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बहरेपन का इलाज स्टेम सेल से होगा
लंदन, एजेंसी
First Published:14-09-12 06:25 PM
बहरेपन के शिकार लोगों को इस समस्या से निजात दिलाने में अब स्टेम कोशिकाओं को इस्तेमाल किया जा सकेगा।
यूनाइटेड किंगड़म की शैफील्ड यूनीविर्सटी ने इस मामले में जानवरों में स्टेम कोशिकाओं की मदद से सुनने की समस्या से निजात दिलाने के बाद इंसानों में भी इनके इस्तेमाल के विषय में काफी महत्वपूर्ण काम किया है।
शोधकर्ताओं ने बताया कि गैरिबल्स में कान की नसों में स्टेम कोशिकाओं के इस्तेमाल से उनके सुनने की क्षमता में थोडा इजाफा हुआ है। कान की यह नसें ही मस्तिष्क को आवाज की सूचना देती हैं।
अगर ऐसे ही परिणाम इंसानों में भी देखने को मिलते हैं तो ट्रैफिक का शोर भी नहीं सुन पाने लोगों को बातचीत सुनने के लायक स्थिति में लाया जा सकेगा हालांकि शोधकर्ताओं ने यह भी माना कि इंसानों में इस तरह का इलाज शुरू किए जाने से पहले अभी काफी शोध किया जाना बाकी है।
अगर आप रेडियो पर कुछ सुनना चाहते हैं या दोस्तों से बात सुनना चाहते हैं तो आपके कानों को आवाज की तंरगों को हवा में इलेक्ट्रिक तरंगों में बदला पडता है जिसे दिमाग समझता है। यह सब कान के अंदरूनी हिस्से मे होता है जहां इस संवेदनों को छोटे-छोटे बालों से गुजरना पडता है जो इन संवेदों को इलेक्ट्रिक सिग्नलों में बदलते हैं।
ठीक से नहीं सुन पाने वाले लगभग 10 में से एक वयक्ति नर्व कोशिका के क्षतिग्रस्त होने के कारण नहीं सुन पाता है यह नस कोशिका संवेदों को पकड़ने का काम करती है। शोधकर्ताओं का मुख्य उद्देश्य इस कोशिका की जगह एक नई कोशिका लगा देना है।
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