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दुआएं बे-असर, पेंसाइटोपेनिया से पीड़ित श्रेया ने तोड़ा दम

इत्रनगरी की 13 वर्षीय श्रेया की पेन्साइटोपेनिया जैसी घातक बीमारी से लम्बे संघर्ष के बाद बुधवार देररात लखनऊ के पीजीआई में मौत हो गई। मौत की खबर आते ही जहां परिजनों में कोहराम मच गया। वहीं दुआएं करने वाले भी निराश नजर आए।

इत्रनगरी के बड़ा बाजार मोहल्ला निवासी रवि सेठ की पुत्री श्रेया एक पब्लिक स्कूल की कक्षा आठ में पढ़ाई कर रही थी। 23 अक्टूबर को डेंगू जैसी घातक बीमारी की चपेट में आ गई थी। इलाज के लिए बच्ची के परिजनों ने कानपुर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया। यहां हालत में सुधार न होने पर छह नवंबर को डॉक्टरों ने उसे लखनऊ के पीजीआई के लिए रेफर कर दिया। जांच होने के बाद डॉक्टरों ने बच्ची को पेंसाइटोपेनिया नामक घातक बीमारी से ग्रस्त होने की बात बताई। स्टेम सेल ट्रांसप्लांट का इलाज करने को कहा,जिसके लिए करीब 15 लाख खर्चा होने का अनुमान बताया गया। बच्ची की जान बचाने के लिए परिजनों की आर्थिक कमजोरी आड़े आने लगी। बीमार बच्ची की जानकारी इत्रनगरी के कुछ समाज सेवी लोगों को हुई। उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से बच्ची की मदद के लिए लोगों से गुहार लगाई। श्रेया की मां ने मुख्यमंत्री राहत कोष से आर्थिक मदद की मांग की थी। पीड़िता की मांग को संज्ञान लेते हुए सीएम राहत कोष से दस लाख की आर्थिक सहायता दी गई। आखिरकार सारी मदद नाकाफी हुई और श्रेया की जान को नहीं बचा सकी। श्रेया ने बुधवार की देररात पीजीआई में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।

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  • Web Title:Devotions ineffective, Pensaitopenia suffering Shreya broken
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