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चिकनगुनिया का भी कहर बढ़ा, 40 को डेंगू

शहर में डेंगू के साथ चिकनगुनिया का भी कहर चल रहा है। हैलट अस्पताल में बुधवार को डेंगू के दो दर्जन मरीज आए तो चिकनगुनिया के मरीजों में और इजाफा हो गया है। तीन दर्जन मरीजों में चिकनगुनिया के लक्षण मिले हैं। शहर भर से जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के माइक्रोबायोलॉजी में 116 डेंगू के ब्लड सैम्पल भेजे गए। 40 मरीजों में डेंगू की पुष्टि हो गई है। मौसम बदलने के बाद भी शहर में डेंगू, चिकनगुनिया और बुखार के मरीजों में कमी नहीं आ रही है। हैलट अस्पताल में मरीजों की भीड़ लगी रही। डॉक्टरों ने जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के माइक्रोबायोलॉजी विभाग में सौ से ज्यादा सैम्पल भेजे गए हैं। जिसमें 40 में डेंगू के साफ लक्षण मिले हैं लेकिन बुधवार को चिकनगुनिया के मरीजों में खासा इजाफा हुआ है। इस बीच हैलट के बाल रोग विभाग में भी बुखार पीड़ित बच्चों का आना तेज हो गया है। हैलट अस्पताल के मेडिसिन विभाग में एक दिन में 1467 मरीज सिर्फ बुखार के आए। मेडिसिन में सभी वार्ड फुल हो चुके हैं। मरीजों की भीड़ को देखते हुए मेडिसिन में एक दर्जन जूनियर डॉक्टरों की तैनाती की गई है। मेडिसिन के डॉक्टरों ने माइक्रोबायोलॉजी विभाग में पचास सैम्पल भेजे जबकि अन्य सैम्पल उर्सला समेत निजी अस्पतालों ने भेजे। ओपीडी में चिकनगुनिया के मरीजों की काफी भीड़ आई। बच्चों में बी बुखार बढ़ने लगा है इसलिए हेड डॉ. यशवंत राव ने बुखार के गंभीर बच्चों को अलग वार्ड में रखने को कहा ताकि संक्रमण किसी और को न हो सके। साथ ही उन्होंने सीनियर रेजीडेंटों की बारी-बारी से ड्यूटी लगा दी है। मरीजों की भीड़ अब इसलिए बढ़ रही है क्योंकि डॉक्टर एंटीबायोटिक देकर केस बिगाड़ रहे हैं। हैलट के प्रमुख अधीक्षक प्रो. आरसी गुप्ता का कहना है कि मेडिसिन विभाग में अतिरिक्त बेड की व्यवस्था की गई है। किसी भी मरीज को वापस नहीं किया जाएगा। अब सभी को भर्ती कर अलग वार्ड के साथ मेडिसिन वार्ड में भी भर्ती कर इलाज देने को कहा गया है। उधर, निजी अस्पतालों में मरीजों की भीड़ के चलते सीएमओ ने रोज-रोज बुखार के मरीजों का रिकॉर्ड मांग लिया है। इस समय सभी बड़े नर्सिंग होम फुल हो गए हैं। मरीजों को इंतजार करने के लिए कहा जा रहा है। अगर मरीज की हालत आईसीयू की है तो भी अस्पताल प्रशासन के अधिकारी मरीजों को भर्ती नहीं कर पा रहे। हालत यह है कि बड़े अस्पतालों की ओपीडी में मरीजों को देख रहे डॉक्टर अपने मरीजों को भर्ती नहीं कर पा रहे हैं इसलिए अब नर्सिंग होम एसोसिएशन ने सभी को सलाह दी है कि अतिरिक्त वार्ड बनाकर मरीजों के लिए इंतजाम कर लें।

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  • Web Title:chikanguniya Attack in Kanpur