आपको कोई बैंक एजुकेशन लोन देने से मना कर दे तो आप इसकी शिकायत आरबीआई से कर सकते हैं, क्योंकि आरबीआई के नियमों के अनुसार कोई भी बैंक बिना उचित कारण एजुकेशन लोन देने से मना नहीं कर सकता। फैक्ट फाइल
किन कोर्सेज के लिए मिलेगा ऋण स्नातक कोर्स: बीए, बीएससी, बीकॉम
स्नातकोत्तर पाठय़क्रम: एमए, एमएससी, एमकॉम, एमफिल, पीएचडी
व्यावसायिक कोर्स: इंजीनियरिंग, मेडिकल, एग्रीकल्चर, वेटरीनरी, लॉ, डेंटल, प्रबंधन, कंम्प्यूटर साइंस
मान्यताप्राप्त संस्थानों के रात्रिकालीन पाठय़क्रम
विश्वविद्यालय अनुदान आयोग, ऑल इंडिया काउंसिल ऑफ टेक्निकल एजुकेशन, इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च, भारत या राज्य सरकार या अन्य प्राधिकृत निकायों से स्वीकृत कॉलेजों/ विश्वविद्यालयों द्वारा संचालित कोर्स, जिनसे डिप्लोमा/ डिग्री प्राप्त की जा सके
राष्ट्रीय संस्थान तथा अन्य प्रतिष्ठित निजी संस्थानों द्वारा उपलब्ध कोर्स, जिन्हें प्रधान कार्यालय से मंजूरी प्राप्त हो
स्वीकृति प्राप्त प्रतिष्ठित विदेशी विश्वविद्यालयों द्वारा भारत में संचालित पाठय़क्रम
प्रतिष्ठित संस्थानों के कंप्यूटर सर्टिफिकेट कोर्स, जो इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग या विश्वविद्यालय से मान्यताप्राप्त हों
आईसीडब्ल्यूए, सीए, सीएफए जैसे कोर्स
आईआईएम, आईआईटी, आईआईएससी, निफ्ट, निड और केंद्र व राज्य सरकारों द्वारा स्थापित अन्य संस्थान एजुकेशन लोन पाने के लिए योग्यता आवेदक की उम्र 18 से 30 वर्ष के बीच हो
आवेदक भारतीय नागरिक हो
प्रवेश परीक्षा या चयन प्रक्रिया के जरिए व्यावसायिक या तकनीकी कोर्स में प्रवेश लिया गया हो
यह योजना केवल देश-विदेश के मान्यताप्राप्त तकनीकी और व्यावसायिक पाठय़क्रमों के लिए है
आवेदक पर किसी अन्य बैंक या बैंकों का ऋण बकाया न हो
शिक्षा ऋण के लिए केवल अपने नजदीकी बैंक की शाखा में अनुरोध किया जाना चाहिए गरीब छात्रों के लिए भी आसान लोन की व्यवस्था
आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (कुल पारिवारिक आय सालाना 4.50 लाख रुपये से कम) के लिए मानव संसाधन विभाग की केंद्रीय योजनाओं के तहत कुछ प्रावधान हैं। इसके तहत भारत में तकनीकी और व्यावसायिक कोर्स के लिए एजुकेशन लोन के ब्याज पर सब्सिडी दी जाती है। यह पूंजी एक निश्चित समय के लिए दी जाती है। शिक्षा ऋण के लिए जरूरी दस्तावेज आवेदन पत्र
उत्तीर्ण परीक्षा का अंक पत्र
प्रवेश प्रमाणपत्र, व्यय के विवरण तथा कोर्स की अवधि
शुल्क की संरचना (कॉलेज/विश्वविद्यालय से प्राप्त प्रमाण-पत्र)
दो पासपोर्ट साइज फोटो
उम्मीदवार/माता-पिता/अभिभावक तथा गारंटर (जो भी लागू हो) का पहचान पत्र (पासपोर्ट, आईडी कार्ड, मतदाता पहचान पत्र या पैन कार्ड)
आवास प्रमाण-पत्र (राशन कार्ड या मतदाता पहचान- पत्र या पासपोर्ट अथवा बिजली या टेलीफोन बिल की फोटो कॉपी अथवा बैंक द्वारा कोई अन्य स्वीकार्य प्रपत्र)
गारंटर से जुड़े विवरण (जब ऋण की राशि 4 लाख रुपये से अधिक हो)
ऋणकर्ता/गारंटर की आय का प्रमाण पत्र
माता-पिता/ अभिभावक की सह-जिम्मेदारी वाला कथन
इस आशय की घोषणा/ शपथ-पत्र कि किसी भी अन्य संस्थान से माता-पिता तथा छात्र-छात्र ने किसी प्रकार का ऋण नहीं लिया है मार्जिन राशि (4 लाख रुपये से अधिक): भारत में अध्ययन के लिए 5 प्रतिशत तथा अन्य देशों में अध्ययन के लिए 15 प्रतिशत
संपत्ति के स्वामित्व पत्र या अन्य सुरक्षा (यदि ऋण की राशि 7. 50 लाख रुपये से अधिक हो) ऑनलाइन भी कर सकते हैं आवेदन
सभी बैंकों में शिक्षा ऋण के लिए ऑनलाइन आवेदन सुविधा उपलब्ध है। इच्छुक उम्मीदवार शिक्षा ऋण के लिए या तो ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं या फिर अपनी नजदीकी बैंक शाखा में जाकर आवेदन जमा कर सकते हैं। कौन-कौन से बैंक देते हैं एजुकेशन लोन
देश में मौजूद सार्वजनिक क्षेत्र के सभी बैंक शिक्षा ऋण मुहैया करवाते हैं। इसके अलावा निजी बैंक भी छात्रों को यह सुविधा मुहैया करवाते हैं। प्रमुख बैंक इस प्रकार हैं- स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, वेबसाइट: www.statebankofindia.com
इलाहाबाद बैंक, वेबसाइट: www.allahabadbank.com
पंजाब नेशनल बैंक, वेबसाइट: www.pnbindia.in
बैंक ऑफ इंडिया, वेबसाइट: www.bankofindia.com
केनरा बैंक, वेबसाइट: www.canarabank.com
सेन्ट्रल बैंक ऑफ इंडिया, वेबसाइट: www.centralbankofindia.co.in
एचडीएफसी बैंक, वेबसाइट: www.hdfcbank.com
जम्मू-कश्मीर बैंक, वेबसाइट: www.jkbank.net
ऐक्सिस बैंक, वेबसाइट: www.axisbank.com
स्टेट बैंक ऑफ पटियाला, वेबसाइट: www.sbp.co.in सक्सेस स्टोरी
एजुकेशन लोन की वजह से पूरा हुआ सपना
अभिनव सिंह,
स्टूडेंट एशिया पेसेफिक इंस्टीटय़ूट ऑफ मैनेजमेंट अभिनव झारखंड के बोकारो जिले के रहने वाले हैं और एशिया पेसेफिक इंस्टीटय़ूट ऑफ मैनेजमेंट, नई दिल्ली से मैनेजमेंट की पढ़ाई कर रहे हैं। अभिनव का एडमिशन जब इंस्टीटय़ूट में हुआ तो उनके सामने सबसे बड़ी चुनौती थी कि आखिर वे इतनी भारी-भरकम फीस का भुगतान कैसे करें। जब अभिनव का एडमिशन हो गया तो उन्होंने फीस के लिए अपने संस्थान से बात की कि वे एजुकेशन लोन लेना चाहते हैं, जिसके लिए उनके इंस्टीटय़ूट ने भी उनकी पूरी मदद की। बैंक बहुत सारे दस्तावेजों की मांग करता है और उन दस्तावेजों को इंस्टीटय़ूट की मदद के बिना उपलब्ध करा पाना संभव नहीं था। अभिनव बैंक ऑफ इंडिया की नजदीकी शाखा में गए और मैनेजर से बात की। अभिनव का ट्रैक रिकॉर्ड देखने के बाद मैनेजर ने लोन एप्रूव करने के लिए सेकेंड्स भी नहीं लगाए। बस छोटी-सी प्रक्रिया से गुजरने के बाद अभिनव को साढ़े सात लाख का लोन मिल गया। अभिनव को यह राशि एक डीडी की शक्ल में मिली, जिसे बैंक ने सीधे इंस्टीटय़ूट के नाम जारी किया था। अभिनव की फीस सेमेस्टर के हिसाब से जाती है, फिर भी उन्हें कभी बैंक नहीं जाना पड़ता। एक छोटे से मेल द्वारा ही डीडी उनके पास पहुंच जाता है। वे मानते हैं कि एजुकेशन लोन के बिना मैनेजमेंट की पढ़ाई करना मेरे लिए संभव नहीं हो पाता। पढ़ाई के दौरान बैंक के चक्कर लगाना संभव नहीं होता, लेकिन बैंक की ऑनलाइन सेवा ने उनके इस काम को आसान कर दिया।
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