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यह है डिमेंशिया का प्रारंभिक लक्षण
लंदन, एजेंसी
First Published:12-06-12 03:01 PM
वृद्धावस्था में चाल में धीमापन डिमेंशिया या स्मृतिलोप का पूर्व लक्षण हो सकता है। एक नये अध्ययन में ऐसा कहा गया है।
अमेरिका के ओरेगन हेल्थ एंड साइंस यूनिवर्सिटी द्वारा किए गए इस अध्ययन में पाया गया कि वद्धावस्था में चाल में धीमापन आना डेमेंशिया का पूर्व लक्षण हो सकता है।
अध्ययनर्ता हिरोको डोडगे ने कहा कि अपने अध्ययन में हमने एक नई तकनीक का इस्तेमाल किया। हमने घरों की छतों पर इंफ्रारेड सेंसर लगाए, यह प्रणाली कमरे में चलते समय व्यक्ति की चाल की जांच करती है।
हिरोको ने कहा कि इस विधि से हमने लोगों की चाल में आने वाले बदलाव के बारे में पता लगाया जिसका प्रभाव डिमेंशिया के शुरुआती दौर का पता करने में किया गया।
इस अध्ययन में 93 लोगों को शामिल किया गया जिनकी उम्र 70 साल या उससे ज्यादा थी और ये अकेले रहते थे। इनमें से 54 लोगों में डिमेंशिया के शुरूआती लक्षण पाए गए।
इन लोगों को उनके चाल की गति के अनुसार अलग-अलग समूहों में बांटा गया। इससे पता लगा कि जिनमें डिमेंशिया के शुरुआती लक्ष्ण थे उनकी चाल अन्य से धीमी थी।
डोडगे ने कहा कि अगर डिमेंशिया का पता शुरुआती अवस्था में लग जाए तो पीड़ित लोगों का सही समय पर इलाज किया जा सकता है और इस बीमारी को और बढ़ने से रोका जा सकता है।
अमेरिका के ओरेगन हेल्थ एंड साइंस यूनिवर्सिटी द्वारा किए गए इस अध्ययन में पाया गया कि वद्धावस्था में चाल में धीमापन आना डेमेंशिया का पूर्व लक्षण हो सकता है।
अध्ययनर्ता हिरोको डोडगे ने कहा कि अपने अध्ययन में हमने एक नई तकनीक का इस्तेमाल किया। हमने घरों की छतों पर इंफ्रारेड सेंसर लगाए, यह प्रणाली कमरे में चलते समय व्यक्ति की चाल की जांच करती है।
हिरोको ने कहा कि इस विधि से हमने लोगों की चाल में आने वाले बदलाव के बारे में पता लगाया जिसका प्रभाव डिमेंशिया के शुरुआती दौर का पता करने में किया गया।
इस अध्ययन में 93 लोगों को शामिल किया गया जिनकी उम्र 70 साल या उससे ज्यादा थी और ये अकेले रहते थे। इनमें से 54 लोगों में डिमेंशिया के शुरूआती लक्षण पाए गए।
इन लोगों को उनके चाल की गति के अनुसार अलग-अलग समूहों में बांटा गया। इससे पता लगा कि जिनमें डिमेंशिया के शुरुआती लक्ष्ण थे उनकी चाल अन्य से धीमी थी।
डोडगे ने कहा कि अगर डिमेंशिया का पता शुरुआती अवस्था में लग जाए तो पीड़ित लोगों का सही समय पर इलाज किया जा सकता है और इस बीमारी को और बढ़ने से रोका जा सकता है।
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