बुधवार, 27 मई, 2015 | 15:17 | IST
 |  Site Image Loading Image Loading
ब्रेकिंग
बरेली: बरेलवी और देवबंदी विवाद के चलते कुतुबखाना मस्ज़िद पर ताले।डीएम की बुलाई बैठक में लंबी वार्ता के बाद भी नहीं बनी सहमति।
चुस्त और शरारती बच्चे बड़े होकर रहते हैं खुश
वाशिंगटन, एजेंसी First Published:04-05-11 03:45 PMLast Updated:04-05-11 03:47 PM
Image Loading

माता पिता को एक बात पर गौर करने की जरूरत है कि ऐसे बच्चे जो बचपन में चुस्त और शरारती रहते हैं, वे बड़े होकर अधिक खुशहाल जिंदगी जीते हैं। एक शोध में पाया गया है कि बड़े होने पर ऐसे बच्चों के अवसाद या बेचैनी का शिकार होने की आशंका कम ही रहती है।

डेइकिन यूनिवर्सिटी की अगुवाई में एक अंतरराष्ट्रीय दल ने पाया कि बचपन में शारीरिक रूप से सक्रिय रहने से बाद की जिंदगी में निराशा से बचने में मदद मिलती है। 2152 आस्ट्रेलियाई बच्चों का अध्ययन कर यह जानकारी दी गयी है।

शोधकर्ताओं ने पाया कि अधिक चुस्त और शरारतों भरा जीवन जीने वाले बच्चों की तुलना में शारीरिक रूप से कम सक्रिय रहने वाले बच्चों के बड़े होकर अवसाद की चपेट में आने की आशंका 35 फीसदी रही।

प्रमुख शोधकर्ता फेलिस जेका ने बताया कि बचपन वह अवस्था होती है जब दिमाग का विकास बेहद तेजी से होता है और बचपन में अधिक शारीरिक गतिविधियों का मस्तिष्क के विकास पर लाभकारी असर पड़ता है।

जेका ने कहा कि खेलकूद में व्यस्त रहने से बच्चों में तनाव प्रबंधन कौशल के विकसित होने में मदद मिलती है और ऐसे बच्चों किशोरावस्था में भावनात्मक रूप से अधिक संतुलित रहते हैं।

 
 
 
|
 
 
जरूर पढ़ें
क्रिकेट स्कोरबोर्ड
Image Loadingधौनी से कप्तानी के गुर सीखे : होल्डर
वेस्टइंडीज की वनडे टीम के युवा कप्तान जैसन होल्डर को लगता है कि चेन्नई सुपरकिंग्स के साथ बिताये गये दिनों में उन्हें किसी और से नहीं बल्कि भारत के सीमित ओवरों की टीम के कप्तान महेंद्र सिंह धौनी से कप्तानी के गुर सीखने को मिले थे।