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नौकरी छोड़ने में न करें जल्दबाजी
प्रीति First Published:06-12-12 12:22 PM
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महिलाओं के सामने कई बार ऐसी स्थितियां उत्पन्न हो जाती हैं, जिसके कारण उन्हें नौकरी छोड़ने का फैसला लेना पड़ता है। कई बार यह फैसला क्षणिक समस्याओं से घबराकर भी ले लिया जाता है, जिसका आगे चलकर नुकसान होता है। नौकरी छोड़ने से पूर्व किन बातों का रखें ध्यान, बता रही हैं प्रीति

आप चाहें या न चाहें, कई बार नौकरी करते हुए ऐसी परिस्थितियां बन जाती हैं कि आपका नौकरी छोड़ना जरूरी हो जाता है। कई बार यह फैसला पारिवारिक व निजी कारणों से लेना पड़ता है तो कई बार कार्यस्थल पर उपजी परिस्थितियों की वजह से। खासतौर पर प्राइवेट सेक्टर में नौकरी की अनिश्चितता अधिक होती है। यदि कारण ऐसा है, जिसे टाला ही नहीं जा सकता, तब बात अलग है। ऐसे में अधिक चिंता न करें, अपनी काबिलियत से आप कहीं न कहीं नौकरी पा ही लेंगी। पर यदि किसी अस्थायी परेशानी के कारण आप अपने करियर पर पड़ने वाले बुरे असर या परिवार के हित की अनदेखी कर रही हैं तो नौकरी छोड़ना से पहले सभी स्थितियों का आकलन कर लेना जरूरी है। यदि जरूरी हो तो इस संबंध में किसी अनुभवी व्यक्ति से सलाह भी कर सकती हैं। 
जल्दबाजी न करें
जल्दबाजी और भावुकता में नौकरी छोड़ने का कदम न उठाएं। अपनी वर्तमान स्थितियों का आकलन अवश्य कर लें। यह भी देखें कि जिस दूसरी जगह आपको नौकरी मिलेगी, वहां मिलने वाले पद, वेतन या सुविधाओं से कितना समझौता करना पड़ेगा? आपको मिलने वाला फायदा कितना है, उस कंपनी की कार्यस्थल नीतियां कैसी हैं? कहीं ऐसा तो नहीं कि किसी छोटे विवाद या किसी व्यक्ति की वजह से आप नौकरी छोड़ने जैसा बड़ा फैसला ले रही हों? अगर ऐसा है तो जान लें कि दिक्कतें सारी जगहों पर होती हैं और उनका समाधान भी होता है। विपरीत परिस्थितियों में संतुलन बनाने की कला सीखना जरूरी है।

अपनी बचत भी देख लें
यदि आपके बैंक अकाउंट में अगले तीन महीने तक बिना नौकरी के रहने लायक बचत है तो आप नौकरी छोड़ सकती हैं। खासतौर पर यदि आपने लोन लिया हुआ है और आपके पास नकद रिजर्व नहीं है तो नौकरी न छोड़े। याद रखें, खर्च हमेशा बढ़ते ही हैं, घटते नहीं। इसलिए अपनी परिस्थितियों और खर्च का आकलन करना जरूरी है।

परिवार से विमर्श कर लें
नौकरी छोड़ने का फैसला आपका निजी हो सकता है, पर उसका असर आपके पूरे परिवार पर भी पड़ सकता है। अपने जीवनसाथी से इस विषय में चर्चा करें और उसे अपनी इच्छा और परिस्थितियों के बारे में अवश्य बताएं। परिवार के सदस्यों का संबल आपके तनाव को काफी हद तक कम कर सकता है।

नौकरी छोड़ने की बात निजी रखें
नौकरी छोड़ने या दूसरी ढूंढ़ने की कोशिशों को सार्वजनिक न करें। हर किसी से इस संबंध में बात न करें। दूसरी नौकरी ढूंढ़ने की बातों का सबको पता लगना आपकी योजना को बिगाड़ सकता है। यदि आपके संबंध अपने सुपरवाइजर से अच्छे हैं तो उनकी मदद से दूसरी अच्छी नौकरी हासिल करने में कामयाब हो सकती हैं। नौकरी तभी छोड़े, जब आपको दूसरी अच्छी नौकरी मिल जाए।

माहौल न बिगाड़े
माना कि आप नौकरी छोड़कर किसी दूसरी अच्छी जगह जा रही हैं, पर इसका अर्थ यह नहीं कि आप अपनी पहली कंपनी के सहकर्मियों और अधिकारियों से गलत ढंग से पेश आएं। अपने इस्तीफे को लेकर अधिक खुशी न जताएं, न ही कंपनी या लोगों के बारे में उल्टा-सीधा बोलें। कुछ कंपनियां नए कर्मचारी का बैकग्राउंड चेक करती हैं और इस प्रक्रिया में पुरानी कंपनी से फीडबैक लेती हैं। ऐसे में आपकी नौकरी छूट सकती है।

बॉस से संबंधों को मधुर बनाएं
कई बार बॉस के साथ अच्छे तालमेल की कमी के कारण नौकरी छोड़नी पड़ती है। एक बार स्थितियों को संभालने की कोशिश अवश्य करें। खुद भी नई चीज सीखने से परहेज न करें। इस बीच नई नौकरी तलाशते रहें। यदि फैसला लेना ही है तो बॉस को बता कर ही त्याग-पत्र दें। इसी तरह नोटिस पीरियड अवश्य दें।

 
 
 
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