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परिणय कुमार First Published:04-12-12 02:43 PMLast Updated:04-12-12 02:45 PM
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छमाही परीक्षाओं की उल्टी गिनती शुरू हो चुकी है। सभी बड़ों ने पढ़ो-पढ़ो की रट लगा रखी होगी। पर तुम इस उलझन में हो कि क्या पढ़े, कैसे पढ़े, कितना पढ़े और कब-कब पढ़े। तुम्हारी इसी परेशानी को आज हम दूर करने वाले हैं। तो चलो परिणय कुमार से जान लेते हैं कि इन दिनों कैसा हो तुम्हारा टाइम-टेबल और तैयारी..

सबसे पहले बना लो टाइम-टेबल...
तैयारी शुरू करने से पहले एक अच्छा टाइम-टेबल जरूर बना लो। इससे तुम सभी विषयों की सही तरीके से तैयारी कर सकोगे। हां, इस बात का ध्यान रखना कि जो सब्जेक्ट तुम्हें टफ लगता है, उसके लिए अतिरिक्त समय निकालो, साथ ही अपने खेलने या टीवी पर कार्टून देखने का भी समय रखना। चाहो तो हर सब्जेक्ट के लिए आधा घंटा फिक्स कर दो। हर दिन शाम को चार सब्जेक्ट पढ़ने के लिए टाइम फिक्स करो। ये पढ़ाई तुम्हारी स्कूल की रुटीन पढ़ाई के साथ एक्स्ट्रा होगी, इसलिए शाम को पहले एक घंटा होमवर्क और फिर आधा घंटे का ब्रेक रखो। इसके बाद चार सब्जेक्ट्स के लिए आधा-आधा घंटा रखो, यानी दो घंटे की एक साथ पढ़ाई करो। इसके बाद टीवी देखो और खाना खाकर सो जाओ। अगले दिन बाकी बचे सब्जेक्ट्स के लिए फिक्स करो। जो विषय ज्यादा कठिन लगते हैं, उनके लिए एक घंटा फिक्स करो। इस तरह पूरे हफ्ते पढ़ाई करो और संडे को पूरा दिन जो याद किया है, उसका रिवीजन करो।

इसे भी अपना सकते हो...
हम तुम्हें एक टाइम-टेबल बनाकर दे रहे हैं। तुम चाहो तो इसे अपना सकते हो या फिर इसमें कुछ फेरबदल करके टाइम-टेबल खुद बना सकते हो—

करके देखो ग्रुप स्टडी...
तुम अपने दोस्तों के साथ ग्रुप स्टडी कर सकते हो। यह काफी बेहतर रहेगा। इस दौरान तुम दोस्तों से कई नई बातें जान सकते हो। जब तुम्हें कोई टॉपिक समझाता है तो वह पढ़ी हुई चीजों से ज्यादा याद रहता है, इसलिए ग्रुप स्टडी बेहतर होती है।

नोट्स एक्सचेंज करना फायदेमंद होगा.
परीक्षा के लिए अधिकांश छात्र नोट्स बनाते हैं। अगर तुम और तुम्हारे दोस्त भी नोट्स बनाते हैं तो तुम आपस में उन्हें एक्सचेंज करके पढ़ो। तैयारी में यह तरीका काफी मददगार साबित होगा और अच्छे मार्क्स दिलाएगा।

खेलना नहीं है मना...
परीक्षा के दिनों में अक्सर खेल पर या तो पेरेंट्स की तरफ से पाबंदी लग जाती है या फिर तुम खुद ही खेलना बंद कर देते हो। लेकिन यह सही नहीं है। अच्छी स्टडी के लिए खेल भी बहुत जरूरी है। परीक्षा के दिनों में खेलना थोड़ा कम कर दो, लेकिन खेलना छोड़ो मत। तुम्हारा फेवरेट गेम तुम्हें तरोताजा करने का काम करता है और पढ़ाई में मदद करता है।

सोना बहुत जरूरी है...
दिमाग एक मशीन है और अगर मशीन से ज्यादा काम लोगे तो वह थक जाएगी। इसलिए जरूरी है मशीन का सही से इस्तेमाल करो और थकने पर उसे चार्ज करो, मतलब कि ज्यादा पढ़ाई करने पर दिमाग रूपी मशीन को रेस्ट दो। रेस्ट बहुत जरूरी है, इसलिए तुम अच्छी नींद लो। परीक्षा के दबाव में आकर तुम हमेशा अपनी नींद कम कर देते हो और देर रात तक जागकर पढ़ते हो। पढ़ना जरूरी है, लेकिन नींद भी जरूरी है, इसलिए आठ घंटे की नींद पूरी करो। अगर अच्छी नींद पूरी करोगे तो अगले दिन दोगुनी एनर्जी के साथ तेज रफ्तार से पढ़ाई कर सकते हो।

जमकर खाओ और कुछ बनकर दिखाओ...
खाने को तुम अक्सर मना कर देते हो, लेकिन चुस्त दिमाग का इस्तेमाल तभी हो सकता है जब शरीर चुस्त हो। इसलिए मम्मा की बात मानकर पौष्टिक खाना खाओ। जंक फूड को इग्नोर करो और जमकर फल, जूस और दूध लो।

टीवी से ना करो ज्यादा प्यार...
परीक्षा होने वाली है तो ऐसा नहीं है कि तुम टीवी ना देखो, लेकिन इस बात का ख्याल रखो कि बहुत कम समय के लिए टीवी देखो। जो तुम्हारा पसंदीदा प्रोग्राम है उसे देख लिया करो, लेकिन दिनभर में आधे घंटे से 45 मिनट ही देखो।

रिवीजन का नहीं है कोई विकल्प...
परीक्षा की अच्छी तैयारी के लिए रिवीजन बेहद जरूरी है। तुम साल भर में जो भी पढ़ते हो, वह परीक्षा के समय याद नहीं रह पाता है, इसलिए जरूरी है कि अब तक तुमने जो भी पढ़ा है या जितना सिलेबस तुम्हें कवर कराया गया है, उन सभी का रिवीजन कर लो। रिवीजन करने से तुम्हें सभी कुछ याद रहेगा और परीक्षा हॉल में सवाल हल करने में परेशानी नहीं होगी। 

पढ़ाई करो, रिजल्ट की चिंता न करो
सबसे महत्वपूर्ण बात कि तुम पढ़ाई पर अपने को फोकस करो, रिजल्ट की चिंता न करो। कभी मार्क्स और प्रतिशत के पीछे नहीं भागो। अगर तुम अच्छे से पढ़ोगे और प्रतिशत की चिंता नहीं करोगे तो अच्छे प्रतिशत झक मार कर तुम्हारे पीछे आएंगे, क्योंकि प्रतिशत लाने के लिए तुम तनाव लेकर पढ़ोगे। उस स्थिति में तुम अच्छे से नहीं पढ़ पाते हो और अच्छा रिजल्ट नहीं आ पाता है, लेकिन अगर तुम रिजल्ट की चिंता छोड़कर सिर्फ स्टडी पर ध्यान दोगे तो पेपर भी अच्छा होगा और रिजल्ट भी बेहतर होगा।

ऐसे करो विषयों की तैयारी..
केन्द्रीय विद्यालय, तुगलकाबाद की साइंस टीचर मीनाक्षी दुबे, रोजरी सीनियर सेकेंडरी स्कूल, रेडियो कॉलोनी की सोशल साइंस टीचर रीना चार्ल्स, रेयान इंटरनेशनल स्कूल, वसंत कुंज की मैथ्स टीचर एडविना आर डैनियल, हिन्दी के टीचर कौशलेन्द्र प्रपन्न और एचएमडीएवी सीनियर सेकेंडरी स्कूल, दरियागंज के अंग्रेजी टीचर मकबूल हुसैन ने दिए ये टिप्स, जिन्हें अपनाकर तुम अच्छी तैयारी कर सकते हो।

साइंस
अगर अच्छे से रिवीजन कर लोगे तो बढिया मार्क्स आ जाएंगे। एक बात का ध्यान रखना, जितना सिलेबस पढ़ाया गया है, उतने का ही रिवीजन करना। साइंस विषय में खासतौर से फॉर्मूलों को याद रखो। डेफिनिशन को अच्छे से समझकर पढ़ो। डायग्राम को याद रखो। डायग्राम क्या है, कैसा है, इसका महत्व क्या है, इन सारी बातों पर फोकस करो।

सोशल साइंस
ऐतिहासिक और राजनीतिक घटनाओं को पढ़ते वक्त उसके बारे में सोचो और उसे इमेजिन करो। इससे ये तुम्हें जल्दी याद होंगे। सोशल साइंस में तिथियों का काफी महत्व है, इसलिए बेहतर होगा कि तुम महत्वपूर्ण तिथि, ईस्वी सन आदि को याद रखो, इसके साथ ही महत्वपूर्ण व्यक्ति का संपूर्ण विवरण याद रखना भी काफी मददगार साबित होगा।

मैथ्स
टेक्स्ट बुक के उदाहरण जरूर सॉल्व करो। सभी फॉमूर्लों को अच्छे से याद करो। ज्योमेट्री के सवालों को ध्यान से और बार-बार सॉल्व करो। इस विषय की तैयारी के लिए सबसे उपयुक्त तरीका है प्रैक्टिस। जितनी प्रैक्टिस करोगे, उतना बेहतर रहेगा, क्योंकि मैथमेटिक्स रटने का विषय नहीं है, प्रैक्टिस से ही इस पर अपनी पकड़ बना सकते हो।

हिन्दी
हिन्दी में वर्तनी और अशुद्धि का खास ख्याल रखना बेहद जरूरी है। इन्हें दूर करने के लिए अभ्यास करो। कविताओं की व्याख्या खुद लिखने की कोशिश करो। कहानी को अच्छे से पढ़ लो और उससे संबंधित प्रश्नों का उत्तर भी ध्यान से देख लो। व्याकरण के प्रश्नों का उत्तर देने के लिए उदाहरणों का सहारा लो। 

अंग्रेजी
स्टोरी और उससे संबंधित उत्तरों को अच्छे से तैयार कर लो, रिक्त स्थानों को भरने के लिए अभ्यास करो। अनसीन पैसेज का जमकर अभ्यास करो और ग्रामर की रिवीजन करो। पैराग्राफ राइटिंग और लेटर राइटिंग, एस्से आदि का अभ्यास भी अच्छे से कर लो। जो याद करो उसे लिख-लिखकर देखो।

 
 
 
 
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