गुरुवार, 23 अक्टूबर, 2014 | 10:04 | IST
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ब्रेकिंग
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी दीवाली के मौके पर कुछ समय सैनिकों के साथ बिताने के लिए गुरुवार को सियाचिन का दौरा करेंगे।
इन पर होगी नजर
First Published:08-10-09 12:52 PMLast Updated:08-10-09 01:03 PM

कैप कोबराज (दक्षिण अफ्रीका)

जीन पॉल डुमिनी
जेपी डुमिनी नाम से मशहूर यह खिलाड़ी किसी भी वक्त गेयर बदलकर गेंदबाजों की अच्छी धुनाई कर सकता है। अपनी मजबूत बैटिंग के चलते ही इन्होंने न सिर्फ जल्दी ही दक्षिण अफ्रीकी टीम का मध्यक्रम का भार अपने कंधों पर ले लिया बल्कि आईपीएल टीम मुंबई इंडियंस ने उन्हें 9 लाख 50 हजार डॉलर (करीब साढ़ चार करोड़) का वार्षिक कॉन्ट्रेक्ट भी दे दिया। उनके ऊपर मुंबई इंडियंस के भरोसे को उन्होंने अपने बेहतरीन खेल से सही भी साबित किया। मैदान पर बेहतरीन फिल्डिंग करने वाला यह खिलाड़ी मुसीबत के समय टीम के लिए महत्वपूर्ण विकेट भी झटक सकता है।

हर्शल गिब्स
दुनिया के सबसे बेहतरीन फील्डरों में शुमार हर्शल गिब्स मैदान में बिजली सी फूर्ती से करतब दिखाते हुए अपनी टीम के लिए 20-25 रन रोकने में कामयाब रहते हैं। इसके अलावा उनकी धुंआधार बैटिंग के तो उनके विरोधी भी कायल हैं। बड़े से बड़ा स्कोर गिब्स की बल्लेबाजी के आगे बोना साबित हो सकता है और भारतीय मैदान उन्हें रास भी आते हैं।

 

डेक्‍कन चार्जर्स (भारत)

एंड्रयू साइमंड्स
अनुशासनहीनता के कारण आस्ट्रेलियाई टीम से बाहर निकाले गए साइमंड्स जितने ज्यादा विवादों में रहते हैं उतनी ही ज्यादा उनकी आक्रामक बल्लेबाजी की भी चर्चा होती है। मैदान पर जबरदस्त फील्डिंग और अपनी ऑफ ब्रेक गेंदों से वह विपक्षी बल्लेबाजों को चैन की सांस नहीं लेने देते। हर्शल गिब्स की अनुपस्थिति में डेक्कन चार्जर्स की बल्लेबाजी को साइमंड्स से बहुत उम्मीदें होंगी।

प्रज्ञान ओझा
आईपीएल के दोनों सीजन प्रज्ञान ओझा ने (पहले सीजन 11 व दूसरे सीजन 18 विकेट) शानदार प्रदर्शन कर भारतीय टीम में भी जगह बनाई। बाएं हाथ का यह ऑर्थोडॉक्स गेंदबाज दुनिया के किसी भी बल्लेबाज को अपनी फिरकी में बांध सकता है। स्पिनरों के लिए स्वर्ग माने जाने वाले भारतीय मैदानों पर और खासतौर पर अपने घरेलू मैदान हैदराबाद में प्रज्ञान किसी भी बैटिंग लाइनअप की बखिया उधेड़ सकते हैं।

आरपी सिंह
आईपीएल के दूसरे सीजन में सबसे ज्यादा 23 विकेट लेकर पर्पल कैप के विजेता आरपी सिंह ने अपनी टीम को चैंपियन बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया था। बांए हाथ के मध्यम तेज गेंदबाज आरपी शुरुआत में ही विपक्षी टीम को जबरदस्त झटके देकर बैकफुट पर धकलने में माहिर हैं। डेक्कन चार्जर्स को उनसे एक बार फिर आईपीएल वाली सफलता को दोहराने की उम्मीद होगी।

रोहित शर्मा
रोहित शर्मा को भारतीय टीम का भविष्य माना जाता है। आईपीएल सीजन 2 में डेक्कन चार्जर्स की तरफ से कुछ बेहतरीन पारियां खेलकर टीम को चैंपियन बनाने में उन्होंने अच्छा योगदान दिया। वह बुरे वक्त में अपनी टीम के लिए बेहतरीन गेंदबाजी भी कर सकते हैं और इसका मुजाहिरा उन्होंने किया मुंबई इंडियंस के खिलाफ एक मैच में हैट्रिक लेकर। रोहित जितनी अच्छी बल्लेबाजी और गेंदबाजी करते हैं उतनी ही फूर्ती उनकी फील्डिंग में भी दिखाई देती है।


दिल्ली डेयरडेविल्स (भारत)

विरेन्द्र सहवाग
दुनिया के सबसे विस्फोटक ओपनर माने जाने वाले विरेन्द्र सहवाग दुनिया के किसी भी गेंदबाजी लाइनअप की लाइन-लेंग्थ बिगाड़ने में माहिर हैं। किसी भी गेंदबाज के लिए विरेन्द्र सहवाग को सस्ते में निपटाना एक सपना हो सकता है। 200 से ज्यादा वनडे खेल चुके सहवाग की वनडे में 102, ट्वेंटी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में 145 का स्ट्राइक रेट उनकी विस्फोटक शैली को दर्शाता है। वक्त पड़ने पर वह अपनी ऑफब्रेक गेंदों से अच्छे-अच्छे बल्लेबाजों को पैवेलियन की राह दिखाने में भी महारत रखते हैं।

डिर्क नेन्स
एक गुमनाम सा गेंदबाज आईपीएल-2 में अचानक दिल्ली डेयरडेविल्स का मुख्य हथियार बन गया। डिर्क नेन्स ने आईपीएल-2 में किस तरह की गेंदबाजी की इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि उनके रहते महान आस्ट्रेलियाई गेंदबाज ग्लेन मैक्ग्राथ दूसरे सीजन एक भी मैच नहीं खेल पाए। आस्ट्रेलियाई टीम में जगह न मिलने के बाद नेन्स ने टी20 वर्ल्ड कप में नीदरलैंड की अगुवाई की और अब वे एक बार फिर से ऑस्ट्रेलियाई टीम में जगह बनाने के लिए चैंपियंस लीग में आईपीएल-2 के अपने प्रदर्शन को दोहराना चाहेंगे।

तिलकरत्ने दिलशान
पिछले कुछ समय से जबरदस्त फॉर्म में चल रहे तिलकरत्ने दिलशान ने सनथ जयसूर्या के साथ श्रीलंका के टॉप ऑर्डर को मजबूती दी है। अपनी धुंआधार बैटिंग से दिलशान किसी भी गेंदबाजी को मामूली साबित कर सकते हैं। विरेन्द्र सहवाग और गौतम गंभीर के साथ दिलशान दिल्ली डेयरडेविल्स को मुश्किल से मुश्किल लक्ष्य तक पहुंचाने का माद्दा रखते हैं। आईपीएल-2 में दिल्ली डेयरडेविल्स की टीम अंक तालिक में सबसे कम मैच हारकर टॉप पर बनी रही थी और इस बार दिलशान अपनी टीम को खिताबी जीत दिलाना चाहेंगे।

 

डायमंड ईगल (दक्षिण अफ्रीका)

बोएटा डिपेनार
मजबूत दक्षिण अफ्रीकी टीम के भरोसेमंद ओपनर रहे बोएटा डिपेनार न सिर्फ डायमंड ईगल को टॉप पर पहुंचाना चाहेंगे बल्कि शानदार प्रदर्शन कर आईपीएल टीमों में अपने लिए जगह भी तलाशेंगे। 50 ट्वेंटी20 मैचों में उनके नाम 100 से ज्यादा की स्ट्राइक रेट से 700 से ज्यादा रन हैं।

रेयान मैकलेरेन
बल्ले और गेंद दोनों से चमत्कारिक प्रदर्शन करने वाला यह खिलाड़ी एक बेहतरीन ऑलराउंडर है। मिडल ऑर्डर में तेजी से रन बटोरने वाला यह खिलाड़ी विपक्षी टीम के बल्लेबाजी ऑर्डर की धज्जियां उड़ाने में भी माहिर है।

 

न्यू साउथ वेल्स ब्ल्यूज (आस्ट्रेलिया)

ब्रेट ली
मौजूदा दौर में विश्व के सबसे तेज गेंदबाज ब्रेट ली अक्सर बल्लेबाजों को अपनी गेंदों से चिन म्यूजिक सुनाने के लिए मशहूर हैं। अपनी आग उगलती गेंदों से वह किसी भी बल्लेबाज को घुटने टेकने पर मजबूर कर सकते हैं। निचले क्रम में ब्रेट ली अपनी टीम के लिए बल्ले से भी अच्छा प्रदर्शन करने में सक्षम हैं।

फिलिप ह्यूजेस
जबरदस्त और धुंआधार बल्लेबाजी करके यह खिलाड़ी अपनी टीम को बेहतर स्थित में लाने में सक्षम है। ट्वेंटी20 में 63 की औसत बताती है कि वह सिर्फ बड़े शॉट ही नहीं खेलते बल्कि विकेट पर टिके रहने का भी आनंद उठाते हैं। अपनी जबरदस्त बल्लेबाजी के कारण ही उन्हें आस्ट्रेलियाई टीम के लिए खेलने का भी मौका मिल चुका है। चैंपियंस लीग में शानदार प्रदर्शन कर वह आस्ट्रेलियाई टीम में अपनी जगह पक्की करना चाहेंगे।


ओटागो वोल्ट्स (न्यूजीलैंड)

नील ब्रूम
2006-07 में नील ब्रूम ओटागो के लिए सबसे ज्यादा 644 रन बनाने वाले खिलाड़ी रहे। इसके बाद ब्रूम को न्यूजीलैंड की टीम में भी जगह मिली। यह बल्लेबाज अपनी टीम के मिडिल ऑर्डर का भार अपने कंधों पर लेकर चलता है। अपनी मीडियम गेंदबाजी से यह खिलाड़ी पार्टनरशिप तोड़ने का माद्दा रखता है।

ब्रेंडन मैक्कुलम
विकेट के पीछे खड़े होकर बल्लेबाजों की किसी भी गलती को अपने लिए भुनाने में माहिर यह खिलाड़ी बल्लेबाजी में भी उतना की मंझा हुआ है। इनकी धुंआधार बल्लेबाजी का नजारा भारतीय दर्शक आईपीएल के पहले सीजन में कोलकाता नाइट राइडर्स की तरफ से उद्घाटन मैच में धुआंधार 158 रन की पारी के दौरान देख चुके हैं। ओटागो वोल्ट्स को भारतीय जमीन पर हो रहे चैंपियंस लीग में अपने इस सीनियर बल्लेबाज से ऐसी ही कई पारियों की उम्मीद होगी।

 

रॉयल चैलेंजर्स बेंगलौर (भारत)

अनिल कुंबले
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से सन्यास ले चुके महान स्पिनर अनिल कुंबले ने अपनी जबरदस्त नेतृत्व क्षमता के बल पर आईपीएल-1 में निचले पायदान पर ही आरसीबी को आईपीएल-2 में फाइनल तक पहुंचाया। अनिल कुंबले भारत के सबसे सफल गेंदबाज रहे हैं। फिरकी का यह बादशाद अपनी गुगली से स्पिनरों का स्वर्ग कहे जाने वाले भारतीय मैदानों पर खेली जा रही चैंपियंस लीग में अच्छे-अच्छे बल्लेबाजों को अपनी फिरकी के जाल में फंसा सकता है।

रोबिन उथप्पा
फिलहाल भारतीय टीम से बाहर यह खिलाड़ी टीम इंडिया में फिर से जगह बनाने के लिए मौके की तलाश में है और चैंपियंस लीग से बेहतर प्लेटफॉर्म इनके लिए नहीं हो सकता। लंबे और बेखौप शॉट खेलने के लिए जाने जाने वाले रोबिन चैंपियंस लीग में अपनी टीम के लिए जबरदस्त प्रदर्शन कर भारतीय टीम का दरवाजा खटखटाना चाहेंगे। रोबिन की फील्डिंग तो अच्छी है ही कई मौकों पर अपनी मीडियम गेंदबाजी से भी टीम को फायदा पहुंचा सकते हैं।


समरसेट सीसीसी (इंग्लैंड)

जस्टिन लैंगर
पूर्व आस्ट्रेलियाई ओपनर जस्टिन लैंगर अपनी मजबूत बल्लेबाजी के लिए जाना जाता है। आस्ट्रेलियाई टीम से सन्यास ले चुका 38 वर्षीय यह खिलाड़ी ट्वेंटी20 में 1000 रन के करीब है। भारत में टेस्ट खेलते हुए खासे सफल रहे जस्टिन लैंगर को एक बार फिर अपने को साबित करना होगा।

बेन फिलिप्स
बेन फिलिप्स एक बेहतरीन ऑलराउंडर खिलाड़ी हैं। धुआंधार बैटिंग के साथ ही फिलिप्स फार्स्ट मीडियम गेंदबाजी से अच्छी से अच्छी बैटिंग लाइनअप को पैवेलियन भेजने की क्षमता रखते हैं। अंतरराष्ट्रीय मैच खेलने का अनुभव नहीं होने के कारण उन्हें भारत में अपने को साबित करना होगा।


ससेक्स शार्क्स(इंग्लैंड)

पीयूष चावला
पीयूष चावला एक अच्छे ऑलराउंडर हैं, लेकिन उन्हें अपनी लेग ब्रेक गेंदबाजी के लिए ज्यादा जाना जाता है। ससेक्स की ओर से खेलने वाला यह भारतीय स्पिनर स्पिनरों के लिए मुफीद अपने घरेलू मैदानों पर बेहद खतरनाक साबित हो सकता है। हालांकि उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कोई खास बल्लेबाजी नहीं की है लेकिन हाल ही में उन्होंने फर्स्ट क्लास क्रिकेट में शतक जड़ा है।

 

त्रिनिदाद और टोबेगो (वेस्टइंडीज)

ड्वेन ब्रावो
ड्वेन एक बेहतरीन ऑलराउंडर हैं और वेस्टइंडीज से खेलते हुए तब के कप्तान ब्रायन लारा को ब्रावो पर बहुत भरोसा होता था। ब्रावो ने जिस तरह से कैरेबियाई धरती पर भारतीय टीम को अपनी धुन पर नचाया था उसके कारण उन्हें वंडर ब्वाय भी कहा जाने लगा था। टेस्ट व वनडे दोनों में शतक जड़ चुके ब्रावो ने ट्वेंटी20 में भी शानदार इनिंग्स खेली हैं। इसके अलावा सटीक लाइन व लेंग्थ के साथ मीडियम तेज गेंदबाजी से वह विपक्षी बल्लेबाजी में खलबली मचाने में सक्षम हैं।

दिनेश रामदीन
भारतीय मूल का यह खिलाड़ी हालाकि कोई खास प्रदर्शन नहीं कर पाया है लेकिन भारतीय पिचों पर उनसे किसी चमत्कार की उम्मीद करना अतिशयोक्ति नहीं होगा। विकेट के पीछे से वह विपक्षी बल्लेबाज को कोई भी गलती करने का मौका नहीं देंगे।


विक्टोरिया बुशरेंजर्स (आस्ट्रेलिया)

कैमरून व्हाइट
इन्हें ट्वेंटी20 के सर्वश्रेष्ठ खिलाडियों में गिना जाता है। ट्वेंटी20 में 152 के स्ट्राइक रेट से 1300 से ज्यादा रन और 22 विकेट उन्हें एक बेहतरीन ऑलराउंडर साबित करते हैं। स्पिनरों के लिए मुफीद भारतीय मैदानों पर कैमरून की लेग ब्रेक गुगली बॉल अच्छे-अच्छे बल्लेबाजों की गिल्ली उड़ा सकती है। उपमहाद्वीप की सपाट पिचों पर उनके लंबे शॉट्स भी देखने लायक होंगे।

डेविड हसी
ट्वेंटी20 का माहिर यह खिलाड़ी अपनी धुंआधार बल्लेबाजी से कभी भी मैच का रुख बदलने का माद्दा रखता है। ट्वेंटी20 में 2000 से ज्यादा रन बना चुके डेविड हसी ने ऑफब्रेक गेंदबाजी से 27 बल्लेबाजों को पैवेलियन की भी राह दिखाई है। डेविड हसी भारतीय उपमहाद्वीप में शानदार प्रदर्शन कर आगामी भारतीय दौरे के लिए आस्ट्रेलियाई टीम में अपनी जगह और मजबूत करना चाहेंगे।

पीटर सिडल
आस्ट्रेलियाई टेस्ट टीम में अपनी जगह मजबूत कर चुका यह फास्ट मीडियम गेंदबाज पांच ट्वेंटी20 मैचों में 6 विकेट हासिल कर चुका है। पीटर ट्वेंटी20 में अपने प्रदर्शन को न सिर्फ सुधारना चाहेंगे, बल्कि आगामी भारतीय दौरे के लिए आस्ट्रेलियाई टीम में अपनी दावेदारी भी पेश करना चाहेंगे।

 

वयाम्बा इलेवन (श्रीलंका)

अजंथा मेंडिस
अपनी कैरम गेंद से बल्लेबाजों पर राज करने वाले अजंथा मेंडिस वयाम्बा के आक्रमण को धार देंगे। दाएं हाथ के इस गेंदबाज से सभी बल्लेबाज भय खाते हैं और स्पिनरों के मुफीद भारतीय मैदानों पर वह विपक्षी बल्लेबाजी कैंप पर कहर बरपा सकते हैं। अपने छोटे से कॅरियर में मेंडिस ने खासी सफलता हासिल करने के साथ ही बल्लेबाजों के दिल में जगह भी बनाई है।

महेला जयवर्धने
श्रीलंका का यह पूर्व कप्तान टेस्ट और वनडे दोनों में 8-8 हजार से ज्यादा रन बना चुका है। ट्वेंटी20 में 1000 रन के करीब जयवर्धने एक बेहतरीन फील्डर भी हैं। ट्वेंटी20 में उन्होंने 25 कैच के साथ ही मीडियम गेंदबाजी से 2 विकेट भी हासिल किए हैं। जहां वयाम्बा को उनसे बल्ले से अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद होगी वहीं वे चाहेंगे की फील्डिंग में भी जयवर्धने उनके लिए 20-25 रन रोकें।
 
 
 
 
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