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पुरुषों के मुकाबले कम कसरत करती हैं महिलाएं
लंदन, एजेंसी
First Published:12-04-12 02:50 PM
Last Updated:12-04-12 02:55 PM
महिलाएं अवसाद और मैटाबॉलिक सिंड्रोम की चपेट में आने का खतरा खुद ही बढ़ा लेती हैं, क्योंकि वे रोजाना पुरुषों के मुकाबले बहुत कम कसरत करती हैं।
अमेरिका में ओरेगान स्टेट यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने पाया कि एक दिन में एक महिला को औसतन कसरत के लिए मात्र 18 मिनट का समय मिलता है जबकि पुरुष नियमित रूप से औसतन 30 मिनट कसरत करते हैं।
इससे महिलाओं के मैटाबोलिक सिंड्रोम का शिकार होने का खतरा बढ़ जाता है। मैटाबोलिक सिंड्रोम एक ऐसी अवस्था है जिसमें उच्च केलेस्ट्रोल, उच्च रक्तचाप, वजन बढ़ना, दिल की बीमारी और टाइप टू मधुमेह शामिल है।
प्रमुख शोधकर्ता पाल लोपिरांजी के हवाले से डेली टेलीग्राफ ने यह खबर दी है।
अमेरिका में ओरेगान स्टेट यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने पाया कि एक दिन में एक महिला को औसतन कसरत के लिए मात्र 18 मिनट का समय मिलता है जबकि पुरुष नियमित रूप से औसतन 30 मिनट कसरत करते हैं।
इससे महिलाओं के मैटाबोलिक सिंड्रोम का शिकार होने का खतरा बढ़ जाता है। मैटाबोलिक सिंड्रोम एक ऐसी अवस्था है जिसमें उच्च केलेस्ट्रोल, उच्च रक्तचाप, वजन बढ़ना, दिल की बीमारी और टाइप टू मधुमेह शामिल है।
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