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VIDEO: कैश किल्लत से कानपुर, फर्रुखाबाद, बांदा और हरदोई में हंगामा

कानपुर, लाइवहिन्दुस्तान टीम First Published:02-12-2016 01:41:38 PMLast Updated:02-12-2016 06:26:40 PM
VIDEO: कैश किल्लत से कानपुर, फर्रुखाबाद, बांदा और हरदोई में हंगामा

शहरों एक तरफ एटीएम हाफ रहे हैं और बैंक कैश के लिए रो रहे हैं। वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में तो बहुत बुरा हाल है। 15-15 दिनों से एटीएम शोपीस बने हुए हैं और बैंक की शाखाओं में मांग के सापेक्ष बहुत कम कैश पहुंच पा रहा है। कैश की किल्लत के चलते शुक्रवार सुबह फर्रुखाबाद, हरदोई और बांदा में नाराज लोगों ने हंगामा किया और बैंक के बाहर तालाबंदी कर जाम लगा दिया। वहीं कानपुर में कचहरी स्थित सिंडीकेट और यूको बैंक में कैश न मिलने पर नाराज वकीलों ने हंगामा काटा। बवाल से डरे बैंककर्मियों ने काम करने से मना कर दिया है। उनका कहना है कि असुरक्षा के इस माहौल में काम करना मुश्किल है।

सैलरी वीक ने बढ़ाया संकट

लोगों के खातों में सैलरी और पेंशन आ गई है। महीने की शुरुआत में लोगों को तत्काल कैश की जरूरत होती है। इसकी के चलते बैंकों का बोझ काफी बढ़ गया है। दिसंबर माह के दूसरे दिन भी बैंकों में कैश की मारामारी रही। रिजर्व बैंक ने मांग की तुलना में गुरुवार को महज तीस फीसदी ही रकम जारी हुई थी। इस वजह से कानपुर के लगभग आधे एटीएम खाली रह गए। स्थिति संभालने के लिए 275 शाखाओं को 15-15 लाख रुपए अलग से जारी किए गए जो मिनटों में खत्म हो गए। शुक्रवार को भी कमोवेश यही स्थित रही।

550 करोड़ से नहीं हुआ भला

एक दिसम्बर से सैलरी का दबाव देखते हुए आरबीआई के करेंसी चेस्टों से बुधवार को ही शहर की 770 शाखाओं में पैसा पहुंचा दिया गया था। बुधवार और गुरुवार के लिए बैंकों को लगभग 550 करोड़ रुपए जारी किए गए थे। सामान्य दिनों में एक दिन में 900 करोड़ रुपए की बैंकिंग होती है। एटीएम से औसतन 325 करोड़ रुपए रोज निकलता है। ये स्थिति तब थी, जब हजार और पांच सौ के नोट चलन में थे। अब हजार और पांच सौ के नोट बंद किए जा चुके हैं। यानी सारा लोड बैंकों की भुगतान प्रणाली पर पड़ गया है। ऐसे में आरबीआई से जितना पैसा आएगा, उतना ही बैंक ग्राहकों को दे पाएंगे। दूसरे शब्दों में कहें तो सामान्य दिनों में एक दिन में बैंकों और एटीएम से करीब 700 करोड़ रुपए निकलता है। जबकि संकटकाल में बैंकों को एक दिन में सिर्फ 275 करोड़ रुपए ही मिला है।

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