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अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने सौरमंडल में शनि ग्रह के छठे सबसे बड़े चन्द्रमा एनकेलाडस पर जीवन होने की सम्भावना व्यक्त की है।
नासा के मुताबिक, एनकेलाडस की सतह के नीचे द्रवरूपी पानी मौजूद है जो वहां जीवन होने की सम्भावनाओं को प्रबल करता है। वैज्ञानिकों के मुताबिक, कैसिनी अंतरिक्ष यान के जरिये शनि के चन्द्रमा पर बर्फीले ज्वालामुखी पर्वतों और उनकी बर्फ के अध्ययन में उपग्रह की सतह के नीचे समुद्र की मौजूदगी के स्पष्ट संकेत मिले हैं।
पृथ्वी पर इस तरह के आयन झरनों और समुद्र की लहरों जैसे गतिमान जलमंच पर पैदा होते हैं।
ब्रितानी अखबार द डेली टेलीग्राफ की रिपोर्ट के मुताबिक, वैज्ञानिकों का मानना है कि एनकेलाडस पर अगर द्रवरूपी जल मौजूद है तो उस पर जीवन के लिये जरूरी स्थितियां भी मौजूद हो सकती हैं।
कैसिनी अंतरिक्षयान द्वारा ली गई नजदीकी तस्वीरों में दिखाया गया है कि एनकेलाडस की बर्फीली सतह पर पृथ्वी के समान पपड़ी फैली है जिसमें समय के साथ बदलाव हुआ है। नासा के वैज्ञानिकों का अनुमान है कि एनकेलाडस के दक्षिणी ध्रुव के नीचे मौजूद द्रव पानी ही है।

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