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आलू में होते हैं भरपूर पोषण तत्व
नई दिल्ली, एजेंसी First Published:26-12-12 12:52 PM
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आलू मोटापा बढ़ाता है और मधुमेह रोगियों के लिए आलू खाना नुकासानदेह है, इन धारणाओं को खारिज करते हुए हार्टिकल्चर प्रोड्यूस मैनेंजमेंट इंस्टीट्यूट (एचपीएमआई) लखनऊ द्वारा जनहित में जारी एक पर्चे में कहा गया है कि आलू में वसा की मात्रा बेहद कम है और पश्चिमी देशों में मधुमेह रोगियों को आलू कम कैलोरी के भोजन के रूप में दिया जाता है।
    
एचपीएमआई ने इस पर्चे में केन्द्रीय आलू अनुसंधान संस्थान, शिमला के तकनीकी बुलेटिन संख्या़49 के हवाले से कहा है कि आलू मोटापा बढ़ाता है, यह भ्रांति है। कच्चे तथा उबले आलू में मात्र 0.1 प्रतिशत वसा होती है जो मोटापा नहीं बढ़ा सकती। इसे तेल या घी में तलने से ही वसा की मात्रा बढ़ती है। आलू को उबाल कर खाने से मोटापा नहीं बढ़ता।
    
मधुमेह रोगियों के लिए आलू खाने पर रोक के संबंध में इसमें कहा गया है, आलू की ग्लाइसेमिक इंडेक्स (ग्लूकोल की मौजूदगी का मानक) उंचा होने के कारण मधुमेह रोगियों को आलू खाने से मना किया जाता है। किन्तु आलू में संतुलित मात्रा में कार्बोहाइड्रेट तथा वसा की मात्रा कम होने के कारण पश्चिमी देशों में मधुमेह रोगियों के लिए इसे कम उर्जा वाले भोजन के रूप में देने की सिफारिश की जाती है जबकि उन देशों में आलू अधिक खाया जाता है।
    
आलू एक सम्पूर्ण आहार शीर्षक वाले इस पर्चे को हाल में भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान द्वारा पूसा में आलू पर आयोजित एक कार्यक्रम में बांटा गया। इसमें कहा गया है कि पश्चिम एशियाई ऐलोपैथी चिकित्सा पद्धति आलू के सेवन से परहेज करने के लिए संभवत: इसलिए सलाह देती है, क्योंकि पश्चिमी देशों में आलू की खपत दैनिक भोजन के रूप में अधिक होती है।
    
एचपीएमआई के अनुसार बेलारूस में प्रति व्यक्ति प्रतिवर्ष 653 किग्रा आलू की खपत होती है तथा पोलैंड में यह औसत 467 किग्रा का है। भारत में प्रतिव्यक्ति प्रतिवर्ष आलू का उपभोग 14.8 किग्रा है और भारत में आलू भोजन का महत्वपूर्ण भाग न होकर पापड़, चिप्स और नमकीन आदि में इस्तेमाल होता है।
    
पर्चे के अनुसार आलू के कन्द में 75-80 प्रतिशत पानी, 16-20 प्रतिशत कार्बोहाइड्रेट, 2.5 से तीन प्रतिशत प्रोटीन, 0.6 प्रतिशत रेशा, 0.1 प्रतिशत वसा तथा एक प्रतिशत खनिज पदार्थ पाये जाते हैं। इसके अतिरिक्त आलू में विटामिन और ग्लाइको अल्काइड भी थोड़ी मात्रा में पाये जाते हैं। शकरकन्द और अन्य कन्द की तुलना में यह कम कैलोरी प्रदान करता है। इसमें जोर दिया गया है कि आलू को उबालकर खाया जाना चाहिये इससे यह कम उर्जा वाले खाद्य का काम करता है और इससे मोटापा नहीं बढ़ता।
    

 
 
 
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