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रसोई में बचाएं समय हर रोज
नीरा कुमार
First Published:20-12-12 12:36 PM
महिलाओं की जिंदगी का एक बड़ा समय किचन में बीतता है। बावजूद इसके रोजमर्रा के काम निपटाने में ही इतना समय निकल जाता है कि कुछ खास बना कर सबको खिलाने की चाह मन में ही रह जाती है। ऐसे में तलाश रहती है ऐसे उपायों की, जो रसोई को आसान बना दें। व्यवस्थित किचन, थोड़ी सी पूर्व तैयारी और कुकिंग के आसान तरीके किस तरह रसोई में लगने वाले आपके समय को बचा सकते हैं, बता रही हैं नीरा कुमार
महिलाओं का अधिकांश समय किचन में खाना बनाने में निकलता है, क्योंकि हर महिला यही चाहती है कि उसके हाथों का बना खाना घर के सदस्य खूब स्वाद लेकर खाएं। ऐसे में घर के सदस्यों की फरमाइशों का भी उसे ध्यान रखना पड़ता है। पर परेशानी यह होती है कि कुछ खास बनाने के लिए समय कहां से लाया जाए। आइये जानें कुछ प्री कुकिंग ट्रिक्स, जो रसोई में आपका समय बचा सकती हैं।
रोज-रोज धनिये-पुदीने या आंवला-लहसुन की चटनी पीसने से बचना चाहती हैं तो ज्यादा चटनी बना कर छोटी-छोटी कांच की हवाबंद डिब्बियों में डाल कर डीप फ्रीजर में रखें। जब जरूरत हो तो एक शीशी निकाल लें। इस तरह एक सप्ताह तक चटनी प्रयोग में लायी जा सकती है।
इसी तरह इमली खजूर और गुड़ मिला कर सोंठ बना लें। फ्रिज में यह एक महीने तक खराब नहीं होती।
इडली डोसे का फ्रेश मिश्रण खमीर उठा कर कंटेनर में रखकर डीप फ्रीज कर दें। जरूरत के अनुसार निकाल लें। यह मिश्रण डीप फ्रिज में रख कर बारह दिन तक उपयोग कर सकती हैं।
पनीर के लिए बार-बार बाजार जाना संभव नहीं तो एक बार लाकर उसके टुकड़े काटकर हल्का सा डीप फ्राई करें और डीप फ्रीजर में डाल दें। इससे वे चिपकेंगे नहीं और जरूरत पर 15 दिन तक प्रयोग में लाए जा सकते हैं।
रोज-रोज टमाटर पीसने के झंझट से बचना चाहती हैं तो एक किलो टमाटर धो-पोंछ कर चार टुकड़े में काटें। इसमें एक चम्मच चीनी व एक चम्मच नमक डालकर एक सीटी आने तक प्रेशरकुकर में पकायें। हैंड मिक्सर से पीसकर आइस ट्रे में क्यूब जमाकर जिप लॉक वाली थैली में डाल कर फ्रीजर में रखें। जब इच्छा हो सब्जी या सूप के लिए प्रयोग में लायें। 15 दिन तक प्रयोग कर सकती हैं।
अदरक-लहसुन भी पीस कर आइस क्यूब ट्रे में जमा कर फिर थैली में डाल कर रखें। जरूरत के अनुसार प्रयोग में लायें।
रोज-रोज मसाला भूनने के झंझट से बचना चाहती हैं तो अदरक लहसुन प्याज को पीस कर थोड़े से तेल में भून कर किसी हवा बंद डिब्बे में डाल कर फ्रिज में रख लें। एक सप्ताह तक इसका प्रयोग किया जा सकता है।
हरी मटर के दानों को भी डीप फ्रीज करके रखा जा सकता है। जब जरूरत हो, उतना निकाल लें।
नान का आटा पहले से गूंद कर फ्रिज में रख सकती हैं। इस पर भी हल्का सा तेल लगा कर रखें। यह दो-तीन दिनों तक चलेगा।
सूखे मसाले, जैसे हींग, जीरा पाउडर भून पीस कर रख लें। 15 दिन तक हवाबंद डिब्बे में आराम से चलता है। जब जरूरत हो, रायते व सब्जियों में इस्तेमाल कर सकती हैं।
तिल को भी भून कर और पीस कर रखें। यह भी मसाले अथवा ग्रेवी का टेस्ट बढ़ने में अच्छे रहते हैं। स्टफ्ड भिंडी व करेले में भी इनका प्रयोग कर सकती हैं।
सौंफ का भी पाउडर बना कर शीशी में रखें। चाहें तो आटा गूंदते समय थोड़ा डाल दें अथवा स्टफ्ड मसाले में झटपट इसका प्रयोग कर सकती हैं।
लहसुन, लालमिर्च और मूंगफली पीस कर सूखी चटनी बना लें। यह पन्द्रह दिन तक चलती है।
राजमा, चने आदि को रात-भर पानी में भिगोएं, फिर पानी निथार कर डीप फ्रीज कर दें। जरूरत पर निकालें और प्रयोग करें। इन्हें 15 दिन तक प्रयोग कर सकती हैं।
घर में अक्सर मूंग दाल-चीला, मंगोड़ी या दही बड़े बनते हों तो रात को एक साथ दाल भिगो कर सबेरे पानी से निथार कर डीप फ्रीज कर लें। जब भी जरूरत हो दाल निकालें, मिक्सी में पीसें और प्रयोग में लायें। ये दाल पन्द्रह दिन आराम से चलती है।
उबले हुए कॉर्न या मक्के के दानों को भी डीप फ्रीज कर लें। जब इच्छा हो तो डी फ्रॉस्ट करके गरम करें। चाट मसाला डालें और खायें व खिलायें।
हरी मिर्च भोजन के साथ खाने का शौक है तो उसे धोकर डंठल निकाल कर प्रत्येक में टूथपिन लगा दें और पानी के गिलास में रखें। एक सप्ताह तक मिर्च खराब नहीं होगी। जब भी जरूरत हो, मिर्च निकालें और खा लें।
सलाद को खूब सारा काट लें और हवाबंद डिब्बे में डाल कर ऊपर से क्लिंग फिल्म चिपका दें। सलाद में नींबू नमक न डालें। जब जरूरत हो तो निकाल लें। तीन दिन तक इसका प्रयोग किया जा सकता है।
ब्रेकफास्ट के लिए उपमा रेडीमिक्स की तरह बना कर रखा जा सकता है। बस थोड़े से तेल को गरम करके इसमें करीपत्ता, राई, उड़द दाल और काजू टुकड़ा डाल कर भूनें। फिर सूजी डाल कर दो-तीन मिनट भूनें। ठंडा करके एयर टाइट डिब्बे में भर कर रख दें। उपमा बनाना हो तो प्याज भून कर उसमें पानी डाल कर उबालें और उसमें नींबू का रस डाल कर मिश्रण तैयार करें। बढिया उपमा तैयार है। ऊपर से कटा हरा धनिया और थोड़ा-सा घी डाल दें।
दलिया बनाने के लिए उसे भी हल्का भूनकर डिब्बे में रख सकते हैं। चाहे तो उसमें दाल भी मिला दें।
मूंगफली के दाने नमक में भून कर छील कर दरदरा पीस कर रख लें। समय तो बचेगा ही, जब चाहें साबूदाने की खिचड़ी या पोहे में भी इस्तेमाल कर सकती हैं।
चीनी की एक तार की चाशनी बनाकर अवश्य रखें। चाहे बच्चों के दूध में डालना हो या शाही टोस्ट में प्रयोग करना हो, बहुत आराम रहता है।
पालक, बथुआ व अन्य हरे साग को काट लें और पीस कर फ्रीजर में डाल दें। जरूरत होने पर निकालें और प्रयोग करें। पालक-पनीर व अन्य सब्जियां बनाने में समय नहीं लगेगा।
हलवा बनाने की तैयारियां पहले से करनी हैं तो देसी घी में सूजी और मेवा भून कर रख लें। ठंडा होने पर इसमें चीनी पाउडर मिला लें। अब जब हलवा बनाना हो तो तुरंत उसमें हिसाब से गर्म पानी डाल दें। हलवा तैयार हो जाएगा।
यदि स्वीट डिश में श्रीखंड बनाना हो तो इसे भी पहले से बना कर फ्रिज में रख सकती हैं। इसे भी तीन दिनों तक प्रयोग में लाया जा सकता है।
थोड़े से बेसन को सूखा ही भून कर एक शीशी में रखें। जरूरत पर इसका प्रयोग करें, जैसे सब्जी गाढ़ी करनी हो। स्टफ्ड परांठे के मिश्रण में थोड़ा सा मिलाने पर भी इसका टेस्ट बढ़ जाता है।
मूंग दाल कचौड़ी के लिए उसकी तैयारी भी पहले से की जा सकती है। पहले खुले में दाल को गलने तक पकायें। पानी निथार लें। फिर थोडम तेल डाल कर उसमें सभी मसालों के साथ दाल को भून लें। इस कचौड़ी के मिश्रण को हवाबंद डिब्बे में फ्रिज में रखें। एक सप्ताह तक आराम से चलता है।
सूखा दाल मसाला भी तैयार करके बेड़मी के लिए रखा जा सकता है। बस उड़द दाल को गीले कपड़े से पोंछ कर सूखे ही कड़ही में भून कर मिक्सी में हींग-जीरा, अजवायन, लाल मिर्च, साबुत धनिया, सौंफ के साथ पाउडर बना लें। जब जरूरत हो, प्रयोग में लायें।
इसी तरह कस्टर्ड बना कर भी तीन दिनों तक अलग-अलग तरीके से प्रयोग किया जा सकता है। कभी फल काट कर डाल दें तो कभी जैली के टुकड़े तो कभी मेवा और कोकोनट सॉस डाल कर परोसें।
जैली भी तीन दिन तक प्रयोग की जा सकती है। चाहें तो इसको बनाते समय इसमें मेवा, कटे फल व चीनी डाल कर जमायें। क्यूब में काट कर सर्व करें।
सर्दी के दिनों में चाय का मसाला बना कर रखें।
भेलपूरी का नाम लेते ही बच्चे-बड़े सभी के मुंह में पानी आ जाता है। अत: घर पर ही मुरमुरे और मूंगफली-चनों को नॉनस्टिक पैन में भून कर हवाबंद डिब्बे में रख लें। जब दिल करे इसमें उबले आलू, प्याज, टमाटर मिलायें। मीठी-खट्टी चटनी डाल कर खायें और खिलायें।
कचौड़ी की तैयारी पहले से न हो तो भी झटपट बनायी जा सकती है। मूंग या उड़द दाल की बडियों को भून कर पीस लें। मसाले व थोड़ा-सा पानी मिलायें। दस मिनट में कचौड़ी का मिश्रण तैयार है।
यदि घर में मेहमान हैं तो दो दिन के लिए अलग-अलग दाल बनाकर रख सकती हैं, जैसे मूंग, उड़द, अरहर आदि। बस हल्दी, अदरक, नमक डाल कर उबालें। पानी उतना ही डालें कि दाल गल जाये। जरूरत पर गरम पानी व तड़का डाल कर परोसें।
इलायची के दानों को पीस कर एक डिब्बी में भर कर रखें। चाहे उन्हें स्वीट डिश में प्रयोग करना हो अथवा चाप में। बार-बार छीलने-पीसने के झंझट से बचा जा सकता है।
इलायची के छिलकों को पीस कर चाय की पत्ती में मिला दें। चाय में वैसे ही खुशबू आ जायेगी।
व्हाइट ग्रेवी के लिए मगज के दानों, काजू और खसखस को मिला कर भिगो दें। दो घंटे बाद इसे पीस कर डीप फ्रीज कर दें। व्हाइट ग्रेवी बनानी हो तो पैन में तेल गरम करके प्याज, अदरक, लहसुन का पेस्ट डालें। भुन जाने पर दही और ग्रेवी का पेस्ट डालें और थोड़ा भूनें। सब्जी व नमक डालें।
सर्व करने से पहले दूध, फिर थोड़ी फ्रेश क्रीम डाल दें। व्हाइट ग्रेवी में शाही सब्जी झटपट तैयार।
इसी तरह इमली खजूर और गुड़ मिला कर सोंठ बना लें। फ्रिज में यह एक महीने तक खराब नहीं होती।
इडली डोसे का फ्रेश मिश्रण खमीर उठा कर कंटेनर में रखकर डीप फ्रीज कर दें। जरूरत के अनुसार निकाल लें। यह मिश्रण डीप फ्रिज में रख कर बारह दिन तक उपयोग कर सकती हैं।
पनीर के लिए बार-बार बाजार जाना संभव नहीं तो एक बार लाकर उसके टुकड़े काटकर हल्का सा डीप फ्राई करें और डीप फ्रीजर में डाल दें। इससे वे चिपकेंगे नहीं और जरूरत पर 15 दिन तक प्रयोग में लाए जा सकते हैं।
रोज-रोज टमाटर पीसने के झंझट से बचना चाहती हैं तो एक किलो टमाटर धो-पोंछ कर चार टुकड़े में काटें। इसमें एक चम्मच चीनी व एक चम्मच नमक डालकर एक सीटी आने तक प्रेशरकुकर में पकायें। हैंड मिक्सर से पीसकर आइस ट्रे में क्यूब जमाकर जिप लॉक वाली थैली में डाल कर फ्रीजर में रखें। जब इच्छा हो सब्जी या सूप के लिए प्रयोग में लायें। 15 दिन तक प्रयोग कर सकती हैं।
अदरक-लहसुन भी पीस कर आइस क्यूब ट्रे में जमा कर फिर थैली में डाल कर रखें। जरूरत के अनुसार प्रयोग में लायें।
रोज-रोज मसाला भूनने के झंझट से बचना चाहती हैं तो अदरक लहसुन प्याज को पीस कर थोड़े से तेल में भून कर किसी हवा बंद डिब्बे में डाल कर फ्रिज में रख लें। एक सप्ताह तक इसका प्रयोग किया जा सकता है।
हरी मटर के दानों को भी डीप फ्रीज करके रखा जा सकता है। जब जरूरत हो, उतना निकाल लें।
नान का आटा पहले से गूंद कर फ्रिज में रख सकती हैं। इस पर भी हल्का सा तेल लगा कर रखें। यह दो-तीन दिनों तक चलेगा।
सूखे मसाले, जैसे हींग, जीरा पाउडर भून पीस कर रख लें। 15 दिन तक हवाबंद डिब्बे में आराम से चलता है। जब जरूरत हो, रायते व सब्जियों में इस्तेमाल कर सकती हैं।
तिल को भी भून कर और पीस कर रखें। यह भी मसाले अथवा ग्रेवी का टेस्ट बढ़ने में अच्छे रहते हैं। स्टफ्ड भिंडी व करेले में भी इनका प्रयोग कर सकती हैं।
सौंफ का भी पाउडर बना कर शीशी में रखें। चाहें तो आटा गूंदते समय थोड़ा डाल दें अथवा स्टफ्ड मसाले में झटपट इसका प्रयोग कर सकती हैं।
लहसुन, लालमिर्च और मूंगफली पीस कर सूखी चटनी बना लें। यह पन्द्रह दिन तक चलती है।
राजमा, चने आदि को रात-भर पानी में भिगोएं, फिर पानी निथार कर डीप फ्रीज कर दें। जरूरत पर निकालें और प्रयोग करें। इन्हें 15 दिन तक प्रयोग कर सकती हैं।
घर में अक्सर मूंग दाल-चीला, मंगोड़ी या दही बड़े बनते हों तो रात को एक साथ दाल भिगो कर सबेरे पानी से निथार कर डीप फ्रीज कर लें। जब भी जरूरत हो दाल निकालें, मिक्सी में पीसें और प्रयोग में लायें। ये दाल पन्द्रह दिन आराम से चलती है।
उबले हुए कॉर्न या मक्के के दानों को भी डीप फ्रीज कर लें। जब इच्छा हो तो डी फ्रॉस्ट करके गरम करें। चाट मसाला डालें और खायें व खिलायें।
हरी मिर्च भोजन के साथ खाने का शौक है तो उसे धोकर डंठल निकाल कर प्रत्येक में टूथपिन लगा दें और पानी के गिलास में रखें। एक सप्ताह तक मिर्च खराब नहीं होगी। जब भी जरूरत हो, मिर्च निकालें और खा लें।
सलाद को खूब सारा काट लें और हवाबंद डिब्बे में डाल कर ऊपर से क्लिंग फिल्म चिपका दें। सलाद में नींबू नमक न डालें। जब जरूरत हो तो निकाल लें। तीन दिन तक इसका प्रयोग किया जा सकता है।
ब्रेकफास्ट के लिए उपमा रेडीमिक्स की तरह बना कर रखा जा सकता है। बस थोड़े से तेल को गरम करके इसमें करीपत्ता, राई, उड़द दाल और काजू टुकड़ा डाल कर भूनें। फिर सूजी डाल कर दो-तीन मिनट भूनें। ठंडा करके एयर टाइट डिब्बे में भर कर रख दें। उपमा बनाना हो तो प्याज भून कर उसमें पानी डाल कर उबालें और उसमें नींबू का रस डाल कर मिश्रण तैयार करें। बढिया उपमा तैयार है। ऊपर से कटा हरा धनिया और थोड़ा-सा घी डाल दें।
दलिया बनाने के लिए उसे भी हल्का भूनकर डिब्बे में रख सकते हैं। चाहे तो उसमें दाल भी मिला दें।
मूंगफली के दाने नमक में भून कर छील कर दरदरा पीस कर रख लें। समय तो बचेगा ही, जब चाहें साबूदाने की खिचड़ी या पोहे में भी इस्तेमाल कर सकती हैं।
चीनी की एक तार की चाशनी बनाकर अवश्य रखें। चाहे बच्चों के दूध में डालना हो या शाही टोस्ट में प्रयोग करना हो, बहुत आराम रहता है।
पालक, बथुआ व अन्य हरे साग को काट लें और पीस कर फ्रीजर में डाल दें। जरूरत होने पर निकालें और प्रयोग करें। पालक-पनीर व अन्य सब्जियां बनाने में समय नहीं लगेगा।
हलवा बनाने की तैयारियां पहले से करनी हैं तो देसी घी में सूजी और मेवा भून कर रख लें। ठंडा होने पर इसमें चीनी पाउडर मिला लें। अब जब हलवा बनाना हो तो तुरंत उसमें हिसाब से गर्म पानी डाल दें। हलवा तैयार हो जाएगा।
यदि स्वीट डिश में श्रीखंड बनाना हो तो इसे भी पहले से बना कर फ्रिज में रख सकती हैं। इसे भी तीन दिनों तक प्रयोग में लाया जा सकता है।
थोड़े से बेसन को सूखा ही भून कर एक शीशी में रखें। जरूरत पर इसका प्रयोग करें, जैसे सब्जी गाढ़ी करनी हो। स्टफ्ड परांठे के मिश्रण में थोड़ा सा मिलाने पर भी इसका टेस्ट बढ़ जाता है।
मूंग दाल कचौड़ी के लिए उसकी तैयारी भी पहले से की जा सकती है। पहले खुले में दाल को गलने तक पकायें। पानी निथार लें। फिर थोडम तेल डाल कर उसमें सभी मसालों के साथ दाल को भून लें। इस कचौड़ी के मिश्रण को हवाबंद डिब्बे में फ्रिज में रखें। एक सप्ताह तक आराम से चलता है।
सूखा दाल मसाला भी तैयार करके बेड़मी के लिए रखा जा सकता है। बस उड़द दाल को गीले कपड़े से पोंछ कर सूखे ही कड़ही में भून कर मिक्सी में हींग-जीरा, अजवायन, लाल मिर्च, साबुत धनिया, सौंफ के साथ पाउडर बना लें। जब जरूरत हो, प्रयोग में लायें।
इसी तरह कस्टर्ड बना कर भी तीन दिनों तक अलग-अलग तरीके से प्रयोग किया जा सकता है। कभी फल काट कर डाल दें तो कभी जैली के टुकड़े तो कभी मेवा और कोकोनट सॉस डाल कर परोसें।
जैली भी तीन दिन तक प्रयोग की जा सकती है। चाहें तो इसको बनाते समय इसमें मेवा, कटे फल व चीनी डाल कर जमायें। क्यूब में काट कर सर्व करें।
सर्दी के दिनों में चाय का मसाला बना कर रखें।
भेलपूरी का नाम लेते ही बच्चे-बड़े सभी के मुंह में पानी आ जाता है। अत: घर पर ही मुरमुरे और मूंगफली-चनों को नॉनस्टिक पैन में भून कर हवाबंद डिब्बे में रख लें। जब दिल करे इसमें उबले आलू, प्याज, टमाटर मिलायें। मीठी-खट्टी चटनी डाल कर खायें और खिलायें।
कचौड़ी की तैयारी पहले से न हो तो भी झटपट बनायी जा सकती है। मूंग या उड़द दाल की बडियों को भून कर पीस लें। मसाले व थोड़ा-सा पानी मिलायें। दस मिनट में कचौड़ी का मिश्रण तैयार है।
यदि घर में मेहमान हैं तो दो दिन के लिए अलग-अलग दाल बनाकर रख सकती हैं, जैसे मूंग, उड़द, अरहर आदि। बस हल्दी, अदरक, नमक डाल कर उबालें। पानी उतना ही डालें कि दाल गल जाये। जरूरत पर गरम पानी व तड़का डाल कर परोसें।
इलायची के दानों को पीस कर एक डिब्बी में भर कर रखें। चाहे उन्हें स्वीट डिश में प्रयोग करना हो अथवा चाप में। बार-बार छीलने-पीसने के झंझट से बचा जा सकता है।
इलायची के छिलकों को पीस कर चाय की पत्ती में मिला दें। चाय में वैसे ही खुशबू आ जायेगी।
व्हाइट ग्रेवी के लिए मगज के दानों, काजू और खसखस को मिला कर भिगो दें। दो घंटे बाद इसे पीस कर डीप फ्रीज कर दें। व्हाइट ग्रेवी बनानी हो तो पैन में तेल गरम करके प्याज, अदरक, लहसुन का पेस्ट डालें। भुन जाने पर दही और ग्रेवी का पेस्ट डालें और थोड़ा भूनें। सब्जी व नमक डालें।
सर्व करने से पहले दूध, फिर थोड़ी फ्रेश क्रीम डाल दें। व्हाइट ग्रेवी में शाही सब्जी झटपट तैयार।
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