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आयकर विभाग ने छापों के लिए मांगी पैरामिलिट्री

आयकर विभाग ने छापों के लिए मांगी पैरामिलिट्री

आयकर छापों पर राजनीति का साया मंडराने लगा है। लाख प्रयासों के बावजूद आयकर विभाग को सिर्फ आश्वासन ही मिला। पुलिस फोर्स उपलब्ध नहीं कराई गई। परेशान आयकर विभाग ने केंद्र से अर्धसैनिक बलों की मांग की है। केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड से तो आयकर विभाग के लिए स्थायी फोर्स की टुकड़ी बनाने की मांग कर दी गई है।

विभागीय सूत्रों का कहना है कि चुनावी वर्ष होने की वजह से छापों के लिए कालेधन और नकली नोटों पर लगाम लगाने के उद्देश्य से आठ नवम्बर से हजार और पांच सौ के नोट बंद कर दिए गए थे। इसके बाद देश के कई हिस्सों में आयकर विभाग ने ताबड़तोड़ छापे मारकर भारी मात्रा में कालाधन जब्त किया। इसी कड़ी में आयकर विभाग ने उत्तर प्रदेश में भी छापे मारने की रणनीति बनाई। इसके लिए पुलिस फोर्स मांगी की गई थी लेकिन कानून व्यवस्था का हवाला देकर फोर्स देने से इनकार कर दिया गया।

इसके बाद आयकर निदेशालय जांच के प्रधान आयकर निदेशक ने सूबे के शीर्ष अफसरों से बात की और छापों के लिए पुलिस बल मांगा था। विभाग ने कहा कि छापे के लिए अधिकतम 60-70 फोर्स की जरूरत है। वहां से इनकार नहीं किया गया और जल्द से जल्द फोर्स देने का आश्वासन दिया गया लेकिन 22 दिन बाद भी एक सिपाही नहीं दिया गया।

पुलिस नहीं कर रही सहयोग

यूपी पुलिस के रवैये को देखते हुए आयकर विभाग ने केंद्र से पैरामिलिट्री फोर्स मांगी है। विभाग ने कहा है कि जल्द से जल्द अर्ध सैनिक बल, सीआरपीएफ, सीआईएसएफ या अन्य जवान दिए जाएं ताकि छापों की कार्रवाई को शीघ्र अमल में लाया जा सके। स्थिति की गंभीरता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि पिछले दिनों आयकर विभाग ने फोर्स के बिना ही लखनऊ के तुलस्यानी बिल्डर के परिसरों पर छापे मारे थे। जीरो सिक्योरिटी में की गई कार्रवाई इमरजेंसी एक्शन के तहत हुई थी, जिसमें 18 करोड़ रुपए की काली कमाई मिली। पुलिस फोर्स को लेकर यूपी पुलिस के रवैये को देखते हुए माना जा रहा है कि असहयोग की वजह आने वाले चुनाव हैं।

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  • Web Title: Para-military forces for raids sought by the Income tax Department
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