शनिवार, 28 फरवरी, 2015 | 12:22 | IST
  RSS |    Site Image Loading Image Loading
ब्रेकिंग
रिटर्न में बतानी होगी विदेश की संपत्तिविदेश में काला धन मिलने पर जुर्माना 300 फीसद के हिसाब सेपंजाब, तमिलनाडु, हिमाचल में एम्स का एलान54 फीसदी युवा आबादी के लिए दक्षता योजना की ज़रूरतकैशलेस ट्रांजेक्शन को बढ़ावा देना हैगुजरात में फाइनेंशियल सेंटर तैयाररक्षा में पहले ही विदेशी निवेश की इजाजतइनकम टैक्स में कोई बदलाव नहींरोजगार बढ़ाने के लिए कार्पोरेट टैक्स का रेट घटेगाटैक्स में कोई नया फायदा नहींइनकम टैक्स का स्लैब पुराना वाला ही रहेगारोड और रेल के लिए टैक्स फ्री बॉन्डपीएम कृषि सिंचाई योजना में 3 हजार करोड़ और देंगेज्यादा टैक्स मिलेगा तो मनरेगा को 5 हजार करोड़ और देंगेअल्पसंख्यकों के लिए नई मंजिल योजना5 नई अल्ट्रा मेगा बिजली परियोजना का प्रस्तावई बिज पोर्टल की शुरुआत, परमिशन के लिए भटकना नहीं पड़ेगादो लाख का दुर्घटना बीमा देगी सरकारअटल पेंशन योजना का ऐलानप्रधानमंत्री बीमा योजना शुरु करेंगेअटल पेंशन योजना: एक हजार सरकार देगी, एक हजार लोग देंगेबिना दावे के EPF और PPF के पैसे से गरीबों के लिए योजनागरीबी रेखा से नीचे के बुजुर्गों के लिए पीएम बीमा योजनामुद्रा के लिए 20 हजार करोड़ की निधिसब्सिडी लीक को कम करेंगेअगले साल सातवां वेतन आयोगछोटे उद्योगों के लिए मुद्रा बैंकमनरेगा के लिए 34699 करोड़ग्रामीण विकास फंड के लिए 25 हजार करोड़मुझे उम्मीद है कि अमीर लोग गैर सब्सिडी छोड़ेंगेजरूरतमंदों के खाते में सब्सिडी सीधे पहुंच रही हैसब्सिडी जरूरतमंदों तक पहुंचाने पर जोरमहंगाई दर 5.1 फीसदी है: जेटलीवित्तीय घाटा 3 प्रतिशत से कम करेंगे: जेटलीइंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश की कमी: जेटलीकृषि में पैदावार बढ़ानी है: जेटलीसरकारी घाटे को काबू में करना है: जेटली20 हजार गांवों तक बिजली पहुंचाएंगे2022 तक बेरोजगारी को खत्म कर देंगे2022 तक सभी के लिए घर का लक्ष्य: जेटलीहमने महंगाई पर काबू किया है: जेटलीजनधन आधार मोबाइल का इस्तेमाल करेंगेसब्सिडी के लिए JAM का इस्तेमालदुनिया में मंदी का माहौल है: जेटलीलोगों की जिंदगी बेहतर करना है लक्ष्य: जेटलीराज्य बराबर के भागीदार होंगे: जेटलीजेटली ने पुरानी सरकार पर निशाना साधालोकसभा की कार्रवाई शुरुकैबिनेट की बैठक में बजट को मिली मंजूरी
प्रोटीन के नुकसान से बुढ़ापे में मसूड़ों में परेशानी
लंदन, एजेंसी First Published:18-04-12 04:34 PM
Image Loading

यदि आपके शरीर में डेल-1 प्रोटीन का स्तर कम हो रहा है तो इसकी वजह से आपको बुढ़ापे में मसूड़ों से सम्बंधित बीमारियां हो सकती हैं। एक नए शोध में यह खुलासा हुआ है।

पेरियोडोन्टाइटिस मसूड़ों की एक बीमारी है, जिसमें मसूड़ों से खून निकलता है और दांतों के आसपास की हड्डियां कमजोर होती हैं। इससे दांतों को नुकसान पहुंचता है। इस बीमारी में मुंह के कीटाणुओं के प्रति प्रतिरोधक तंत्र अतिसक्रिय हो जाता है। उम्र बढ़ने के साथ लोगों के इस बीमारी से ग्रस्त होने का खतरा बढ़ता जाता है।

'नेचर इम्युनोलॉजी' जर्नल के मुताबिक लंदन के क्वीन मैरी विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं का कहना है कि डेल-1 के सम्बंध में समझ बढ़ाकर और प्रतिरोधक तंत्र पर इसके प्रभाव के अध्ययन से मसूड़ों की बीमारियों की रोकथाम या इलाज में मदद मिल सकती है।

क्वीन मैरी में माइक्रोबायोलॉजी के प्रोफेसर व अध्ययनकर्ता माइक कर्टिस कहते हैं, ''पेरियोडोन्टाइटिस एक बहुत सामान्य परेशानी है और हम जानते हैं कि उम्र बढ़ने के साथ यह बीमारी और भी आम हो जाती है।''

क्वीन मैरी ने एक वक्तव्य जारी कर कहा, ''यह शोध इस बात पर प्रकाश डालता है कि उम्र बढ़ने के साथ इस बीमारी का खतरा क्यों बढ़ जाता है। इस बीमारी के इलाज में यह एक पहला कदम है।''

इस शोध में कम उम्र के व बूढ़े चूहों के मसूड़ों पर शोध किया गया और देखा गया कि उम्र बढ़ने के साथ बीमारी का खतरा बढ़ गया और इसकी वजह डेल-1 का स्तर कम होना था। इस प्रोटीन को प्रतिरोधक तंत्र की क्रियाएं रोकने के लिए जाना जाता है। यह प्रोटीन रोग प्रतिरोधक क्षमता में अहम भूमिका निभाने वाली श्वेत रक्त कोशिकाओं को मुंह के ऊतकों से चिपकने व उन पर हमला करने से रोकता है।

 
 
 
टिप्पणियाँ
 
क्रिकेट स्कोरबोर्ड