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एयरफोर्स पायलट, भारतीय वायुसेना के हवाई लड़ाके
शैलेन्द्र नेगी
First Published:02-01-13 01:40 PM
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देशभक्ति का जज्बा, देश की आन-बान-शान के लिए अपने प्राण तक न्योछावर करने का जज्बा, हवाओं से बातें करने का जज्बा, ऐसे ही जज्बों से भरे लोग बनते हैं भारतीय वायुसेना के हवाई लड़ाके यानी एयरफोर्स पायलट। हर वह नौजवान जो पायलट बनना चाहता है, उसका सपना होता है कि वह फाइटर प्लेन का पायलट बने, मिग की उड़ान भरे और हवाओं से बातें करे। हालांकि ऐसे कुछ ही भाग्यशाली युवा होते हैं, जिनका सबसे तेज उड़ने वाली मशीन के कॉकपिट में बैठने का सपना पूरा हो पाता है। बस आपका असाधारण जज्बा, मेहनत और लगन ही आपको भारतीय वायु सेना के उस कॉकपिट में पहुंचा सकते हैं। कैसे, बता रहे हैं शैलेन्द्र नेगी

एयरफोर्स पायलट ऐसी मशीन को कंट्रोल करता है, जिसकी गति ध्वनि से भी तेज है। भारतीय वायुसेना में पायलट का एक बेहतरीन करियर है। वायुसेना पायलट को हमेशा सजग रहना होता है। देश की हवाई सुरक्षा की जिम्मेदारी इन्हीं पायलटों के जिम्मे होती है। इन्हें हर तरह के हवाई मारक क्षमता वाले हथियारों के प्रयोग का प्रशिक्षण दिया जाता है। दिन हो या रात, इन्हें 24 घंटे 365 दिन अलर्ट पर रहना होता है। देश में अगर शान्ति है और किसी तरह के बाह्य युद्घ का कोई खतरा नहीं है, बावजूद इसके इन पायलटों को हवाई गश्त करनी होती है, ताकि दुश्मन हवाई रास्ते से देश पर बुरी नजर न डाल सके। यह एक ऐसा करियर है, जो हर तरह की सुविधाओं से भरा, शानदार जीवन शैली और देश के लिए कुछ करने के सम्मान से भरा है।

कैसे करें तैयारी
एयरफोर्स पायलट बनने के लिए सबसे ज्यादा जरूरी है हिम्मत और जज्बा। इसके लिए मानसिक और शारीरिक, दोनों तरह से स्वस्थ होना आवश्यक है। अगर आप में दोनों चीजें हैं तो आप इस क्षेत्र के बारे में गंभीरता से सोच सकते हैं। फ्लाइंग ऑफिसर बनने के लिए क्वालिफिकेशन के आधार पर दो तरह की परीक्षा आयोजित की जाती है, एक ग्रेजुएट स्तर की और दूसरी अंडर ग्रेजुएट स्तर की। ग्रेजुएट स्तर की परीक्षा में शामिल छात्रों को चाहिए कि वे ग्रेजुएशन या इंजीनियरिंग स्तर पर पढ़ाए जाने वाले विषयों का गंभीरता से अध्ययन करें और अंडर ग्रेजुएट छात्रों को दसवीं और बारहवीं के गणित और विज्ञान विषयों पर विशेष ध्यान देना चाहिए। परीक्षा के दौरान रीजनिंग और सामान्य ज्ञान से संबंधित सवाल भी पूछे जाते हैं, इसलिए उनकी तैयारी भी जरूरी है। आप चाहें तो कोचिंग भी ले सकते हैं। 

एयरफोर्स पायलट बनने के रास्ते
भारतीय वायुसेना में पायलट बनने के कई रास्ते हैं। पहला नेशनल डिफेन्स एकेडमी, दूसरा कंबाइंड डिफेंस सर्विस यानी (सीडीएसई), तीसरा एनसीसी स्पेशल एंट्री और चौथा एसएससी परीक्षा द्वारा।

नेशनल डिफेन्स एकेडमी (एनडीए)
योग्यता
कोई भी भारतीय नागरिक, जिसकी उम्र 16 से 19 वर्ष के बीच है और जो भौतिक विज्ञान, गणित और अंग्रेजी विषयों से बारहवीं पास या उसके समकक्ष है, एनडीए परीक्षा में बैठने योग्य है। लेकिन खास बात यह है कि इस परीक्षा में केवल पुरुष उम्मीदवार ही हिस्सा ले सकते हैं। 

आवेदन का समय
यूपीएससी द्वारा साल में दो बार मई और दिसंबर महीने में विज्ञापन जारी किया जाता है, जिसे आप कमीशन की वेबसाइट (www.upsc.gov.in) पर देख सकते हैं।

किस तरह की ट्रेनिंग
बहादुर नौजवान भारतीय वायुसेना का हिस्सा बन सकते हैं। एनडीए के बाद शुरुआती चयन प्रक्रिया के बाद उम्मीदवार को भारतीय वायुसेना के लिए चयनित किया जाता है। उसके बाद तीन साल की ट्रेनिंग के लिए राष्ट्रीय रक्षा अकादमी के खड़गवासला स्थित प्रशिक्षण केंद्र में भेजा जाता है। प्रशिक्षण के दौरान प्रशिक्षु पायलटों को हर तरह के हथियार और विमान चलाने का प्रशिक्षण दिया जाता है। प्रशिक्षण पूरा करने के बाद प्रशिक्षु पायलटों को वायुसेना में परमानेंट कमीशंड अधिकारी का दर्जा प्राप्त हो जाता है और देश में मौजूद किसी भी एयरफोर्स स्टेशन में पोस्टिंग दे दी जाती है।    

कंबाइंड डिफेंस सर्विस एग्जामिनेशन (सीडीएसई)
इस परीक्षा द्वारा पुरुष उम्मीदवार वायुसेना में परमानेंट कमीशन अधिकारी बन जाते हैं।

योग्यता
कोई भी भारतीय नागरिक, जिसकी उम्र 19 से 23 वर्ष के बीच है और जो भौतिक विज्ञान (फिजिक्स), गणित और अंग्रेजी विषयों से ग्रेजुएट, बीटेक, बीई या उसके समकक्ष है, इस परीक्षा में बैठने योग्य है। जो छात्र ग्रेजुएशन के फाइनल सेमेस्टर की परीक्षा दे रहे हैं, वे भी इस परीक्षा में बैठने योग्य हैं, लेकिन खास बात यह है कि इस परीक्षा में केवल पुरुष उम्मीदवार ही हिस्सा ले सकते हैं। 

आवेदन का समय
यूपीएससी द्वारा साल में दो बार जून और अक्तूबर महीने में विज्ञापन जारी किया जाता है, जिसे आप कमीशन की (वेबसाइट (www.upsc.gov.in) पर देख सकते हैं।

एनसीसी स्पेशल एंट्री (केवल पुरुषों के लिए)
नेशनल कैडेट कॉर्प्स (एनसीसी) के एयर विंग सीनियर डिविजन से सी-सर्टिफिकेट धारक एनसीसी कैडेट सीधे भारतीय सेना की फ्लाइंग शाखा के लिए आवेदन कर सकते हैं। जिनकी नियुक्ति इस रास्ते से होती है, उन्हें भी भारतीय वायुसेना में परमानेंट कमीशन दिया जाता है।  

योग्यता
कोई भी अविवाहित भारतीय नागरिक, जिसकी उम्र 19 से 23 वर्ष के बीच है और जो किसी भी मान्यताप्राप्त विश्वविद्यालय से 60 प्रतिशत अंकों के साथ भौतिक विज्ञान, गणित और अंग्रेजी विषयों से ग्रेजुएट, बीटेक, बीई या उसके समकक्ष है और साथ ही उसके पास एनसीसी के एयर विंग सीनियर डिविजन से सी-सर्टिफिकेट है, इस परीक्षा में बैठने योग्य है। जो छात्र अपने ग्रेजुएशन के फाइनल सेमेस्टर की परीक्षा दे रहे हैं, वे भी इस परीक्षा में बैठने योग्य हैं। इसके लिए बारहवीं और ग्रेजुएशन, दोनों स्तरों पर आपके पास विज्ञान विषय होना अनिवार्य है।

आवेदन का समय
एनसीसी कैडेट्स को इसके लिए एनसीसी के डीजी या एयर स्क्वाड्रन से संपर्क करना होगा।

एसएससी परीक्षा (पुरुष और महिला, दोनों के लिए)
भारतीय वायुसेना सेना की फ्लाइंग ब्रांच के लिए एसएससी परीक्षा द्वारा भी आवेदन किया जा सकता है। जिनकी नियुक्ति इस रास्ते से होती है, उन्हें भी इंडियन एयरफोर्स में 14 सालों के लिए शॉर्ट सर्विस कमीशन दिया जाता है।  

योग्यता
कोई भी अविवाहित भारतीय नागरिक, जिसकी उम्र 19 से 23 वर्ष के बीच है और जो किसी भी मान्यताप्राप्त विश्वविद्यालय से 60 प्रतिशत अंकों के साथ भौतिक विज्ञान, गणित और अंग्रेजी विषयों से ग्रेजुएट, बीटेक, बीई या उसके समकक्ष है, साथ ही जिसके पास एनसीसी के एयर विंग सीनियर डिविजन से सी-सर्टिफिकेट प्राप्त है, इस परीक्षा में बैठने के योग्य है। जो छात्र ग्रेजुएशन के फाइनल सेमेस्टर की परीक्षा दे रहे हैं, वे भी इस परीक्षा में बैठने योग्य हैं। इसके लिए बारहवीं और स्नातक, दोनों स्तरों पर आपके पास विज्ञान विषय होने अनिवार्य हैं। ऐसे कमर्शियल पायलट, जिनकी उम्र 25 साल है, उनके लिए भी इस परीक्षा में सुनहरा मौका है। ऐसे उम्मीदवारों को डीजीसीए द्वारा कमर्शियल पायलट होने का लाइसेंस मिला होना चाहिए।

आवेदन का समय
भारतीय वायुसेना द्वारा एसएससी के माध्यम से एयर फोर्स कॉमन एंट्रेस टैस्ट (एएफसीएटी) के लिए साल में दो बार जून और दिसंबर के महीने में आवेदन आमंत्रित किए जाते हैं, जिसकी जानकारी आप www.ssc.nic.in और www.careerairforce.nic.in से ले सकते हैं। 

वेतनमान और सुविधाएं
सेना में सबसे बेहतरीन सेलरी पैकेज अगर किसी का है तो वह है एयर फोर्स पायलट का। यहां तक कि ट्रेनिंग के दौरान भी प्रशिक्षु पायलटों को 21 हजार रुपए प्रति माह स्टाइपेंड के रूप में  मिलते हैं। इसके साथ ही सरकार द्वारा पायलटों को रहने के लिए सरकारी सुविधा, स्वास्थ्य सुविधा और बच्चों के लिए मुफ्त शिक्षा जैसी सुविधाएं भी दी जाती हैं। एक ट्रेंड एयरफोर्स पायलट का शुरुआती वेतन लगभग 50 हजार के आसपास होता है।

विशेषज्ञ की राय
आर्टिफिशियल नहीं, ओरिजनल पर्सनेलिटी चाहिए वायुसेना पायलट के लिए
एसके पाठक,ग्रुप कैप्टन (सेवानिवृत्त)
भारतीय वायु सेना।
प्रिंसिपल, एआईआईए, देहरादून

जो भी युवा भारतीय वायुसेना से जुड़ना चाहते हैं, उन्हें चहुंमुखी प्रतिभा का धनी होना चाहिए। अगर आप भारतीय वायुसेना में पायलट बनने का सपना बुन रहे हैं तो इसके लिए किसी कोचिंग या अन्य तरह की विशेष ट्रेनिंग की आवश्यकता नहीं है। दरअसल कोचिंग संस्थान बच्चे को एक आर्टिफिशियल लुक दे देते हैं और हमें ओरिजनल और सामान्य पर्सनेलिटी वाले बच्चों का चयन करना होता है। आपको चाहिए कि आप अपने गणित और अंग्रेजी विषयों पर विशेष ध्यान दें। साथ ही करेंट अफेयर्स और रीजनिंग पर भी ध्यान देना जरूरी है। आपकी इंटेलिजेन्स आपके बेहद काम आ सकती है। इसके साथ ही शारीरिक तौर पर फिट होना भी आवश्यक है। इसके लिए नियमित कसरत और स्कूल में खेले जाने वाले खेल आपके लिए मददगार साबित हो सकते हैं। हमें कोई बहुत बड़े खिलाड़ी की आवश्यकता नहीं है, बल्कि सामान्य शारीरिक संरचना वाले बच्चे ही काफी हैं।

 
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