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वीजे और आरजे के लिए..
जितिन चावला, करियर काउंसलर First Published:28-11-12 12:58 PM
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मुझे खूब बातें करने की आदत है, रूबरू और फोन पर। क्या मेरा यह हुनर मेरा करियर बन सकता है।

वीडियो जॉकी (वीजे)
एमटीवी की मलयिका अरोड़ा, निखिल चिनप्पा, सायरस ब्रोचा, सायरस साहूकार हों या चैनल वी के पूरब कोहली, यूदी, सुषमा रेड्डी, गौरव.. एमटीवी, चैनल वी, बी4यू जैसे म्यूजिक चैनलों के आने के साथ ही मनोरंजन जगत को न केवल नई दिशा मिली, बल्कि वीडियो जॉकी या वीजे की नई नस्ल भी हमारे सामने आई।

इस काम में पैसा भी बेशुमार है: साथ ही घूमना-फिरना, नित नए लोगों से मिलना और सबसे जरूरी, इन सब अनुभवों का पैसा प्राप्त करना। चौंकिएगा मत यदि हम बताएं कि इस कार्य में शुरुआती वेतनमान 60,000 से 100,000 रुपए तक होता है। अधिकतम वेतन समय और अनुभव के साथ बढ़ता जाता है।

कार्य
वीजेइंग में म्यूजिक शो, स्टेज शो में दर्शकों से रूबरू होना और सेलिब्रिटी इंटरव्यूज आदि में आपकी वाचन क्षमता का बेहद इस्तेमाल होता है। जितनी आपकी बोलने की क्षमता होगी, उतना ही आपके करियर के लिए बेहतर होगा।

अवसर
चैनलों को हमेशा नई प्रतिभाओं की तलाश रहती है। इसके लिए ऑडिशंस भी साल भर चलते हैं - एमटीवी और चैनल वी के वीजे हंट स्थायी सालाना कार्यक्रम हैं।

क्या है जरूरी
हालांकि वीजे के कार्य के लिए किसी औपचारिक परीक्षण की जरूरत नहीं होती, मास कम्युनिकेशन, अभिनय, रेडियो या अन्य परफॉर्मिंग आर्ट्स की पृष्ठभूमि वाले व्यक्ति यह कार्य कर सकते हैं। तो आखिर कैसे वीजे का कार्य करने के इच्छुक इस क्षेत्र में आएं? इसके लिए पहला कदम तो उस व्यक्ति को खुद ही उठाना होगा। टीवी शो देखें, अपने बोलने के तरीके और बॉडी लैंग्वेज पर कार्य करें। कॉलेज में, स्थानीय स्तर पर होने वाले मनोरंजन उत्सवों में परफॉर्म करें, इससे आपकी मंच पर जाकर बोलने की झिझक दूर होगी। रेडियो जॉकिंग का भी कार्य कर सकते हैं। कुल मिलाकर अधिकाधिक अभ्यास बेहतर रहता है। इसके बाद जब आपको लगे कि आप तैयार हैं तो अपने पोर्टफोलियो के साथ चैनल में ऑडिशन के लिए जा सकते हैं। यदि आप देखने में अच्छे, युवा, हंसमुख और एक विशिष्ट स्टाइल और उम्दा सामान्य ज्ञान रखते हैं, तो आपको जल्दी मौका मिल सकता है। एक अच्छे व्यक्तित्व और हास्य क्षमता के अलावा आपको संगीत के प्रत्येक क्षेत्र में रुचि भी होनी चाहिए। देखने में अच्छे लोगों को अक्सर मौके जल्दी मिलते हैं।

रेडियो जॉकी
मौजूदा दौर में एफएम चैनलों की प्रोग्रामिंग संगीत, समाचार, इन्फोटेनमेंट और करंट अफेयर्स का मिला-जुला स्वरूप होती है, इसलिए आप इस तरह के वैरायटी प्रोग्राम्स में अपना हाथ आजमा सकते हैं। यदि आप कोई संगीत आधारित कार्यक्रम पेश कर रहे हैं तो उस संगीत का अच्छा ज्ञान आपको होना चाहिए। इसके लिए होमवर्क और अभ्यास की जरूरत होती है। ऐसे प्रोग्राम्स भी खासे मशहूर हैं जिनमें आरजे श्रोताओं के साथ बातचीत करते हैं। इसके लिए कंटेंट, स्टाइल और ह्यूमर की जरूरत होती है जो ऑडियंस के साथ आरजे को जोड़ती है। वहीं आरजे को चाहिए कि वह कंटेंट के साथ छेड़खानी न करे या अपनी बातों में दोहराऊ न लगे।

अवसर
इस क्षेत्र में कई लोग आ रहे हैं, लेकिन आरजे के लिए अनेक नए आयाम भी खुल रहे हैं। इसलिए यदि आपको लगता है कि आपके पास आरजे के कार्य के लिए प्रतिभा है तो ऑडिशन देने से हिचकें नहीं (इसके लिए एक छोटे से प्रोग्राम की स्क्रिप्ट स्वयं तैयार करें।

प्रशिक्षण के लिए
जैसा कि पहले बताया गया कि औपचारिक ट्रेनिंग की जरूरत नहीं होती, फिर भी इस क्षेत्र के लिए कुछ शॉर्ट टर्म कोर्स हैं जो आपके हुनर को चमकाते हैं। इनमें से कुछ कोर्स पूर्व आरजे खुद चला रहे हैं। इसमें आपको सीडी प्लेयर और साउंड मिक्सर जैसा बुनियादी तकनीकी ज्ञान और साथ ही इनकमिंग कॉल्स व हॉट से फेडआउट म्यूजिक आदि की भी जानकारी दी जाती है।

ऑल इंडिया रेडियो में स्नातकों के लिए ट्रेनिंग प्रोग्राम हैं। जेवियर्स इंस्टीटय़ूट ऑफ मास कम्युनिकेशन-बाम्बे और दिल्ली स्थिति इंडियन इंस्टीटय़ूट ऑफ मास कम्युनिकेशन में भी आरजे के लिए प्रशिक्षण प्रोग्राम हैं।
 
 
 
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